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पति-बेटा दोनों को इस्लामी भीड़ ने मार डाला, थम नहीं रहे बुजुर्ग महिला के आँसू: गोदी में बच्चा लेकर सड़क पर महिलाएँ, BSF को ‘हत्यारा’ बता रहे ममता के मंत्री

बीजेपी सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर मुर्शिदाबाद समेत चार जिलों में AFSPA लगाने की माँग की है। उन्होंने कहा कि ये कदम उठाए जाने के बाद ही हिंदू बच पाएँगे।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में नए वक्फ कानून के खिलाफ इस्लामी कट्टरपंथियों की हिंसा में हिंदू समुदाय बुरी तरह प्रभावित है। समसेरगंज के धुलियान इलाके में सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस हिंसा में इस्लामी भीड़ ने हिंदुओं पर हमला किया, जिसमें एक पिता-पुत्र हरगोबिंद दास और चंदन दास को बेरहमी से मार डाला गया।

पश्चिम बंगाल हिंसा में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है और 150 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इस बीच, कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के बाद हिंसा प्रभावित इलाकों में पहुँची बीएसएफ पर भी हमला हुआ है। तो वहीं, ममता सरकार के मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने दावा कर दिया है कि लोग बीएसएफ की गोली से मारे गए हैं। वहीं, लोग पलायन के लिए मजबूर हो गए हैं।

बुजुर्ग महिला अपने पति और बेटे की मौत के बाद टूट चुकी है। उसका कहना है कि भीड़ ने उसके परिवार को बेरहमी से मार डाला। बीजेपी का दावा है कि इस हिंसा की वजह से 400 से ज्यादा हिंदू परिवारों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा। धुलियान से सैकड़ों हिंदू नावों के जरिए गंगा पार करके मालदा जिले के पार लालपुर में शरण ले रहे हैं।

हिंसा का शिकार हुई हिंदू महिलाएँ सड़कों पर अपने बच्चों को गोद में लिए रो रही हैं। बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें हिंदू परिवारों को भागते हुए देखा जा सकता है।

बीजेपी ने इसे हिंदुओं पर अत्याचार करार दिया और ममता बनर्जी की सरकार पर तीखा हमला बोला। बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता की तुष्टिकरण नीतियों की वजह से हिंदू सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने इसे ‘लोकतंत्र पर हमला’ बताया और जाँच के लिए NIA की माँग की। बीजेपी सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर मुर्शिदाबाद समेत चार जिलों में AFSPA लगाने की माँग की है। उन्होंने कहा कि ये कदम उठाए जाने के बाद ही हिंदू बच पाएँगे।

ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने इस हिंसा में BSF को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि मौतें BSF की गोली से हुईं, न कि राज्य पुलिस की। चौधरी ने यह भी दावा किया कि हिंसा में बाहरी लोग और बीजेपी कार्यकर्ता शामिल हो सकते हैं, जो ममता सरकार को बदनाम करना चाहते हैं।

बता दें कि हिंसा में पश्चिम बंगाल पुलिस पूरी तरह से नाकाम साबित हुई। इसके चलते सुवेंदु अधिकारी ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने हिंसा प्रभावित इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया। केंद्र ने 5 कंपनियों के साथ 300 BSF जवानों को तैनात किया। पुलिस ने हिंसा के बाद धारा 163 लागू की और इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दीं। डीजीपी राजीव कुमार ने अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी दी। हिंसा में 18 पुलिसकर्मी भी घायल हुए।

इस बीच, बीजेपी ने हिंसा में मारे गए लोगों की यादव में शहीद दिवस मनाने और काले बैज पहनकर मृतकों को श्रद्धांजलि देने का ऐलान किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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