Homeदेश-समाज'15 साल की मुस्लिम लड़की अपनी मर्जी से शादी करने के लिए स्वतंत्र': हाईकोर्ट...

’15 साल की मुस्लिम लड़की अपनी मर्जी से शादी करने के लिए स्वतंत्र’: हाईकोर्ट ने हिंदू लड़के से विवाह को सही ठहराया, सुरक्षा का दिया निर्देश

कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम लड़की की शादी मुस्लिम पर्सनल लॉ द्वारा संचालित होती है। सर दिनशाह फरदुनजी मुल्ला की किताब 'प्रिंसिपल्स ऑफ मोहम्मडन लॉ' के अनुच्छेद 195 में कहा गया है कि एक लड़का और लड़की 15 साल की आयु में यौवन हासिल कर लेता है, जो शादी के लिए योग्य मानी जाती है।

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किशोरवय मुस्लिम युवती अपनी मर्जी से शादी करने के लिए स्वतंत्र है और अगर उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो तो उसे सुरक्षा दी जानी चाहिए। उच्च न्यायालय ने यह फैसला एक वर्षीय मुस्लिम लड़की की याचिका पर सुनवाई के दौरान दी।

एक हिंदू लड़के से अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी करने वाली 17 साल की एक मुस्लिम लड़की ने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में याचिका दी थी। कोर्ट ने सुनवाई के लिए याचिका को स्वीकार करते हुए उक्त आदेश दिया।

लड़की के नाबालिग होने की दलील को खारिज करते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने कहा कि मुस्लिम लड़की के यौवन आरंभ होते ही वह स्वेच्छा से अपनी शादी कर सकती है और उसके अभिभावक को इसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट की बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता लड़की की उम्र 17 वर्ष है और वह अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ विवाह करने के योग्य है। जिस लड़के से वह विवाह कर रही है, उसकी उम्र करीब 33 साल है।

कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम लड़की की शादी मुस्लिम पर्सनल लॉ द्वारा संचालित होती है। सर दिनशाह फरदुनजी मुल्ला की किताब ‘प्रिंसिपल्स ऑफ मोहम्मडन लॉ’ के अनुच्छेद 195 में कहा गया है कि एक लड़का और लड़की 15 साल की आयु में यौवन हासिल कर लेता है, जो शादी के लिए योग्य मानी जाती है।

मलेरकोटला के एसएसपी को कपल की सुरक्षा का सुरक्षा का निर्देश देते हुए जस्टिस हरनरेश सिंह गिल ने कहा कि कोर्ट इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं कर सकता है कि याचिकाकर्ता की आशंका को दूर करने की जरूरत है। जस्टिस गिल ने कहा कि याचिकाकर्ता को संविधान में दिए उसके अधिकारों से इसलिए दूर नहीं किया जा सकता, क्योंकि उसने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी की है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जब भगवान पड़ते हैं बीमार… पुरी की जगन्नाथ परंपरा में 15 दिनों तक बंद हो जाते हैं मंदिर के द्वार: जानें भक्त-भगवान के इस...

पुरी में देव स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान जगन्नाथ के बीमार होने, अनसर गृह में विश्राम, गुप्त सेवा और रथयात्रा से जुड़ी अनोखी सनातन परंपरा।

PM मोदी की सेशेल्स यात्रा से भारत के UPI का वैश्विक विस्तार, बना दुनिया का 10वाँ देश: जानें दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम डिजिटल...

सेशेल्स में यूपीआई लागू होने से भारत के डिजिटल भुगतान का वैश्विक विस्तार तेज होगा। जानिए इसकी पूरी यात्रा, फायदे और भविष्य की योजना।
- विज्ञापन -