Sunday, July 14, 2024
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महिला श्रद्धालुओं से छेड़खानी, पुलिस के सामने कटते हैं पशु: मुस्लिम बहुल इलाके के महंत का दर्द – CM योगी के आने पर ढक दिया जाता है अतिक्रमण

"जब क्षेत्र में बने अवैध निर्माण को हटाने की माँग की जाती है तब प्रशासन वाले एक हिन्दू के घर के आगे बुलडोजर ले कर पहुँच जाते हैं। तस्लीम नाम के व्यक्ति ने यहाँ कई सरकारी जमीनों पर अवैध इमारतें खड़ी की हैं लेकिन उसको टोकने वाला कोई नहीं।"

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हरिद्वार रोड पर हापुड़ चुंगी के पास हिंडन विहार में एक मंदिर है, जिसका नाम ‘शिव मंदिर बालाजी धाम’ है। इस मंदिर के महंत मच्छेंद्र पुरी हैं। यह मंदिर महानिर्वाणी अखाड़े से सम्बंधित है। मंदिर कांवड़ यात्रा के मार्ग में लगभग 150 मीटर अंदर पड़ता है। हमारी नजर इस मंदिर पर गई तो हमने इसके महंत मछेन्द्र पुरी से 14 जुलाई, 2022 (गुरुवार) को मुलाकात की। उन्होंने बताया कि उस स्थान पर मुस्लिम आबादी अधिक होने के चलते उन्हें और वहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को कई समस्याओं से रूबरू होना पड़ता है।

महिला श्रद्धालुओं के साथ होती है छेड़खानी

महंत मछेन्द्र पुरी ने ऑपइंडिया को बताया, “हमारे यहाँ हिन्दू आबादी न के बराबर होने के चलते मंदिर में दान और अन्य धार्मिक सहयोग काफी कम हो गया है। मंगलवार को परम्परा के मुताबिक यहाँ बाहर से कुछ स्त्री-पुरुष पूजा-पाठ के लिए आते हैं। लेकिन उसमें कई बार महिला श्रद्धालुओं के साथ यहाँ के स्थानीय मुस्लिम अभद्रता करते हैं। हमने इसकी कई बार पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस आती है और उसके जाते ही फिर वही हालत हो जाते हैं। इस से यहाँ लोगों का आवागमन काफी कम हो गया है। जबकि इसी छोटे से क्षेत्र में 7-8 मस्जिदें हैं जिसमें बिलाल मस्जिद मुख्य है।”

24 जून 2022 को अरबाज नाम के आरोपित पर केस भी दर्ज हुआ था।

FIR Copy

बकरीद पर खुलेआम कटे गए बकरे

महंत मछेन्द्र पुरी ने आगे बताया, “मंदिर से कुछ ही दूर पर नूर ए इलाही मस्जिद के पास बकरीद में खुलेआम बकरे काटे गए थे जबकि CM योगी का आदेश था कि खुले में कुर्बानी नहीं होगी। कुर्बानी वाली जगह पर पुलिस मौजूद थी लेकिन उसने किसी को नहीं रोका। हमने एक वीडियो भी प्रशासन को टैग करते हुए ट्वीट करवाया था जिसमें एक कुत्ता बकरे का कटा सिर मुँह में लिए घूम रहा था लेकिन उस पर प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया।”

10 जुलाई को वीडियो के साथ हुआ ट्वीट:

क्षेत्र में होते हैं तमाम अवैध काम

हिंडन विहार का जिक्र करते हुए महंत मछेन्द्र पुरी ने कहा, “इस क्षेत्र में अधिकतर घर सरकारी जमीनों पर बसे हुए हैं। यहाँ तमाम प्रकार के अवैध काम होते हैं जो प्रशासन की जानकारी में हैं। किसी भी ब्रांड की कवर पॉलीथिन यहाँ मिल जाएगी। इसके अलावा जुआ और सट्टा भी यहाँ होता है। जब मैंने शुरू में इसका विरोध किया था तब एक महिला को भी मेरे खिलाफ चारित्रिक आरोप लगाने के लिए पैसे दे कर तैयार किया गया था। ईश्वर की दया से उस दिन मैं बाहर था और लांछन से बच गया। अब मैंने हर तरफ CCTV लगवा दिए हैं।”

हिंडन विहार में होने वाले तमाम अवैध कामों और श्रद्धालुओं से बदतमीजी के चलते महंत मछेन्द्र पुरी 9 जून 2022 को आत्मदाह की धमकी भी दे चुके हैं।

मोदी-योगी के दौरे पर ढक दिए जाते हैं अवैध अतिक्रमण

महंत ने आगे बताया, “सड़क के मुख्य मार्ग पर ग्रीन बेल्ट है जो सरकारी की जमीन है। उस पर न जाने कहाँ के मुस्लिमों ने डेरा डाल दिया है। उसमें से एक महिला कुछ समय पहले देह व्यापार भी करवाती पकड़ी गई थी। जब उस अवैध कब्ज़े के ठीक बगल से गुजरी मेट्रो का उद्घाटन करने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी एक साथ आए थे तब प्रशासन ने तिरपाल रख कर मुस्लिमों की उस अवैध बस्ती को ढक दिया था जिस से किसी की नजर न पड़े। जब क्षेत्र में बने अवैध निर्माण को हटाने की माँग की जाती है तब प्रशासन वाले एक हिन्दू के घर के आगे बुलडोजर ले कर पहुँच जाते हैं। तस्लीम नाम के व्यक्ति ने यहाँ कई सरकारी जमीनों पर अवैध इमारतें खड़ी की हैं लेकिन उसको टोकने वाला कोई नहीं।”

मुख्य सड़क से सटी और मेट्रो लाइन के बगल में बनी अवैध झुग्गियाँ

IPS सलमान ताज पाटिल ने हटा ली थी सुरक्षा

महंत मछेन्द्र पुरी का मंदिर नंदग्राम थानक्षेत्र में आता है। महंत ने आगे बताया, “भले ही सुरक्षा के लिए मंदिर में सिपाही तैनात किया गया है लेकिन यहाँ पर तो कई घटनाएँ पुलिस पर भी हाथ उठा देने की हुई हैं। तब हम लोगों ने जा कर वर्दी वालों को बचाया था। अखिलेश यादव की सरकार में यहाँ पर पोस्टेड एक पुलिस अधिकारी सलमान ताज पाटिल ने तो हमारे मंदिर की सुरक्षा भी हटा ली थी।”

मंदिर और वहाँ तैनात सुरक्षाकर्मी

हम पर ही बनाया जाता है दबाव

महंत मछेन्द्र पुरी ने आगे कहा, “मात्र 20 साल पहले यहाँ 98% हिन्दू थे जो अब पलायन कर गए हैं। मैं यहाँ से चला गया तो इस कॉलोनी के बचे लगभग 2% हिन्दू भी यहाँ से चले जाएँगे। इसलिए मैं न सिर्फ कट्टरपंथियों बल्कि भू माफियाओं की आँखों में भी खटकता हूँ। मैं आर्थिक रूप से कमजोर हूँ इसलिए मैं किसी को पैसे नहीं दे पाता। कई बार मुझ पर ही दबाव बनाया जाता है और प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने मुझे ही कई बार गलत ठहरा दिया। मैंने सुना है कि अबकी किसी बवाल में मेरी हत्या की भी साजिश रची गई है लेकिन मैं अपना काम जारी रखूँगा।”

बचे ग्रीन बेल्ट को बचाए रखने के लिए महंत ने लगाए राष्ट्रध्वज

ऑपइंडिया ने इस पूरे मामले में पुलिस का पक्ष जानने के लिए गाजियाबाद के SSP मुनिराज को सम्पर्क किया तो फोन उनके जनसम्पर्क अधिकारी (PRO) ने उठाया। उन्होंने बताया, “सर अभी काफी व्यस्त हैं और भीड़ बहुत है। अभी उनका वर्जन नहीं मिल पाएगा।” पुलिस का वर्जन आने के बाद उसे खबर में अपडेट किया जाएगा।

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राहुल पाण्डेय
राहुल पाण्डेयhttp://www.opindia.com
धर्म और राष्ट्र की रक्षा को जीवन की प्राथमिकता मानते हुए पत्रकारिता के पथ पर अग्रसर एक प्रशिक्षु। सैनिक व किसान परिवार से संबंधित।

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