Sunday, July 14, 2024
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‘हिंदुस्तानी मुस्लिमों के लिए सरहद खोले सरकार’: फिलिस्तीनी वीजा के लिए दिल्ली में आई अमीना शेख, ‘मजहब-जिहाद’ का दिखाया धौंस

7 अक्टूबर 2023 को आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर बर्बरतापूर्ण हमला करते हुए करीब 1400 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। वहीं, दो सौ से अधिक इजरायलियों को बंधक बनाकर अपने साथ गाजा पट्टी ले गए। इसके बाद से इजरायल ने गाजा पट्टी की घेरेबंदी करते हुए उसपर हमला बोल दिया है।

भारत के कट्टरपंथी मुस्लिम इस्लामी आतंकी संगठन हमास द्वारा किए गए हमले के बाद से खुलकर इजरायल का विरोध कर रहे हैं। वो फिलिस्तीन के नाम पर हमास का समर्थन कर रहे हैं। कई तो इजरायल के सर्वनाश की कामना भी कर रहे हैं। इस तरह की कई तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें फिलिस्तीन का समर्थन किया जा रहा है।

कुछ दिनों पहले भारतीय मुस्लिम और वामपंथी सांसदों का एक दल फिलिस्तीनी दूतावास पहुँचा था और उसे समर्थन दिया था। इसके बाद अब अमीना शेख नाम की एक महिला फिलिस्तीनी दूतावास पहुँची और वीजा की माँग करने लगी। महिला का कहना है कि वो फिलिस्तीन जाकर अपने ‘धर्म वालों के लिए’ इजरायल के खिलाफ लड़ाई लड़ेगी। अगर उसकी जान भी चली जाए तो कोई परवाह नहीं।

खोल दी जाएँ फिलिस्तीन-इजरायल की सरहदें

अमीना शेख नाम की महिला ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैं अपॉइंटमेंट लेने आई थी सर से। मुझे फिलिस्तीन जाना है तो मैं वीजा के लिए अप्लाई करने आई थी। कुछ इश्यू की वजह से वीजा नहीं हो पा रहा है। मैं आप लोगों (मीडिया) के माध्यम से सरकार से कहना चाहती हूँ कि फिलिस्तीन की सरहदें हिंदुस्तानी मुस्लिमों के लिए खोल दी जाएँ।”

जब अमीना से पूछा गया कि वह फिलिस्तीन क्यों जाना चाहती हैं तो उसने कहा, ”मैं क्यों जाना चाहती हूँ? क्या आप लोग नहीं देख रहे कि वहाँ फ़िलिस्तीन में क्या हो रहा है? आप लोग तो न्यूज वाले लोग हैं? क्या आप नहीं देख पा रहे हैं कि वहाँ किस तरह से बच्चों को मारा जा रहा है और फ़िलिस्तीन की स्थिति कितनी गंभीर है?”

इस्लाम में जान की कोई कीमत नहीं

जब पूछा गया कि क्या उसे अपनी जान का डर है तो उसने कहा, “भाई, मैं जिस मजहब से आती हूँ न, उसमें जान की कोई कीमत नहीं है। जान की कीमत से वो डरे, जो एक ही बार में खत्म हो सकता है। हम नहीं डरते। तो जान जो है न… देखिए, मौत जो है न बिस्तर पे भी आती है। जो ऐसी जंग लड़ते हैं न, उसे तारीख और इस्लाम याद रखता है।”

गाजा के लिए अपनी तैयारियों के बारे में विस्तार से बताते हुए महिला ने कहा, ”मैं यहाँ पूरी तैयारी के साथ आई हूँ। मैं अपने पासपोर्ट सहित अपने सभी दस्तावेज़ साथ लाई हूँ। मैं प्रधानमंत्री से भारत के लोगों के लिए दोनों देशों की सीमाएँ खोलने का आग्रह करती हूँ।”

गाजा के लिए इंडिया में क्राउड फंडिंग!

जब अमीन से पूछा गया कि क्या उसे इज़रायल में भारी बमबारी और युद्ध की स्थिति का डर है तो उसने कहा, “अगर मेरी किस्मत में वहाँ मरना लिखा है तो मैं निश्चित रूप से मरूँगी। और इसका मुझ पर कोई फर्क नहीं पड़ता। वहाँ पर लोगों की जितनी हेल्प हो सकती है हम उतना करेंगे। जो मुहिम हमने चालू किया है इंडिया के अंदर, मैं हिंदुस्तान के अंदर गाजा के लिए फंड इकट्ठा कर रहे हैं, हमारे माइनोरिटी कम्युनिटी के लोग।”

अमीना शेख ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दिए अपने संदेश में कहा, “उस लड़ाई के बारे में मत सोचो, जो तुम जीत नहीं सकते। मैं ऐसे शैतानों को यही कहूँगी कि उस जंग के बारे में कभी अपने दिल के अंदर ख्याल भी न लाओ, जिसे तुम जीतने के बारे में सोच भी नहीं सकते। इससे सिर्फ तुम्हारी ही बदनामी होगी।”

7 अक्टूबर को हमास ने किया था बर्बर हमला

बता दें कि 7 अक्टूबर 2023 को आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर बर्बरतापूर्ण हमला करते हुए करीब 1400 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। वहीं, दो सौ से अधिक इजरायलियों को बंधक बनाकर अपने साथ गाजा पट्टी ले गए। इसके बाद से इजरायल ने गाजा पट्टी की घेरेबंदी करते हुए उसपर हमला बोल दिया है।

इजरायल सीधी जमीनी लड़ाई के लिए तैयार है और उसके फाइटर जेट गाजा पर बम बरसा रहे हैं। अभी तक 5 हजार से अधिक लोग इजरायली पलटवार में मारे जा चुके हैं। इजरायल ने लेबनान में हिज्बुल्ला के हमले के बाद उसके भी ठिकानों को निशाना बनाया है तो गाजा के अंदर वो हमास और इस्लामिक जेहाद की कमर तोड़ रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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