Sunday, April 18, 2021
Home देश-समाज मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में वैक्सीन को लेकर खौफ, मस्जिदों-मौलवियों की ली जा रही मदद:...

मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में वैक्सीन को लेकर खौफ, मस्जिदों-मौलवियों की ली जा रही मदद: इमामों ने कहा – ‘हमारा विश्वास जीतो’

अहमदाबाद में मुस्लिम बहुल इलाकों में लोग वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं। बेंगलुरु में कई मुस्लिम बहुल वार्डस में लोग वैक्सीन लगवाने के लिए पहुँचे ही नहीं। गोधरा में तो जुमे की नमाज पर 50 मस्जिदों से...

देश के कई इलाकों में अल्पसंख्यक समुदाय के बीच कोरोना के टीके को लेकर कोई रुचि नहीं दिख रही है, जबकि ये महामारी फिर से दूसरी लहर लेकर भारत में आ गई है। बात देश की हाईटेक सिटी बेंगलुरु की करें तो यहाँ के स्वास्थ्य कर्मचारियों का कहना है कि मुस्लिम समाज में वैक्सीन को लेकर जागरूकता नहीं है और सरकार को इस मुद्दे को देखना पड़ेगा। मुस्लिम बहुल इलाकों में लोग वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं।

ये सब तब हो रहा है, जब सरकार टीकाकरण को ज्यादा से ज्यादा व्यापक बनाने में लगी हुई है और अब तक 6.31 करोड़ लोग इसका लाभ ले चुके हैं। BBMP (बृहत् बेंगलुरु महानगरपालिका) के कर्मचारियों का कहना है कि कई वार्डस में लोग वैक्सीन लगवाने के लिए पहुँचे ही नहीं। उन्होंने बताया कि कई बार मनाने के बावजूद लोगों ने वैक्सीन नहीं ली। ऐसे वार्डस में जागरूकता कार्यक्रम की आवश्यकता जताई गई है।

अधिकारियों का कहना है कि ये ट्रेंड न सिर्फ राजधानी बेंगलुरु, बल्कि पूरे कर्नाटक राज्य में देखने को मिल रहा है। वरिष्ठ महामारी विषेशज्ञ डॉक्टर गिरिधर आर बाबू ने कहा कि टीकाकरण के लिए मजहबी नेताओं और धर्मगुरुओं के साथ समन्वय बनाना पड़ेगा, क्योंकि भारत एक विभिन्न समुदायों वाला देश है। मौलानाओं का कहना है कि फेक न्यूज़ और साइड इफेक्ट्स के डर से मुस्लिम वैक्सीन नहीं लगवा रहे और सरकार ने इसे लेकर कुछ नहीं किया है।

शिक्षाविद अमीन ए मुदस्सर ने माना कि अल्पसंख्यक समुदाय से कोरोना का टीका लगवाने वालों की संख्या काफी कम है और फेक न्यूज़ के कारण लोग डरे हुए हैं, लेकिन मुल्ला-मौलवी लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि वो वैक्सीन लगवाएँ। अप्रैल 11 से 45 वर्ष से ऊपर के सभी लोग कोरोना वैक्सीन लगवा सकते हैं। जामा मस्जिद के इमाम मक़सूद इमरान रश्दी ने कहा कि सरकार को मौलवियों को साथ लेकर टीकाकरण अभियान चलाना चाहिए।

उन्होंने पूछा कि सरकार फेक न्यूज़ से निपटने और टीकाकरण अभियान को बढ़ावा देने के लिए क्या कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महामारी की शुरुआत से ही स्वास्थ्य सिस्टम, नेताओं और मीडिया ने मिल कर मुस्लिमों को जम कर बदनाम किया है, इससे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ा है और उनका विश्वास खोया है। उन्होंने कहा कि मीडिया और नेताओं को अब उनका विश्वास फिर से जीतना चाहिए।

गुजरात जैसे संपन्न राज्य में भी इस मामले में स्थिति ठीक नहीं है। अहमदाबाद में मुस्लिम बहुल इलाकों में लोग वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं। AMC (अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन) ने अब तक 3.2 लाख लोगों को टीके लगवाए हैं। इनमें से तीन इलाकों में स्थिति ठीक नहीं है। साउथ-वेस्ट जोन में 28,383 (8.84%), ईस्ट जोन में 29,201 (9.1%) और सेंट्रल जोन में 38,944 (12%) लोगों को वैक्सीन लगवाई गई है।

ध्यान देने वाली बात ये है कि ये तीनों ही क्षेत्र 60-70% मुस्लिम आबादी वाले हैं। मुस्लिम बहुल मकदमपुरा वार्ड के कॉन्ग्रेस पार्षद हाजी असरतबेग ने माना कि जिस तरह कोविड टेस्ट कराने के लिए मुस्लिम राजी नहीं थे, ठीक उसी तरह टीकाकरण को लेकर भी माहौल ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम लोग कही-सुनी बातों पर वैक्सीन को लेकर डर रहे हैं। AMC नमाज के द्वारा जागरूकता फैलाने में लगा हुआ है।

साथ ही मुस्लिम प्रतिनिधियों को आगे आकर वैक्सीन लगवाने के लिए बोला जा रहा है। सूरत और गोधरा में भी ऐसी ही स्थिति होने के कारण मुस्लिमों के बीच अभियान चलाया गया। AMC का कहना है कि कई प्रयासों के बावजूद मुस्लिम बहुल इलाकों से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। गोधरा में तो जुमे की नमाज पर 50 मस्जिदों से वैक्सीन को लेकर पॉजिटिव घोषणा करवाई गई। मस्जिदों से लोगों को बताया जा रहा है कि वैक्सीन लगवाना शरिया कानून के खिलाफ नहीं है।

साथ ही मुस्लिमों को सोशल मीडिया पर टीके के खिलाफ वायरल संदेशों पर विश्वास न करने को कहा जा रहा है। मुस्लिम समाज अच्छे से समझे, इसीलिए उर्दू में घोषणा हो रही है। गोधरा के एक कोविड सेंटर के संचालक जुबैर मामजी ने कहा कि घोषणा से पहले मुस्लिम डॉक्टरों के साथ बैठक की है, जिसमें वैक्सीन के सुरक्षित होने चर्चा हुई। मौलानाओं और मुस्लिम नेताओं की मदद वहाँ भी ली जा रही है।

भारत में पहला कोरोना विस्फोट भी दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज से हुआ था। हजारों जमाती देश के अलग-अलग मुस्लिम बहुल इलाकों में छिपे हुए थे और वहाँ मेडिकल टीम और पुलिस पर हमले किए जाते थे। कई मौलवियों ने मस्जिदों में भीड़ इकट्ठी करने से मना करने पर उलटा सरकारी दिशा-निर्देशों का ही विरोध जताया था। आजम खान जैसे नेताओं ने वैक्सीन पर विवादित बयान दिया। कई विपक्षी दल भी नकारात्मकता फैलाने में आगे थे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दूसरी लहर सँभल नहीं रही, ठाकरे सरकार कर रही तीसरी की तैयारी: महाराष्ट्र के युवराज ने बताया सरकार का फ्यूचर प्लान

महाराष्ट्र के अस्पतालों में न सिर्फ बेड्स, बल्कि वेंटिलेटर्स और ऑक्सीजन की भी भारी कमी है। दवाएँ नहीं मिल रहीं। ऑक्सीजन और मेडिकल सप्लाइज की उपलब्धता के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भारतीय सेना से मदद के लिए गुहार लगाई है।

10 ऑक्सीजन निर्माण संयंत्र, हर जिले में क्वारंटीन केंद्र, बढ़ती टेस्टिंग: कोविड से लड़ने के लिए योगी सरकार की पूरी रणनीति

राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए सरकार रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस स्टैन्ड पर ही एंटीजेन और RT-PCR टेस्ट की व्यवस्था कर रही है। यदि किसी व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे क्वारंटीन केंद्रों में रखा जाएगा।

हिंदू धर्म-अध्यात्म की खोज में स्विट्जरलैंड से भारत पैदल: 18 देश, 6000 km… नंगे पाँव, जहाँ थके वहीं सोए

बेन बाबा का कोई ठिकाना नहीं। जहाँ भी थक जाते हैं, वहीं अपना डेरा जमा लेते हैं। जंगल, फुटपाथ और निर्जन स्थानों पर भी रात बिता चुके।

जिसने उड़ाया साधु-संतों का मजाक, उस बॉलीवुड डायरेक्टर को पाकिस्तान का FREE टिकट: मिलने के बाद ट्विटर से ‘भागा’

फिल्म निर्माता हंसल मेहता सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस बार विवादों में घिरने के बाद उन्होंने...

फिर केंद्र की शरण में केजरीवाल, PM मोदी से माँगी मदद: 7000 बेड और ऑक्सीजन की लगाई गुहार

केजरीवाल ने पीएम मोदी से केंद्र सरकार के अस्पतालों में 10,000 में से कम से कम 7,000 बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व करने और तुरंत ऑक्सीजन मुहैया कराने की अपील की है।

SC के जज रोहिंटन नरीमन ने वेदों पर की अपमानजनक टिप्पणी: वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन की माफी की माँग, दी बहस की चुनौती

स्वामी विज्ञानानंद ने SC के न्यायाधीश रोहिंटन नरीमन द्वारा ऋग्वेद को लेकर की गई टिप्पणियों को तथ्यात्मक रूप से गलत एवं अपमानजनक बताते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणियों से विश्व के 1.2 अरब हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुईं हैं जिसके लिए उन्हें बिना शर्त क्षमा माँगनी चाहिए।

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

सोशल मीडिया पर नागा साधुओं का मजाक उड़ाने पर फँसी सिमी ग्रेवाल, यूजर्स ने उनकी बिकनी फोटो शेयर कर दिया जवाब

सिमी ग्रेवाल नागा साधुओं की फोटो शेयर करने के बाद से यूजर्स के निशाने पर आ गई हैं। उन्होंने कुंभ मेले में स्नान करने गए नागा साधुओं का...

’47 लड़कियाँ लव जिहाद का शिकार सिर्फ मेरे क्षेत्र में’- पूर्व कॉन्ग्रेसी नेता और वर्तमान MLA ने कबूली केरल की दुर्दशा

केरल के पुंजर से विधायक पीसी जॉर्ज ने कहा कि अकेले उनके निर्वाचन क्षेत्र में 47 लड़कियाँ लव जिहाद का शिकार हुईं हैं।

ऑडियो- ‘लाशों पर राजनीति, CRPF को धमकी, डिटेंशन कैंप का डर’: ममता बनर्जी का एक और ‘खौफनाक’ चेहरा

कथित ऑडियो क्लिप में ममता बनर्जी को यह कहते सुना जा सकता है कि वो (भाजपा) एनपीआर लागू करने और डिटेन्शन कैंप बनाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।

SC के जज रोहिंटन नरीमन ने वेदों पर की अपमानजनक टिप्पणी: वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन की माफी की माँग, दी बहस की चुनौती

स्वामी विज्ञानानंद ने SC के न्यायाधीश रोहिंटन नरीमन द्वारा ऋग्वेद को लेकर की गई टिप्पणियों को तथ्यात्मक रूप से गलत एवं अपमानजनक बताते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणियों से विश्व के 1.2 अरब हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुईं हैं जिसके लिए उन्हें बिना शर्त क्षमा माँगनी चाहिए।

रोजा-सहरी के नाम पर ‘पुलिसवाली’ ने ही आतंकियों को नहीं खोजने दिया, सुरक्षाबलों को धमकाया: लगा UAPA, गई नौकरी

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले की एक विशेष पुलिस अधिकारी को ‘आतंकवाद का महिमामंडन करने’ और सरकारी अधिकारियों को...
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,230FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe