Thursday, April 25, 2024
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किसी की माँ कोरोना संक्रमित होकर ठीक हो गईं… तो भी मोदी को नीचा दिखाने के लिए गिरोह बता रहा उसे फेक

"मैं ये दावे के साथ कह रहा हूँ कि ये झूठ बोल रहे हैं। मोदी भक्ति में ये इतना डूब चुके हैं कि इन्हें परसेप्शन क्रिएट करने के लिए माँ का सहारा लेना पड़ रहा है।"

भारत में कोरोना महामारी की दूसरी लहर बेहद घातक साबित हो रही है। इसी बीच कई पत्रकार सोशल मीडिया पर न केवल नफरत, बल्कि फेक न्यूज फैला रहे हैं। जब तक कोई व्यक्ति मोदी सरकार से घृणा नहीं करता, तब तक उन्हें खुशी नहीं मिलती है। हाल ही में इसी तरह की एक घटना सामने आई है। दरअसल, दूरदर्शन (डीडी) के पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने ट्विटर पर कोविड-19 संकट के बारे में अपना एक वाकया साझा किया, जिसको लेकर नवभारत टाइम्स के पत्रकार अवनीश मिश्रा ने उन पर अभद्र टिप्पणी है।

दूरदर्शन के पत्रकार श्रीवास्तव ने शुक्रवार (23 अप्रैल 2021) को ट्विटर पर लिखा, “मेरी माँ को कोरोना था, ऑक्सीजन लेवल 40% तक चला गया था। हम हॉस्पिटल भागे, वहाँ हालात देखे तो लगा भर्ती कराया तो अनहोनी होनी तय है। हमने ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर घर पर मँगाया, हिम्मत से दिन-रात परिवार ने सेवा की। अब वो कोरोना नेगेटिव हैं। पहले यह सब बताकर किसी को परेशान नहीं करना चाहता था।”

इस पर नवभारत टाइम्स के पूर्व पत्रकार अवनीश मिश्रा ने अपनी निम्न मानसिकता का परिचय देते हुए अशोक श्रीवास्तव के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि वह झूठ बोल रहे हैं कि उनकी माँ कोरोना संक्रमित हैं। उन्होंने कहा कि श्रीवास्तव मोदी सरकार का बचाव करने के लिए अपनी माँ का इस्तेमाल कर रहे। अवनीश मिश्रा के अनुसार चूँकि श्रीवास्तव “मोदी भक्त” हैं, इसलिए वे देश में मौजूदा ऑक्सीजन संकट से मोदी को दूर करने की कोशिश कर रहे थे।

उन्होंने ट्वीट किया, “मैं ये दावे के साथ कह रहा हूँ कि ये झूठ बोल रहे हैं। मोदी भक्ति में ये इतना डूब चुके हैं कि इन्हें परसेप्शन क्रिएट करने के लिए माँ का सहारा लेना पड़ रहा है।” अवनीश मिश्रा ने अपने विवादित ट्वीट में कहा कि अशोक श्रीवास्तव मोदी सरकार के बारे में ‘परसेप्शन’ बनाने के लिए अपनी ही माँ का इस्तेमाल कर रहे थे।

हालाँकि, श्रीवास्तव ने अपने ट्वीट में स्पष्ट रूप से बताया है कि वह वास्तव में अपनी माँ को अस्पताल लेकर गए थे, लेकिन वहाँ कोरोना मरीजों की स्थिति देखने के बाद उन्होंने महसूस किया कि वह घर पर ही अपनी माँ की बेहतर देखभाल कर सकते हैं। ऐसे में हर व्यक्ति को खुशी होगी कि अस्पताल में बिना भर्ती हुए उनकी माँ इस घातक संक्रमण से उबर गईं। मालूम हो कि कोरोना 45 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों के लिए बेहद खतरनाक है।

मिश्रा के अनुसार, श्रीवास्तव मोदी सरकार के लिए एक परसेप्शन बनाने के लिए अपनी खुद की माँ का इस्तेमाल कर रहे थे। लेकिन यहाँ ध्यान देना होगा कि श्रीवास्तव ने अपने ट्वीट में देश की वर्तमान स्थिति पर कोई भी टिप्पणी नहीं की है। उन्होंने यह भी नहीं कहा कि अस्पताल में बेड की कोई कमी नहीं है। उन्होंने तो केवल अपनी आप बीती ट्विटर पर साझा की है कि उनकी माँ कोरोना पॉजिटिव पाई गई थीं।

इन सब के बाद अशोक श्रीवास्तव भी नहीं रुके, उन्होंने भी मिश्रा को ट्वीट कर करार जवाब दिया है। उन्होंने लिखा, “ये पत्रकार है? ऐसे समय में भी नफरत फैला रहा है, ट्रोल कर रहा है। इसे ब्लॉक करना चाहता था, पर पहले इसे सबके सामने नंगा करना जरूरी है। तेरे इनबॉक्स में नंबर भेज रहा हूँ अपना। मेरे घर किसी डॉ. को लेकर आजा, सारी रिपोर्ट दिखाऊँगा और जाँच हो जाएगी। एक बाप की औलाद है तो भागना नहीं।”

इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट किया, “सुन बे चमन… मिश्रा तेरा इनबॉक्स बन्द है। मैं अपना ईमेल id भेज रहा हूँ, उस पर अपना नम्बर भेज तुझे सबूत भेजता हूँ, दुनिया के सामने नंगा करना जरूरी है और चाहे तो किसी डॉ. का नंबर भेज अपना जज बनाकर, वो फैसला कर देगा कौन झूठ बोल रहा है।”

बता दें कि देश को कोरोना वायरस और ऑक्सीजन संकट से बचाने के लिए भारतीय वायुसेना ने कमर कस ली है। गुरुवार (22 अप्रैल, 2021) को वायुसेना ने तीन खाली ऑक्सीजन कंटेनर को एयरलिफ्ट कर पश्चिम बंगाल के पानागढ़ पहुँचाया था। यहाँ से इन्हें भरने के बाद ऑक्सीजन की कमी का सामना कर रहे देश के अलग-अलग राज्यों में भेजा जाएगा। इस बात की जानकारी भारतीय वायुसेना के अधिकारी ने दी है। अधिकारी ने बताया कि वायुसेना ने इस काम में C-17 IL-76 हैवी लिफ्ट एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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