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‘गाँधी के शांति आंदोलन के कारण नहीं, नेताजी की वजह से मिली स्वतंत्रता’: नेताजी के भतीजे अर्धेंदु बोस ने कहा- इंग्लैंड के पूर्व PM भी यही मानते थे

इससे पहले सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता बोस ने कहा था, "इस देश में मेरे पिता और उनकी विरासत के साथ काफी गलत किया गया। मेरे पिताजी एक धर्मनिष्ठ हिंदू थे और वो धर्म के नाम पर लोगों की हत्या नहीं कर सकते थे, जैसा कि देश के बँटवारे के बाद हुआ था।"

महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Netaji Subhash Chandra Bose) की 125वीं जयंती पर उनके भतीजे अर्धेंदु बोस (Ardhendu Bose) का बयान सामने आया है। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) को बताया, “गाँधी के शांति आंदोलन के कारण भारत को स्वतंत्रता नहीं मिली। आजाद हिंद फौज और नेताजी की गतिविधियों ने इस देश को स्वतंत्रता दिलाई। इंग्लैंड के तत्कालीन प्रधानमंत्री क्लेमेंट रिचर्ड एटली ने भी इस बात को स्वीकार किया था।”

अर्धेंदु बोस से पहले सुभाष चंद्र बोस की बेटी अनीता बोस (Anita bose) ने जी न्यूज पर कहा था, “इस देश में मेरे पिता और उनकी विरासत के साथ काफी गलत किया गया। मेरे पिताजी एक धर्मनिष्ठ हिंदू थे और वो धर्म के नाम पर लोगों की हत्या नहीं कर सकते थे, जैसा कि देश के बँटवारे के बाद हुआ था।”

नेताजी की बेटी के मुताबिक, उनके पिता विद्रोही स्वभाव के थे। इसकी वजह से महात्मा गाँधी उन्हें अपने बस में नहीं कर पा रहे थे। कॉन्ग्रेस के एक धड़े ने नेताजी के साथ गलत किया, उनके साथियों की निंदा की गई। नेताजी के सहयोगियों को वो लाभ भी नहीं मिला, जो कि अंग्रेजों से लड़ने वालों को मिला था। नेताजी की मौत के बारे में अनीता मानती हैं कि विमान दुर्घटना में उनकी मौत के सबूत हैं और गुमनामी बाबा वाली कहानी हास्यास्पद है।

बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (23 जनवरी 2022) को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। स्वतंत्रता सेनानी के स्मारकीय योगदान को चिह्नित करने के लिए इस दिन को ‘पराक्रम दिवस’ (वीरता का दिन) के रूप में भी मनाया जाता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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