Homeदेश-समाज'एल्विश यादव हाजिर हों': YouTuber को नोएडा पुलिस का नोटिस, दूसरे थाने में ट्रांसफर...

‘एल्विश यादव हाजिर हों’: YouTuber को नोएडा पुलिस का नोटिस, दूसरे थाने में ट्रांसफर किया गया रेव पार्टी और साँप के ज़हर से नशा वाला केस

कस्टडी रिमांड के लिए पुलिस जल्द ही अदालत में आवेदन करेगी। रिमांड स्वीकृत हो जाने के बाद सभी आरोपितों से इस केस के बारे में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।

एक ताजा घटनाक्रम में नोएडा पुलिस ने बिगबॉस विजेता एल्विश यादव को नोटिस जारी किया है। नोटिस में एल्विश को अपना बयान देने के लिए हाजिर होने का आदेश दिया गया है। इसी मामले में गायक फैज़लपुरिया को पहले ही पुलिस का नोटिस मिल चुका है। एक पुराने वीडियो में फैज़लपुरिया और एल्विश एक साथ नजर आ रहे हैं। मामले की जाँच नोएडा पुलिस के थाना सेक्टर 49 से सेक्टर 20 पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर कर दी गई है।

नोएडा पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने ANI से बातचीत के दौरान बताया कि इस केस में जेल में बंद 5 आरोपितों का कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी चल रही है। कस्टडी रिमांड के लिए पुलिस जल्द ही अदालत में आवेदन करेगी। रिमांड स्वीकृत हो जाने के बाद सभी आरोपितों से इस केस के बारे में विस्तृत पूछताछ की जाएगी। इसी दौरान उन्होंने केस के थाना 49 से ट्रांसफर होने की जानकारी देते हुए अब विवेचना सेक्टर 20 थाने के एक सीनियर इंस्पेक्टर से कराए जाने की बात कही।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने गायक फैज़लपुरिया को भी नोटिस जारी किया है। फैज़लपुरिया एल्विश यादव के करीबी बताए जा रहे हैं। जाँच कर रही पुलिस को एक वीडियो मिला है जिसमें एल्विश और फैज़लपुरिया एक साथ दिखाई दे रहे हैं। 5 महीने पुराने इस वीडियो में साँपों और सँपेरों के भी सीन हैं। नोएडा पुलिस उन तमाम पार्टियों की वीडियो और CCTV फुटेज में जुटाने में लगी है जिसमें एल्विश यादव मौजूद रहे हों। ये पार्टियाँ राजस्थान और दिल्ली में हुईं थीं।

आरोपितों के खिलाफ इस से पहले गुरुग्राम में भी शिकायत दर्ज होने की जानकारी सामने आ रही है। हालाँकि उस पर कोई ठोस एक्शन नहीं लिया गया था। बताते चलें रेव पार्टी में साँपों के जहर के प्रयोग को ले कर नोएडा के सेक्टर 49 थाने में यूट्यूबर एल्विश यादव सहित कुल 6 आरोपितों पर 3 नवंबर, 2023 को FIR दर्ज हुई है। इस मामले में 5 आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार कर के जेल भेजा जा चुका है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -