Homeदेश-समाजनागपुर के दंगाइयों का मजहब तो आपको पता होगा ही, हम 51 का नाम...

नागपुर के दंगाइयों का मजहब तो आपको पता होगा ही, हम 51 का नाम लेकर भी आए हैं: पीड़ित हिंदू बोले- कब तक निभाएँगे ‘भाईचारा’, आज दुकान तोड़ी है… कल घर में घुसेंगे

एक पीड़ित हिन्दू ने कहा, "भाईचारे से रह रहे थे तो फिर इनको दुकान तोड़ने-गाड़ियाँ जलाने की क्या जरूरत थी? यहीं पर बुरहानपुर (मुस्लिम इलाका) है जहाँ एक भी दुकान नहीं तोड़ी गई। हम हिन्दू लोग हैं, हमारे ऊपर ही सब चीजें हो रही हैं। कब तक हम भाईचारे से रहेंगे।"

नागपुर के दंगे में हिन्दू दुकानों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। उनके पास ही मुस्लिमों की दुकानें भी थीं, उन्हें छोड़ दिया गया। मुस्लिम भीड़ के दंगे के दौरान प्रभावित हिन्दुओं ने पूछा है कि आखिर वह इस तरह से कैसे एकतरफा भाईचारे को निभा पाएँगे। इस बीच पुलिस लगातार नागपुर के दंगाइयों पर कार्रवाई कर रही है।

मीडिया से बात करते हुए एक पीड़ित हिन्दू ने कहा, “भाईचारे से रह रहे थे तो फिर इनको दुकान तोड़ने-गाड़ियाँ जलाने की क्या जरूरत थी? यहीं पर बुरहानपुर (मुस्लिम इलाका) है जहाँ एक भी दुकान नहीं तोड़ी गई। हम हिन्दू लोग हैं, हमारे ऊपर ही सब चीजें हो रही हैं। कब तक हम भाईचारे से रहेंगे।”

उन्होंने आगे पूछा, “क्या हमने एक भी दुकान उनकी तोड़ी, ना हमने कुछ किया। हम तो पैसे कमाने के लिए हैं… ये बात पैसे की नहीं है, बात की इज्जत नहीं है। आज इन्होंने हमारी दुकान पर हमला किया है। कल को यह घर में घुसेंगे। तो फिर क्या होगा।” पीड़ित को आप इस वीडियो में 1 मिनट 28 सेकंड के बाद सुन सकते हैं।

पीड़ित हिन्दू ने पूछा कि अभी तो रोज बवाल के बाद लोग अपने घर वापस चले जाते हैं लेकिन ऐसे कब तक चलेगा। एक और पीड़ित ने बताया, “रात को 4-5 लोग पहले आए। उनके बाद 100 से ज्यादा लोग पेट्रोल बम, तलवार और लाठी-डंडे लेकर आ गए।”

पीड़ित ने बताया कि उसकी गाड़ी को निशाना बनाकर आग लगाई गई। पीड़ित को मुस्लिमों को फेंके पत्थर भी लगे, जिसमें वह घायल हो गए। एक हिन्दू महिला ने बताया कि दंगाई भीड़ ने घरों में घुसने का प्रयास भी किया। दंगे के बाद पुलिस अब FIR दर्ज कर रही है।

ऐसी ही एक FIR में मुस्लिम दंगाइयों को नामजद किया गया है। इसमें यासिर, फयाज, अल्ताफ, इकबाल, अक्सार और वसीम समेत 51 लोग आरोपित बनाए गए हैं। पुलिस ने 500-600 अज्ञात आरोपितों के खिलाफ भी FIR लिखी है। इस बीच यह भी सामने आया है कि दंगे के दौरान भीड़ ने एक महिला पुलिस अधिकारी को घेर लिया था।

उसकी वर्दी फाड़ी गई थी और अश्लील इशारे भी किए गए थे। इस मामले में FIR भी दर्ज की गई है। गौरतलब है कि सोमवार (17 मार्च, 2025) इस्लामी कट्टरपंथी भीड़ ने कुरान जलाने की अफवाह के नाम पर नागपुर में काफी उत्पात मचाया था। उन्होंने पुलिस पर पथराव किया था और पार्किंग में खड़ी गाड़ियाँ भी जला दी थीं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पटरियों पर अब हाइड्रोजन की ताकत, पहली फ्यूल सेल ट्रेन का जिंद-सोनीपत ट्रैक पर हाई स्पीड ट्रायल सफल: जानिए कैसे बदलेगा भारतीय रेलवे का...

जिंद-सोनीपत रेलखंड पर भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सफल ट्रायल पूरा हुआ। जल्द यात्री सेवा शुरू होगी, जिससे स्वच्छ परिवहन को नई दिशा मिलेगी।

बलिदानियों के सम्मान को भी कॉन्ग्रेस ने बनाया प्रोपेगेंडा, मोदी सरकार को घेरने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर फैलाया झूठ: जानें- क्या है ‘एक...

जिन बलिदानियों के नाम सरकार द्वारा छुपाने का दावा कॉन्ग्रेसी नेता पवन खेड़ा कर रहे हैं, वे नाम पहले से ही देश के सामने आ चुके थे।
- विज्ञापन -