Homeदेश-समाज'मेरा एक भाई मुजाहिद (जिहाद करने वाला) और एक भाई जेल में': बोली पहलगाम...

‘मेरा एक भाई मुजाहिद (जिहाद करने वाला) और एक भाई जेल में’: बोली पहलगाम हमले के मुख्य आरोपित आदिल की बहन, 2 आतंकियों के घरों पर चला बुलडोजर

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आदिल गुरी की गतिविधियाँ लंबे समय से संदिग्ध थीं। वह लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ है।पहलगाम हमले के बाद से वह फरार है। उसके खिलाफ बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सरकारी एजेंसियाँ अब आदिल गुरी के नेटवर्क और उसके पाकिस्तानी कनेक्शन की गहन जाँच में जुटी हैं।

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भयावह आतंकवादी हमले में 28 लोगों की मौत के बाद सुरक्षाबलों की कार्रवाई तेज कर दी है। इस हमले में शामिल लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकवादियों- आसिफ शेख और आदिल हुसैन थोकर उर्फ आदिल गुरी के मकानों को सुरक्षाबलों ने ध्वस्त कर दिया है। इनमें से एक आतंकी का घर पुलवामा के त्राल में है और दूसरे का अनंतनाग जिले के बिजबेहरा में है।

आदिल पहलगाम हमले का मुख्य आरोपित है। आदिल साल 2018 में वैध रूप से पाकिस्तान गया था। वहाँ उसने आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़कर आतंकी प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद वह पिछले साल जम्मू-कश्मीर लौट आया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि वह आतंकियों के स्थानीय गाइड का काम कर रहा था। दोनों आतंकियों पर 20-20 लाख रुपए के इनाम घोषित किए गए हैं।

इस बीच, इस्लामी आतंकी आदिल गुरी के परिवार वालों ने खुद को इस पूरे मामले से अलग बताया है। आदिल की बहन ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मेरा एक भाई जेल में है और दूसरा मुजाहिद (इस्लाम के लिए लड़ने वाला या जिहाद करने वाला) है, लेकिन हमारा परिवार निर्दोष है। हमें इस हमले की कोई जानकारी नहीं है।”

आदिल की बहन ने आरोप लगाया है कि जब वह अपने घर में मौजूद थीं, तब सुरक्षाबल के जवान आए और उसे पड़ोसियों के घर जाने को कहा। इसके बाद जवानों ने मकान में बम जैसी कोई चीज रखकर उसे उड़ा दिया। उसका यह भी आरोप है कि परिवार के लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आदिल गुरी की गतिविधियाँ लंबे समय से संदिग्ध थीं। वह लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन से जुड़ा हुआ है।पहलगाम हमले के बाद से वह फरार है। उसके खिलाफ बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सरकारी एजेंसियाँ अब आदिल गुरी के नेटवर्क और उसके पाकिस्तानी कनेक्शन की गहन जाँच में जुटी हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -