Tuesday, May 18, 2021
Home देश-समाज 'दाऊद के कितने गुर्गे आज सांसद, विधायक, मंत्री बने हुए हैं?': वोहरा कमिटी की...

‘दाऊद के कितने गुर्गे आज सांसद, विधायक, मंत्री बने हुए हैं?’: वोहरा कमिटी की रिपोर्ट पर एक्शन के लिए SC में याचिका

"दाऊद के गुर्गे सांसद, विधायक और मंत्री हैं। दाऊद के गुर्गों को पद्म अवार्ड मिला है। विश्वास नहीं है तो वोहरा जी बात करिए। वोहरा रिपोर्ट की एक कॉपी उनके पास है। संसद के पटल पर मात्र 11 पेज रखा गया, जबकि वोहरा कमेटी रिपोर्ट 110 पेज की है। वोहरा रिपोर्ट को सार्वजनिक करना चाहिए।"

अपराध और राजनीति की मिलीभगत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद वोहरा कमिटी की रिपोर्ट को लेकर चर्चाओं का बाजार फिर से गर्म हो गया है। शुक्रवार (नवंबर 20, 2020) को अधिवक्ता एवं भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने 1993 की वोहरा कमिटी की रिपोर्ट पर एक्शन के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। तत्कालीन केंद्रीय गृह सचिव एनएन वोहरा की नेतृत्व वाली कमिटी ने आपराधिक नेटवर्कों, सरकारी अधिकारियों और नेताओं के बीच के नेक्सस की जाँच की थी।

उपाध्याय ने ध्यान दिलाया कि इस रिपोर्ट का 100 पन्नों का एक अपूर्ण वर्जन 1995 में संसद में रखा गया था, जिससे उसकी वैधता को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को ये जानने का अधिकार है कि किन अपराधियों-अधिकारियों-नेताओं के नेक्सस का पता चला था, ताकि पारदर्शिता बनाई रखी जा सके। उन्होंने ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल ट्रायल कोर्ट्स के गठन का भी आदेश दिया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से निम्नलिखित निवेदन किए:

  • वोहरा कमिटी की पूर्ण रिपोर्ट सभी जाँच एजेंसियों के निदेशकों को भेजी जाए।
  • एनआईए, सीबीआई, आईबी, ईडी सहित अन्य एजेंसियों को वोहरा कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने के लिए कहा जाए, ताकि अपराधी-नेता नेक्सस की पोल खुले।
  • लोकपाल को भी इस रिपोर्ट के आधार पर नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा जाए।
  • इन जाँच एजेंसियों की जाँच की निगरानी के लिए एक न्यायिक कमिटी का गठन किया जाए।
  • वोहरा कमिटी की रिपोर्ट में जिन नेताओं और सरकारी अधिकारियों के नाम हैं, उन्हें पद्मश्री सहित मिले अन्य सरकारी अवॉर्ड्स को वापस छीन लिया जाए।

‘संडे गार्डियन लाइव’ के एक लेख के अनुसार, वोहरा कमिटी की रिपोर्ट के सामने आने से कई नेताओं-अधिकारियों की पोल खुल सकती है। महाराष्ट्र और गुजरात के तब के कई नेताओं ने अंडरवर्ल्ड, खासकर दाऊद इब्राहिम और इक़बाल मिर्ची के साथ अपने सम्बन्ध बना लिए थे। मार्च 1993 में बॉम्बे बम ब्लास्ट के बाद बनी इस कमिटी ने 3 महीने की जाँच के बाद रिपोर्ट दिए थे। अमित शाह ने भी आरोप लगाया था कि एनसीपी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने इक़बाल मिर्ची की पत्नी हाजरा मेमन के साथ वित्तीय लेनदेन किया था।

अमित शाह ने इसे देशद्रोह करार देते हुए कहा था कि इसके दस्तावेजी साक्ष्य भी मौजूद हैं, जिसे पटेल ने नकार दिया था। 70 के दशक से लेकर 90 के दशक तक दाऊद और इक़बाल की कई नेताओं ने मदद की थी। 1995 में रिपोर्ट के 11 पन्ने सार्वजनिक जरूर किए गए थे, लेकिन इसमें सिर्फ एक ही नाम था और वो भी इक़बाल मिर्ची का। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि कैसे 80 के दशक में दारू-सिगरेट की तस्करी करने वाला मिर्ची रियल एस्टेट का बड़ा कारोबारी बन गया।

मिर्ची के न सिर्फ कई बैंक एकाउंट्स थे, बल्कि वो अपने आदमियों को ही लाखों रुपए देता था और उसकी संपत्ति करोड़ों की हो गई थी। साथ ही लिखा था कि कुछ नेताओं के संरक्षण के कारण उसके खिलाफ सरकारी एजेंसियाँ भी कुछ नहीं कर पाती थीं। राज्यसभा सांसद दिनेश त्रिवेदी ने संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की माँग की, लेकिन वो सफल नहीं हुए। कहा जाता है कि उस समय कई नेता दाऊद की मेहरबानी पर थे और उसकी मदद करते थे। अश्विनी उपाध्याय ने कहा:

“दाऊद के गुर्गे सांसद, विधायक और मंत्री हैं। दाऊद के गुर्गों को पद्म अवार्ड मिला है। विश्वास नहीं है तो वोहरा जी बात करिए। वोहरा रिपोर्ट की एक कॉपी उनके पास है। संसद के पटल पर मात्र 11 पेज रखा गया, जबकि वोहरा कमेटी रिपोर्ट 110 पेज की है। वोहरा रिपोर्ट को सार्वजनिक करना चाहिए। देश जानना चाहता है कि दाऊद के कितने गुर्गे आज भी सांसद, विधायक और मंत्री बने हुए हैं तथा कितने गुर्गों को अब तक पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण मिल चुका है?”

महाराष्ट्र के एक बहुत बड़े नेता की दाऊद इब्राहिम के साथ नजदीकियों की बात सामने आई थी। उस नेता को 1993 बम ब्लास्ट तक दाऊद इब्राहिम से 70 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे। साथ ही एक नेता को 1990 का चुनाव लड़ने के लिए 5 करोड़ रुपए हवाला लेनदेन की मदद से पहुँचाए गए थे। साथ ही एक मुख्यमंत्री के रिश्तेदार को दाऊद द्वारा 10 करोड़ रुपए देने की बात सामने आई थी, जो बाद में खुद भी नेता बन गया।

आईबी के एक सूत्र का कहना था कि इस रिपोर्ट में गुजरात के कई नेताओं के भी नाम थे। एक वरिष्ठ आईबी अधिकारी ने बताया कि अगर केंद्रीय गृह मंत्री उस रिपोर्ट को देखते हैं तो वो पाएँगे कि इसमें कई परिचित नाम हैं। अब चर्चा हो रही है कि क्या सुप्रीम कोर्ट वोहरा कमिटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने या फिर उसके आधार पर कार्रवाई करने की अनुमति देगा, जिससे उन नेताओं की जनता के सामने पोल खुले और उन्हें सज़ा मिले।

जहाँ तक दाऊद इब्राहिम की बात है, फ़िलहाल उसके पाकिस्तान स्थित कराची में रहने की बात सामने आई है। स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट (SAFEMA) के तहत मोस्ट वॉन्टेड आतंकी दाऊद इब्राहिम की महाराष्ट्र की 6 प्रॉपर्टी को इसी महीने नीलाम किया गया है। इसमें दाऊद के पैतृक गाँव रत्नागिरी में उसकी सम्पत्ति भी शामिल थी। यह संपत्ति उसकी माँ अमीना बी और बहन हसीना पार्कर के नाम पर रजिस्टर्ड थी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हरियाणा की सोनिया भोपाल में कॉन्ग्रेस MLA के बंगले में लटकी मिली: दावा- गर्लफ्रेंड थी, जल्द शादी करने वाले थे

कमलनाथ सरकार में वन मंत्री रह चुके उमंग सिंघार और सोनिया की मुलाकात मेट्रोमोनियल वेबसाइट के जरिए हुई थी।

‘ये असाधारण परिस्थिति, भीड़तंत्र का राज़ नहीं चलेगा’: कलकत्ता HC ने चारों TMC नेताओं की जमानत रोकी, भेजे गए जेल

कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक इन चारों आरोपित नेताओं को जुडिशल कस्टडी में रखा जाए।

क्यों पड़ा Cyclone का नाम Tauktae, क्यों तबाही मचाने आते हैं, जमीन पर क्यों नहीं बनते? जानिए चक्रवातों से जुड़ा सबकुछ

वर्तमान में अरब सागर से उठने वाले चक्रवाती तूफान Tauktae का नाम म्याँमार द्वारा दिया गया है। Tauktae, गेको छिपकली का बर्मीज नाम है। यह छिपकली बहुत तेज आवाज करती है।

क्या CM योगी आदित्यनाथ को ग्रामीणों ने गाँव में घुसने से रोका? कॉन्ग्रेस नेताओं, वामपंथी पत्रकारों के फर्जी दावे का फैक्ट चेक

मेरठ पुलिस ने सोशल मीडिया पर किए गए भ्रामक दावों का खंडन किया। उन्होंने कहा, “आपने सोशल मीडिया पर जो पोस्ट किया है वह निराधार और भ्रामक है। यह फेक न्यूज फैलाने के दायरे में आता है।"

मेवात के आसिफ की हत्या में सांप्रदायिक एंगल नहीं, पुरानी राजनीतिक दुश्मनी: हरियाणा पुलिस

आसिफ की मृत्यु की रिपोर्ट आने के तुरंत बाद, कुछ मीडिया हाउसों ने दावा किया कि उसे मारे जाने से पहले 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर किया गया था, जिसकी वजह से घटना ने सांप्रदायिक मोड़ ले लिया।

नारदा केस में विशेष CBI कोर्ट ने ममता बनर्जी के चारों मंत्रियों को दी जमानत, TMC कार्यकर्ताओं ने किया केंद्रीय बलों पर पथराव

नारदा स्टिंग मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार (17 मई 2021) की शाम को ममता बनर्जी के चारों नेताओं को जमानत दे दी।

प्रचलित ख़बरें

जैश की साजिश, टारगेट महंत नरसिंहानंद: भगवा कपड़ा और पूजा सामग्री के साथ जहाँगीर गिरफ्तार, साधु बन मंदिर में घुसता

कश्मीर के रहने वाले जान मोहम्मद डार उर्फ़ जहाँगीर को साधु के वेश में मंदिर में घुस कर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या करनी थी।

अल्लाह-हू-अकबर चिल्लाती भीड़ का हमला: यहूदी खून से लथपथ, बचाव में उतरी लड़की का यौन शोषण

कनाडा में फिलिस्तीन समर्थक भीड़ ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया जो एक अन्य यहूदी व्यक्ति को बचाने की कोशिश कर रहा था। हिंसक भीड़ अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए उसे लाठियों से पीटा।

विनोद दुआ की बेटी ने ‘भक्तों’ के मरने की माँगी थी दुआ, माँ के इलाज में एक ‘भक्त’ MP ने ही की मदद

मोदी समर्थकों को 'भक्त' बताते हुए मल्लिका उनके मरने की दुआ माँग चुकी हैं। लेकिन, जब वे मुश्किल में पड़ी तो एक 'भक्त' ने ही उनकी मदद की।

भारत में दूसरी लहर नहीं आने की भविष्यवाणी करने वाले वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने सरकारी पैनल से दिया इस्तीफा

वरिष्ठ वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील ने भारत में कोविड-19 के प्रकोप की गंभीरता की भविष्यवाणी करने में विफल रहने के बाद भारतीय SARS-CoV-2 जीनोम सीक्वेंसिंग कंसोर्टिया (INSACOG) के वैज्ञानिक सलाहकार समूह के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया।

ईसाई धर्मांतरण की पोल खोलने वाले MP राजू का आर्मी हॉस्पिटल में होगा मेडिकल टेस्ट, AP सीआईडी ने किया था टॉर्चर: SC का आदेश

याचिकाकर्ता (राजू) की मेडिकल जाँच सिकंदराबाद स्थित सैन्य अस्पताल के प्रमुख द्वारा गठित तीन सदस्यीय डॉक्टरों का बोर्ड करेगा।

ओडिशा के DM ने बिगाड़ा सोनू सूद का खेल: जिसके लिए बेड अरेंज करने का लूटा श्रेय, वो होम आइसोलेशन में

मदद के लिए अभिनेता सोनू सूद को किया गया ट्वीट तब से गायब है। सोनू सूद वास्तव में किसी की मदद किए बिना भी कोविड-19 रोगियों के लिए मदद की व्यवस्था करने के लिए क्रेडिट का झूठा दावा कर रहे थे।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,384FansLike
95,681FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe