Tuesday, March 2, 2021
Home देश-समाज 'दाऊद के कितने गुर्गे आज सांसद, विधायक, मंत्री बने हुए हैं?': वोहरा कमिटी की...

‘दाऊद के कितने गुर्गे आज सांसद, विधायक, मंत्री बने हुए हैं?’: वोहरा कमिटी की रिपोर्ट पर एक्शन के लिए SC में याचिका

"दाऊद के गुर्गे सांसद, विधायक और मंत्री हैं। दाऊद के गुर्गों को पद्म अवार्ड मिला है। विश्वास नहीं है तो वोहरा जी बात करिए। वोहरा रिपोर्ट की एक कॉपी उनके पास है। संसद के पटल पर मात्र 11 पेज रखा गया, जबकि वोहरा कमेटी रिपोर्ट 110 पेज की है। वोहरा रिपोर्ट को सार्वजनिक करना चाहिए।"

अपराध और राजनीति की मिलीभगत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद वोहरा कमिटी की रिपोर्ट को लेकर चर्चाओं का बाजार फिर से गर्म हो गया है। शुक्रवार (नवंबर 20, 2020) को अधिवक्ता एवं भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने 1993 की वोहरा कमिटी की रिपोर्ट पर एक्शन के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। तत्कालीन केंद्रीय गृह सचिव एनएन वोहरा की नेतृत्व वाली कमिटी ने आपराधिक नेटवर्कों, सरकारी अधिकारियों और नेताओं के बीच के नेक्सस की जाँच की थी।

उपाध्याय ने ध्यान दिलाया कि इस रिपोर्ट का 100 पन्नों का एक अपूर्ण वर्जन 1995 में संसद में रखा गया था, जिससे उसकी वैधता को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को ये जानने का अधिकार है कि किन अपराधियों-अधिकारियों-नेताओं के नेक्सस का पता चला था, ताकि पारदर्शिता बनाई रखी जा सके। उन्होंने ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल ट्रायल कोर्ट्स के गठन का भी आदेश दिया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से निम्नलिखित निवेदन किए:

  • वोहरा कमिटी की पूर्ण रिपोर्ट सभी जाँच एजेंसियों के निदेशकों को भेजी जाए।
  • एनआईए, सीबीआई, आईबी, ईडी सहित अन्य एजेंसियों को वोहरा कमिटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने के लिए कहा जाए, ताकि अपराधी-नेता नेक्सस की पोल खुले।
  • लोकपाल को भी इस रिपोर्ट के आधार पर नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा जाए।
  • इन जाँच एजेंसियों की जाँच की निगरानी के लिए एक न्यायिक कमिटी का गठन किया जाए।
  • वोहरा कमिटी की रिपोर्ट में जिन नेताओं और सरकारी अधिकारियों के नाम हैं, उन्हें पद्मश्री सहित मिले अन्य सरकारी अवॉर्ड्स को वापस छीन लिया जाए।

‘संडे गार्डियन लाइव’ के एक लेख के अनुसार, वोहरा कमिटी की रिपोर्ट के सामने आने से कई नेताओं-अधिकारियों की पोल खुल सकती है। महाराष्ट्र और गुजरात के तब के कई नेताओं ने अंडरवर्ल्ड, खासकर दाऊद इब्राहिम और इक़बाल मिर्ची के साथ अपने सम्बन्ध बना लिए थे। मार्च 1993 में बॉम्बे बम ब्लास्ट के बाद बनी इस कमिटी ने 3 महीने की जाँच के बाद रिपोर्ट दिए थे। अमित शाह ने भी आरोप लगाया था कि एनसीपी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने इक़बाल मिर्ची की पत्नी हाजरा मेमन के साथ वित्तीय लेनदेन किया था।

अमित शाह ने इसे देशद्रोह करार देते हुए कहा था कि इसके दस्तावेजी साक्ष्य भी मौजूद हैं, जिसे पटेल ने नकार दिया था। 70 के दशक से लेकर 90 के दशक तक दाऊद और इक़बाल की कई नेताओं ने मदद की थी। 1995 में रिपोर्ट के 11 पन्ने सार्वजनिक जरूर किए गए थे, लेकिन इसमें सिर्फ एक ही नाम था और वो भी इक़बाल मिर्ची का। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि कैसे 80 के दशक में दारू-सिगरेट की तस्करी करने वाला मिर्ची रियल एस्टेट का बड़ा कारोबारी बन गया।

मिर्ची के न सिर्फ कई बैंक एकाउंट्स थे, बल्कि वो अपने आदमियों को ही लाखों रुपए देता था और उसकी संपत्ति करोड़ों की हो गई थी। साथ ही लिखा था कि कुछ नेताओं के संरक्षण के कारण उसके खिलाफ सरकारी एजेंसियाँ भी कुछ नहीं कर पाती थीं। राज्यसभा सांसद दिनेश त्रिवेदी ने संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की माँग की, लेकिन वो सफल नहीं हुए। कहा जाता है कि उस समय कई नेता दाऊद की मेहरबानी पर थे और उसकी मदद करते थे। अश्विनी उपाध्याय ने कहा:

“दाऊद के गुर्गे सांसद, विधायक और मंत्री हैं। दाऊद के गुर्गों को पद्म अवार्ड मिला है। विश्वास नहीं है तो वोहरा जी बात करिए। वोहरा रिपोर्ट की एक कॉपी उनके पास है। संसद के पटल पर मात्र 11 पेज रखा गया, जबकि वोहरा कमेटी रिपोर्ट 110 पेज की है। वोहरा रिपोर्ट को सार्वजनिक करना चाहिए। देश जानना चाहता है कि दाऊद के कितने गुर्गे आज भी सांसद, विधायक और मंत्री बने हुए हैं तथा कितने गुर्गों को अब तक पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण मिल चुका है?”

महाराष्ट्र के एक बहुत बड़े नेता की दाऊद इब्राहिम के साथ नजदीकियों की बात सामने आई थी। उस नेता को 1993 बम ब्लास्ट तक दाऊद इब्राहिम से 70 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे। साथ ही एक नेता को 1990 का चुनाव लड़ने के लिए 5 करोड़ रुपए हवाला लेनदेन की मदद से पहुँचाए गए थे। साथ ही एक मुख्यमंत्री के रिश्तेदार को दाऊद द्वारा 10 करोड़ रुपए देने की बात सामने आई थी, जो बाद में खुद भी नेता बन गया।

आईबी के एक सूत्र का कहना था कि इस रिपोर्ट में गुजरात के कई नेताओं के भी नाम थे। एक वरिष्ठ आईबी अधिकारी ने बताया कि अगर केंद्रीय गृह मंत्री उस रिपोर्ट को देखते हैं तो वो पाएँगे कि इसमें कई परिचित नाम हैं। अब चर्चा हो रही है कि क्या सुप्रीम कोर्ट वोहरा कमिटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने या फिर उसके आधार पर कार्रवाई करने की अनुमति देगा, जिससे उन नेताओं की जनता के सामने पोल खुले और उन्हें सज़ा मिले।

जहाँ तक दाऊद इब्राहिम की बात है, फ़िलहाल उसके पाकिस्तान स्थित कराची में रहने की बात सामने आई है। स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट (SAFEMA) के तहत मोस्ट वॉन्टेड आतंकी दाऊद इब्राहिम की महाराष्ट्र की 6 प्रॉपर्टी को इसी महीने नीलाम किया गया है। इसमें दाऊद के पैतृक गाँव रत्नागिरी में उसकी सम्पत्ति भी शामिल थी। यह संपत्ति उसकी माँ अमीना बी और बहन हसीना पार्कर के नाम पर रजिस्टर्ड थी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

45 लाख बिहारी अब होंगे ममता के साथ? तेजस्वी-अखिलेश का TMC को समर्थन, दीदी ने लालू को कहा पितातुल्य

तेजस्वी यादव ने पश्चिम बंगाल में रह रहे बिहारियों से ममता बनर्जी को जिताने की अपील की। बिहार में CPM और कॉन्ग्रेस राजद के साथ गठबंधन में हैं।

नेपाल के सेना प्रमुख ने ली ‘मेड इन इंडिया’ कोरोना वैक्सीन, पड़ोसी देश को भारत ने फिर भेजी 10 लाख की खेप

नेपाल के सेना प्रमुख पूर्ण चंद्र थापा ने 'मेड इन इंडिया' कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लेकर भारत में बनी वैक्सीन की विश्वसनीयता को आगे बढ़ाया।

वरवरा राव को बेल की करें समीक्षा, जज शिंदे की भी हो जाँच: कम्युनिस्ट आतंक के मारे दलित-आदिवासियों की गुहार

नक्सल प्रभावित क्षेत्र के दलितों और आदिवासियों ने पत्र लिखकर वरवरा राव को जमानत देने पर सवाल उठाए हैं।

फुरफुरा शरीफ के लिए ममता बनर्जी ने खोला खजाना, चुनावी गणित बिगाड़ सकते हैं ‘भाईजान’

पश्चिम बंगाल में आदर्श अचार संहित लागू होने से कुछ ही घंटों पहले ममता बनर्जी की सरकार ने फुरफुरा शरीफ के विकास के लिए करोड़ों रुपए आवंटित किए।

‘हिंदू होना और जय श्रीराम कहना अपराध नहीं’: ऑक्सफोर्ड स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष रश्मि सामंत का इस्तीफा

हिंदू पहचान को लेकर निशाना बनाए जाने के कारण रश्मि सामंत ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

बंगाल ‘लैंड जिहाद’: मटियाब्रुज में शेख मुमताज और उसके गुंडों का उत्पात, दलित परिवारों पर टूटा कहर

हिंदू परिवारों को पीटा गया। महिला, बुजुर्ग, बच्चे किसी के साथ कोई रहम नहीं। पीड़ित अस्पताल से भी लौट आए कि कहीं उनके घर पर कब्जा न हो जाए।

प्रचलित ख़बरें

गोधरा में जलाए गए हिंदू स्वरा भास्कर को याद नहीं, अंसारी की तस्वीर पोस्ट कर लिखा- कभी नहीं भूलना

स्वरा भास्कर ने अंसारी की तस्वीर शेयर करते हुए इस बात को छिपा लिया कि यह आक्रोश गोधरा में कार सेवकों को जिंदा जलाए जाने से भड़का था।

‘हिंदू होना और जय श्रीराम कहना अपराध नहीं’: ऑक्सफोर्ड स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष रश्मि सामंत का इस्तीफा

हिंदू पहचान को लेकर निशाना बनाए जाने के कारण रश्मि सामंत ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

आस मोहम्मद पर 50+ महिलाओं से रेप का आरोप, एक के पति ने तलवार से काट डाला: ‘आज तक’ ने ‘तांत्रिक’ बताया

गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र स्थित गाँव जलालपुर में एक फ़क़ीर की हत्या के मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया है।

नमाज पढ़ाने वालों को ₹15000, अजान देने वालों को ₹10000 प्रतिमाह सैलरी: बिहार की 1057 मस्जिदों को तोहफा

बिहार स्टेट सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड में पंजीकृत मस्जिदों के पेशइमामों (नमाज पढ़ाने वाला मौलवी) और मोअज्जिनों (अजान देने वालों) के लिए मानदेय का ऐलान।

‘मैंने ₹11000 खर्च किया… तुम इतना नहीं कर सकती’ – लड़की के मना करने पर अंग्रेजी पत्रकार ने किया रेप, FIR दर्ज

“मैंने होटल रूम के लिए 11000 रुपए चुकाए। इतनी दूर दिल्ली आया, 3 सालों में तुम्हारा सहयोग करता रहा, बिल भरता रहा, तुम मेरे लिए...”

‘अल्लाह से मिलूँगी’: आयशा ने हँसते हुए की आत्महत्या, वीडियो में कहा- ‘प्यार करती हूँ आरिफ से, परेशान थोड़े न करूँगी’

पिता का आरोप है कि पैसे देने के बावजूद लालची आरिफ बीवी को मायके छोड़ गया था। उन्होंने बताया कि आयशा ने ख़ुदकुशी की धमकी दी तो आरिफ ने 'मरना है तो जाकर मर जा' भी कहा था।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,201FansLike
81,845FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe