Monday, July 4, 2022
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बंगाल पुलिस अक्षम तो सेंट्रल फोर्स बुलाइए: हिंसा पर ममता बनर्जी की सरकार को हाईकोर्ट ने फटकारा, कहा- CCTV फुटेज इकट्ठा कर दंगाइयों की पहचान करो

बता दें कि पैगंबर के अपमान के नाम पर बंगाल के हावड़ा, मुर्शिदाबाद, 24 परगना जैसे कई जिलों में दंगाइयों द्वारा भारी उत्पात किया गया। इस दौरान दंगाइयों ने ना सिर्फ पुलिस पर पथराव किया, बल्कि कई हिंदू परिवारों के घरों में आग लगा दी थी।

इस्लाम के पैगंबर (Islamic Prophet Mohammad) के कथित अपमान को लेकर पश्चिम बंगाल (West Bengal) में मचाए जा रहे उत्पात को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) की सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि यदि राज्य की पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में अक्षम है तो केंद्रीय बलों को सरकार बुलाए।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज की बेंच ने कहा कि ने हिंसा वाले इलाकों का CCTV फुटेज इकट्ठा करने के लिए कहा है, ताकि हिंसा में शामिल दंगाइयों की पहचान की जा सके और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।

बेंच ने यह भी कहा कि राज्य के महाधिवक्ता को उन लोगों को मुआवजा देने के मुद्दे पर भी राज्य सरकार का रुख स्पष्ट करना चाहिए, जिनकी हिंसा के दौरान संपत्ति का नुकसान हुआ है। हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को 15 जून तक पोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

अदालत की खंडपीठ ने कहा कि राज्य के अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएँ कि कोई अप्रिय घटना न हो और शांति व्यवस्था कायम रहे। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा, “यदि राज्य की पुलिस किसी भी स्थान पर स्थिति को नियंत्रित करने में असफल रहती है तो प्राधिकारी तत्काल कदम उठाते हुए केंद्रीय बलों को बुलाएँ।”

अदालत अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा दाखिल अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। नीलाद्री साहा नाम के व्यक्ति ने अपनी याचिका में कहा है कि जब भाजपा का कार्यालय जलाया जा रहा था, तब पुलिस मूकदर्शक बनकर खड़ी थी। याचिका में सैन्य या केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की माँग की गई थी।

वहीं, एक अन्य याचिका में 9 जून 2022 को हावड़ा अंकुरहाटी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध करने और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उन पर भारी जुर्माना लगाने की माँग की गई है।

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता एसएन मुखर्जी ने अदालत को बताया कि यह घटना दो व्यक्तियों द्वारा की गई दुर्भाग्यपूर्ण टिप्पणी के कारण हुई और उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना जैसे अन्य राज्यों में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं।

बता दें कि पैगंबर के अपमान के नाम पर बंगाल के हावड़ा, मुर्शिदाबाद, 24 परगना जैसे कई जिलों में दंगाइयों द्वारा भारी उत्पात किया गया। इस दौरान दंगाइयों ने ना सिर्फ पुलिस पर पथराव किया, बल्कि कई हिंदू परिवारों के घरों में आग लगा दी थी।

वहीं, नदिया जिले में स्थित बेथुआडहरी में 1000 मुस्लिमों की भीड़ ने भारतीय रेलवे को निशाना बनाया गया और ट्रेन को क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस दौरान कई यात्रियों को भी चोटें भी आईं। मुस्लिम भीड़ ने रेलवे स्टेशन और ट्रेन पर जम कर पत्थरबाजी की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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