Wednesday, July 24, 2024
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‘आशीष देसो दूधो नहाओ पूतो फलो’: टीना डाबी ने पूरा किया वादा तो पाकिस्तानी हिंदुओं ने दिया आशीर्वाद, बोलीं IAS- बेटी भी चलेगी

पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों को बसाने के लिए जैसलमेर जिला प्रशासन ने मूल सागर में 40 बीघा जमीन आवंटित की है। इस फैसले के बाद 25 मई को टीना डाबी शरणार्थी परिवारों के बीच पहुँची। इनलोगों ने उनका भावपूर्ण अंदाज में स्वागत किया।

कुछ दिन पहले राजस्थान के जैसलमेर की कलेक्टर टीना डाबी (IAS Tina Dabi) पाकिस्तानी हिंदुओं का घर उजाड़ने का आदेश देने को लेकर विवादों में घिरी थीं। लेकिन अब इस IAS अधिकारी को पाकिस्तानी हिंदू संतान सुख प्राप्त होने का आशीर्वाद दे रहे हैं। वजह टीना डाबी ने अपना वह वादा पूरा किया है जो उन्होंने इनके घरों पर बुलडोजर चलने के बाद किया था।

दरअसल पाकिस्तान से आए इन हिंदू शरणार्थियों को बसाने के लिए जैसलमेर जिला प्रशासन ने मूल सागर में 40 बीघा जमीन आवंटित की है। इस फैसले के बाद 25 मई को टीना डाबी शरणार्थी परिवारों के बीच पहुँची। इनलोगों ने उनका भावपूर्ण अंदाज में स्वागत किया। रिपोर्ट के अनुसार शरणार्थियों ने कहा, “कलेक्टर साहिबा, थों न्याल कर दिया… हे तो हेक ही आशीष देसो थे दूधो नहाओ पूतो फलो।” पुत्रवती होने के आशीर्वाद के जवाब में हँसते हुए कलेक्टर टीना डाबी ने कहा- बेटी होगी तो भी चलेगी।

दैनिक भास्कर ने पाकिस्तानी शरणार्थी महिला सुगनी देवी के हवाले से बताया है, “अब हम बहुत खुश हैं। कलेक्टर टीना डाबी को बहुत बहुत धन्यवाद देकर उनके लिए दुआएँ कर रहे हैं। हम सब पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर जैसलमेर आए थे।”

फिलहाल रैन बसेरे में रह रहे शरणार्थी परिवारों के लिए जमीन का आवंटन जिला मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर मूल सागर के पास किया गया है। जमीन समतल करने का काम शुरू करने से पहले पूजा-अर्चना भी की गई। नगरीय सुधार न्यास (UIT) को बिजली और पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इस जमीन पर करीब 200 परिवारों को बसाने की योजना है। पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए यूआईटी द्वारा अलग से जमीन चिन्हित करने का यह शायद राजस्थान में पहला मामला है। जिला प्रशासन ने इन शरणार्थियों की मदद के लिए एक कमेटी का भी गठन किया है। इन्हें नागरिकता दिलाने का प्रयास भी किया जाएगा।

गौरतलब है कि 16 मई 2023 को राजस्थान के जैसलमेर के अमर सागर इलाके में पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों की बस्ती को उजाड़ दिया गया था। कलेक्टर के आदेश के बाद यूआईटी की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यहाँ बुलडोजर चलाया था। इस कार्रवाई से विवादों में घिरीं टीना डाबी के निर्देश पर जिला प्रशासन ने प्रभावित लोगों के रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की थी। जमीन के चयन के लिए सर्वे टीम बनाई गई थी।

इससे पहले राजस्थान के जोधपुर में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। 24 अप्रैल 2023 को चोखा गाँव में जोधपुर विकास प्राधिकरण ने अतिक्रमण विरोधी अभियान के नाम पर शरणार्थी हिन्दुओं के घरों पर बुलडोजर चलाया था। इस कार्रवाई के शिकार हुए अधिकतर लोगों के पास भारत में रहने के लिए लॉन्ग टर्म वीजा तो है, लेकिन अब तक उन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिली है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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