कमलेश तिवारी मर्डर: रईस ने 72 कट्टरपंथियों का बनाया था ग्रुप, आसिम ने हत्यारे से पूछा था- तुमसे हो पाएगा?

कमलेश तिवारी के संदिग्ध हत्यारों को आसिम ने मदद दी। उन्हें हत्या के लिए उकसाया। हत्या के बाद जब उससे संपर्क किया गया तो उसने हत्यारों को शाबाशी दी और उनसे सूरत पहुॅंच अपने साथ और लड़कों को जोड़ने के लिए कहा।

कमलेश तिवारी हत्याकांड में हर रोज़ नए खुलासे हो रहे हैं। खबरों के मुताबिक अभी हाल ही में दोनों हत्यारों का आमना-सामना नागपुर से गिरफ्तार किए गए आसिम से करवाया गया। उसे देखते ही अशफाक ने ‘हमने कर दिखाया’ बोलकर प्रतिक्रिया दी। यह भी पता चला रईस नाम के जिस शख्स ने दोनों कातिलों को अपने करीबी के घर पनाह दिलवाई और नेपाल पहुँचाने तक मदद की, उसने एक व्हॉट्सअप ग्रुप बना रखा था। इस ग्रुप से 72 कट्टरपंथी जुड़े थे। रईस को गिरफ्तार कर पुलिस उसके साथियों की तलाश कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों हत्यारों की गिरफ्तारी के बाद जाँच एजेंसियों ने अशफाक का आमना-सामना आसिम से करवाया। जहाँ दोनों ने एक-दूसरे को देखते ही पहचान लिया। अशफाक ने आसिम से कहा, “ये काम मैंने कर दिखाया।” रिपोर्ट के अनुसार हत्या से पहले जब अशफाक ने आसिम से संपर्क किया था, तो उसने पूछा था कि इसमें बहुत रिस्क है क्या तुमसे हो पाएगा?

बता दें कि पूरे हत्याकांड में आसिम की भूमिका हत्यारों की मदद करने के अलावा उन्हें भड़काने की भी थी। अभी तक की जाँच से पता चलता है कि जब हत्यारों ने कमलेश तिवारी को मारने का इरादा कर लिया था, उस समय आसिम ही उन्हें भड़का रहा था। हत्या के बाद जब आसिम से संपर्क किया गया तो उसने हत्यारों को शाबाशी देते हुए कहा अब सूरत पहुँचकर अपने साथ और लड़कों को जोड़ना। कहा जा रहा है आसिम फोन पर बातचीत के दौरान सिर्फ एक बात दोहरा रहा था कि कमलेश तिवारी की हत्या कोई गुनाह नहीं है।

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लेकिन, जब आमना-सामना हुआ तो वह चुपचाप दोनों हत्यारों को देखता रहा, जबकि अशफाक और मोइनुद्दीन उससे कहते नजर आए कि उन्होंने गलत कर दिया। आसिम ने इस दौरान एटीएस के किसी सवाल का कोई जवाब नहीं दिया और न ही बताया कि उसने सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो क्यों अपलोड किए थे। अधिकारियों ने उससे पूछा कि क्या इन सबके पीछे कोई संगठन उसकी मदद कर रहा है, लेकिन वो फिर भी चुप रहा। उसने सिर्फ इतना कहा वीडियो में सारे विचार उसके निजी हैं और वह अपने साथ कई फॉलोवर्स जोड़ना चाहता था। हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष तिवारी की 18 अक्टूबर को उनके दफ्तर में हत्या कर दी गई थी।

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