Tuesday, July 23, 2024
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प्रोग्राम बौद्ध दीक्षा का, जलाए हिंदू धर्म ग्रंथ: राजस्थान के बाड़मेर का Video वायरल, भरतपुर के सामूहिक विवाह में भी दिलाई थी हिंदू विरोधी शपथ

बाड़मेर जिले के बाखासर में 10 लोगों ने बौद्ध दीक्षा ली। आरोप है कि इसी दौरान लोगों ने जय भीम के नारे लगाए और सनातनी धर्म ग्रन्थ की प्रतियों को जलाया व अपमानित किया।

राजस्थान के बाड़मेर में हिंदू धर्म ग्रंथों को जलाने का मामला सामने आया है। यह घटना 25 दिसंबर 2022 को आयोजित बौद्ध दीक्षा प्रोग्राम के दौरान की बताई जा रही है। हिंदू संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद अजमल सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले राजस्थान के भरतपुर में एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में नवविवाहित जोड़ों को हिंदू विरोधी शपथ दिलाने का मामला सामने आया था।

बाड़मेर में हिंदू धार्मिक ग्रन्थ को जलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। बाड़मेर जिले के बाखासर में 10 लोगों ने बौद्ध दीक्षा ली। आरोप है कि इसी दौरान लोगों ने जय भीम के नारे लगाए और सनातनी धर्म ग्रन्थ की प्रतियों को जलाया व अपमानित किया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों व अन्य लोगों ने इस पर आपत्ति जताई है।

बाड़मेर जिला मुख्यालय पर विभिन्न हिंदू संगठनों और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से 24 घंटों के भीतर हिंदू ग्रंथ की प्रतियाँ जलाने वाले सभी आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग की है। उन्होंने कार्रवाई न किए जाने पर बाड़मेर बंद करने और पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।

बाड़मेर में हिंदू संगठनों का प्रदर्शन (साभार ट्विटर)

रिपोर्ट्स के मुताबिक बाड़मेर पुलिस ने कहा है कि घटना का संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार बौद्ध धर्म की दीक्षा के लिए कार्यक्रम का आयोजन समता सैनिक दल के अमृत धनदे, भंत कश्यप, आनंद ने किया था। पुलिस ने धारा 151 के तहत 3 लोगों को गिरफ़्तार किया है। पुलिस की तरफ से कहा गया है कि जाँच में जो लोग दोषी पाए जाएँगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि जलाई गई प्रतियाँ कौन से धर्म ग्रन्थ की हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले नवंबर में राजस्थान के भरतपुर का एक वीडियो वायरल हुआ ​था। वीडियो में नवविवाहित जोड़ों को शपथ दिलाई जा रही थी। इसमें कहा गया था, “मैं ब्रह्मा, विष्णु, महेश और गणेश को नहीं मानूँगा और ना ही उनकी पूजा करूँगा।” भरतपुर के कुम्हेर कस्बे में 20 नवंबर 2022 को संत रविदास सेवा समिति की ओर से इस सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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