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ऑक्सीजन सिलिंडर, दवाई, एम्बुलेंस, अस्पताल में बेड… UP में मदद के लिए RSS के इन नंबरों पर करें कॉल

ABVP ने भी यूपी में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रदेश के अलग-अलग प्रान्तों में संक्रमण से जूझ रहे लोगों की सहायता के लिए अपने कार्यकर्ताओं की सूची तैयार की है। उस सूची में दिए गए संपर्कों पर भी आप कॉल कर सकते हैं।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी कमर कस ली है। हमने पिछले साल भी RSS और इससे जुड़ी ‘सेवा भारती’ सहित कई संस्थाओं को देश के सुदूर इलाकों तक में जनसेवा में रत देखा था। बाढ़, भूकंप और तूफ़ान की स्थिति में RSS दशकों से सेवाकार्य करता आ रहा है। देश भर में फैले अपने नेटवर्क के माध्यम से संघ प्रशासन के साथ मिल कर काम करता है, ताकि ज़रूरतमंदों की मदद हो सके।

देश में फ़िलहाल ऑक्सीजन, अस्पताल बेड्स और दवाओं के लिए स्थिति खासी संवेदनशील बनी हुई है। सोशल मीडिया पर लोग मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं। उन्हें पता नहीं चल रहा है कि आपदा के इस काल में किससे संपर्क करें। देश के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश में भी स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में आप RSS द्वारा जारी की गई इस सूची को देख कर इसमें दिए गए नाम और नंबर पर संपर्क कर सकते हैं:

उत्तर प्रदेश के लोग आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

ऑक्सीजन सिलिंडर और उसकी रिफिलिंग नहीं हो पा रही है, आपको डॉक्टरों द्वारा लिखी गई दवाइयाँ नहीं मिल रही हैं, अस्पतालों में मरीज को भर्ती नहीं कर पा रहे हैं, निजी अस्पतालों के बारे में आपको कुछ पता नहीं है, एम्बुलेंस नहीं मिल रही है या फिर भोजन-पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है तो आप ऊपर की सूची में ‘कार्य विभाग’ देख कर RSS के इन पदाधिकारियों को फोन कॉल कर सकते हैं।

सूची में इनके नाम के साथ दायित्व और फोन नंबर भी दिए गए हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) भी कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए पहल कर रहा है और उससे भी संपर्क किया जा सकता है। परिषद ने भी यूपी में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रदेश के अलग-अलग प्रान्तों में संक्रमण से जूझ रहे लोगों की सहायता के लिए अपने कार्यकर्ताओं की सूची तैयार की है। उस सूची में दिए गए संपर्कों पर भी आप कॉल कर सकते हैं।

ऊपर के ट्वीट थ्रेड में आपको विभिन्न राज्यों में ABVP के हेल्पलाइन नंबरों पर फोन कॉल करने पर सहायता मिल जाएगी। RSS पार्क और खुले मैदान में लगने वाली शाखाओं को पिछले साल ही बंद कर चुकी है लेकिन ऑनलाइन कार्य जारी रहा है। घरों में शाखाएँ लगीं। प्रतिदिन लगने वाली 1 घंटे की शाखा ही संघ की बड़ी ताकत है, जहाँ से इसके पूर्णकालिक सदस्य भी निकलते हैं। अब संघ जनसेवा में ताकत झोंक रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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