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यूपी पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराने पहुँचे सबा नकवी और मोहम्मद ज़ुबैर: ट्विटर पर फैलाया था ‘जय श्री राम’ वाला झूठ

इसी मामले में समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता उम्मेद पहलवान के खिलाफ भी 'राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)' लगाने की तैयारी की जा रही है।

गाजियाबाद के लोनी थाने में दो समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने और फेक न्यूज़ फैलाने के आरोप में पत्रकार सबा नकवी और AltNews के मोहम्मद ज़ुबैर के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। मोहम्मद ज़ुबैर कई दिनों से ट्विटर पर भी सक्रिय नहीं है। अब ये दोनों उत्तर प्रदेश के लोनी थाने में हाजिरी देने पहुँचे हैं। पुलिस ने वहाँ दोनों का बयान दर्ज किया। इन दोनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से झूठ फैलाया था।

इसी मामले में समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता उम्मेद पहलवान के खिलाफ भी ‘राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)’ लगाने की तैयारी की जा रही है। उसे जून 19, 2021 को गिरफ्तार किया गया था। उसने ही पीड़ित से फेक वीडियो शूट करा कर ‘जबरन जय श्री राम बुलवाने’ वाली बात जोड़ी थी, जबकि आरोपितों में कई मुस्लिम थे और ये ताबीज की वजह से मारपीट का मामला था। इसमें कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं निकला।

हाल ही में इसी मामले में गाजियाबाद पुलिस ने ट्विटर को दूसरा नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में कहा गया था कि ट्विटर जाँच में सहयोग नहीं कर रहा है और उसके द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण औचित्य पूर्ण नहीं है। इसके साथ ही यूपी पुलिस ने ट्विटर इंडिया के MD महेश महेश्वरी को 24 जून 2021 को 10:30 बजे तक गाजियाबाद के लोनी थाना में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया था।

गाजियाबाद में मुस्लिम बुजुर्ग की पिटाई वाले प्रकरण में ही बिन तथ्यों को जाने ट्वीट करने के बाद यूपी पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर मामले में पत्रकार राणा अय्यूब को कोर्ट से 4 सप्ताह के लिए ट्रांजिट अंतरिम जमानत मिली है। हाईकोर्ट ने कहा कि आवेदक को न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए, 4 सप्ताह की अस्थाई अवधि दी जा सकती है। यूपी पुलिस ने अय्यूब के अलावा 8 के विरुद्ध एफआईआर की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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