Thursday, April 22, 2021
Home देश-समाज हत्यारा शहाबुद्दीन 3 दिन पहले मिला अपने बीवी-बच्चों से, 6 दिन पहले चंदा बाबू...

हत्यारा शहाबुद्दीन 3 दिन पहले मिला अपने बीवी-बच्चों से, 6 दिन पहले चंदा बाबू को नहीं नसीब हुआ बेटों का कंधा

तिहाड़ में बंद हत्यारा मोहम्मद शहाबुद्दीन 6-6 घंटे के लिए दिल्ली में कहीं भी परिवार से मुलाकात कर सकता है। - यह कोर्ट का आदेश था। पूरी सुरक्षा में शहाबुद्दीन अपने बीवी-बेटों से मिला भी। उधर 3 बेटों को खो देने वाले चंदा बाबू नहीं रहे।

सीवान का सांसद रहा मोहम्मद शहाबुद्दीन फ़िलहाल दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है। दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्देश पर उसे 18 घंटों के लिए अपने परिजनों से मुलाकात के लिए समय दिया गया। कड़ी सुरक्षा में उसे परिजनों से मुलाकात कराया गया। उच्च-न्यायालय ने सशर्त पैरोल के तहत उसे सुविधा दी थी कि वो 6-6 घंटे के लिए दिल्ली में कहीं भी मुलाकात कर सकता है। ये सब चंदेश्वर प्रसाद उर्फ़ चंदा बाबू की मृत्यु के बाद हो रहा है, जिनके 3 बेटों को शहाबुद्दीन ने मार डाला था।

चंदा बाबू ज़िंदगी भर अपने बेटों की हत्या के मामले में न्याय के लिए केस लड़ते रहे। न्यायपालिका, विधायिका या कार्यपालिका – कहीं से उन्हें कुछ नहीं मिला। बिहार में जंगलराज के दौरान जब शासन-प्रशासन के सभी अंग राजद सुप्रीमो के इशारे पर नाचा करते थे और शहाबुद्दीन उनका ही दुलारा हुआ करता था, ऐसे में भला कोई न्याय की उम्मीद करे भी तो कैसे। ये वो जमाना था, जब शहाबुद्दीन के खिलाफ चुनाव लड़ना भी मौत को दावत देने के समान था।

पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के 90 वर्षीय अब्बा शेख मोहम्मद हसीबुल्लाह का सितम्बर 19 को निधन हो गया था। अपने अब्बा को सुपुर्द-ए-ख़ाक करने की रस्म में शामिल होने के लिए उसने हाईकोर्ट से अनुमति माँगी थी। निधन के दूसरे और तीसरे दिन अवकाश था, ऊपर से कोरोना काल के कारण इस पर सुनवाई नहीं हो सकी। शहाबुद्दीन सीवान नहीं जा सका, जिसके बाद उसने अपने अब्बा के ‘चालीसवें’ में वहाँ जाने की अनुमति माँगी।

जब उच्च-न्यायालय ने उसे सीवान भेजने के सम्बन्ध में दिल्ली और बिहार की सरकारों से रिपोर्ट माँगी तो दोनों ने ही हाथ खड़े कर दिए। ये बताता है कि बिहार तो दूर, दिल्ली का शासन-प्रशासन आज 90 के दशक के ख़त्म हुए 20 वर्ष बीत जाने के बावजूद शहाबुद्दीन के क्रियाकलापों पर लगाम कसने में खुद को नाकाम पाता है, खासकर जब वो जेल से बाहर हो। उसे तिहाड़ भी इसीलिए शिफ्ट किया गया था, क्योंकि बिहार के जेल से वो बेधड़क अपना साम्राज्य चला रहा था।

दोनों राज्यों ने यहाँ तक कह दिया कि अगर एक बटालियन जवान पूरे के पूरे लगा दिए जाएँ, फिर भी शहाबुद्दीन के बाहर आने के बाद क़ानून-व्यवस्था को संभालना मुश्किल है। शहाबुद्दीन के लोग अभी भी हर जगह हो सकते हैं, ये संभावना भी जताई जा रही है। वो एक बार बाहर निकलने पर किस-किस से किस कार्य के लिए संपर्क करेगा, किसी को नहीं पता। लेकिन, फिर भी वो परिजनों से मिलने के बहाने बाहर आने में कामयाब रहा।

कोर्ट ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया था कि वो तय दिशा-निर्देशों के हिसाब से शहाबुद्दीन को उसके परिजनों से मिलवाए। इसी प्रक्रिया के तहत उसे बाहर लाया गया। सोमवार, बुधवार और शनिवार को उसने अपने परिजनों से मुलाकात की, दिल्ली में अपने ही एक करीबी के फ्लैट पर। कहा जा रहा है कि तीन साल दो महीने के बाद उसने अपनी बीवी हेना शहाब, बेटा मोहम्मद ओसामा, अम्मी और दोनों बेटियों से मुलाकात की।

उसकी बीवी हेना शहाब भी RJD की ही नेता है और 2 बार चुनाव लड़ कर हार भी चुकी है। इस दौरान शहाबुद्दीन जेल में ही था। मीडिया के सूत्र कह रहे हैं कि उसकी एक बेटी डॉक्टर है और एक डॉक्टर बनने वाली है। एक बेटी का तो निकाह भी एक डॉक्टर से ही लगभग तय हो गया है। शहाबुद्दीन को कोर्ट ने छूट दी थी कि वो दिल्ली में कहीं भी अपने परिजनों से मुलाकात कर सकता है, अपनी चुनी हुई जगह पर।

शहाबुद्दीन मामूली अपराधी नहीं है। पाकिस्तान और ISI तक से उसके सम्बन्ध सामने आ चुके हैं, ऐसे में वो देश के लिए भी खतरा है। लोगों की नजर में वो किसी आतंकी से कम नहीं। ऐसे में उसे जेल में ही अपने परिजनों से मुलाकात करने को कहा जा सकता था। बिहार और दिल्ली की सरकारों को कम से कम हाईकोर्ट से अनुरोध करना चाहिए था कि जेल में ही परिजनों को ले जाकर उससे मुलाकात करवाई जाए।

एक तरफ एक व्यक्ति 16 वर्षों से अपने बेटे की हत्या के लिए न्याय माँगते हुए दर-दर भटकता रहा, दूसरी तरफ उसकी मौत के बाद ही हत्यारा गैंगस्टर अपने परिजनों से मजे में मिल रहा है। एक तरफ चंदा बाबू ने रोते हुए ज़िंदगी बिताई, शहाबुद्दीन के खौफ के कारण कोई उनके साथ दिखना तक नहीं चाहता था, वहीं दूसरी तरफ शहाबुद्दीन जब-जब पूर्व काल में जेल से बाहर आया, उसका भव्य स्वागत किया गया।

16 अगस्त 2004 को चंदा बाबू के दो बेटे तेजाब से नहला दिए गए थे। 16 जून 2014 को बड़े बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब 16 दिसंबर 2020 को चंदा बाबू खुद दुनिया से विदा हो गए। चंदा बाबू ने उस वक्त शहाबुद्दीन के खिलाफ खड़ा होने का फैसला, किया जिस वक्त उसकी तूती बोलती थी। उसके डर से कोई भी खड़ा होने की हिम्मत नहीं कर पाता था। उस वक्त वे न केवल खड़े हुए, बल्कि अपना सब कुछ गवाँ भी दिया।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मतुआ समुदाय, चिकेन्स नेक और बांग्लादेश से लगे इलाके: छठे चरण में कौन से फैक्टर करेंगे काम, BJP से लोगों को हैं उम्मीदें

पश्चिम बंगाल की जनता उद्योग चाहती है, जो उसके हिसाब से सिर्फ भाजपा ही दे सकती है। बेरोजगारी मुद्दा है। घुसपैठ और मुस्लिम तुष्टिकरण पर TMC कोई जवाब नहीं दे पाई है।

अंबानी-अडानी के बाद अब अदार पूनावाला के पीछे पड़े राहुल गाँधी, कहा-‘आपदा में मोदी ने दिया अपने मित्रों को अवसर’

राहुल गाँधी पीएम मोदी पर देश को उद्योगपतियों को बेचने का आरोप लगाते ही रहते हैं। बस इस बार अंबानी-अडानी की लिस्ट में अदार पूनावाला का नाम जोड़ दिया है।

‘सरकार ने संकट में भी किया ऑक्सीजन निर्यात’- NDTV समेत मीडिया गिरोह ने फैलाई फेक न्यूज: पोल खुलने पर किया डिलीट

हालाँकि सरकार के सूत्रों ने इन मीडिया रिपोर्ट्स को भ्रांतिपूर्ण बताया क्योंकि इन रिपोर्ट्स में जिस ऑक्सीजन की बात की गई है वह औद्योगिक ऑक्सीजन है जो कि मेडिकल ऑक्सीजन से कहीं अलग होती है।

देश के 3 सबसे बड़े डॉक्टर की 35 बातें: कोरोना में Remdesivir रामबाण नहीं, अस्पताल एक विकल्प… एकमात्र नहीं

देश में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। 2.95 लाख नए मामले सामने आने के बाद देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़ कर...

‘गैर मुस्लिम नहीं कर सकते अल्लाह शब्द का इस्तेमाल, किसी अन्य ईश्वर से तुलना गुनाह’: इस्लामी संस्था ने कहा- फतवे के हिसाब से चलें

मलेशिया की एक इस्लामी संस्था ने कहा है कि 'अल्लाह' एक बेहद ही पवित्र शब्द है और इसका इस्तेमाल सिर्फ इस्लाम के लिए और मुस्लिमों द्वारा ही होना चाहिए।

आज वैक्सीन का शोर, फरवरी में था बेकारः कोरोना टीके पर छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेसी सरकार ने ही रचा प्रोपेगेंडा

आज छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री इस बात से नाखुश हैं कि पीएम ने राज्यों को कोरोना वैक्सीन देने की बात नहीं की। लेकिन, फरवरी में वही इसके असर पर सवाल उठा रहे थे।

प्रचलित ख़बरें

रेप में नाकाम रहने पर शकील ने बेटी को कर दिया गंजा, जैसे ही बीवी पढ़ने लगती नमाज शुरू कर देता था गंदी हरकतें

मेरठ पुलिस ने शकील को गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी ही बेटी ने रेप करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

रवीश और बरखा की लाश पत्रकारिताः निशाने पर धर्म और श्मशान, ‘सर तन से जुदा’ रैलियाँ और कब्रिस्तान नदारद

अचानक लग रहा है जैसे पत्रकारों को लाश से प्यार हो गया है। बरखा दत्त श्मशान में बैठकर रिपोर्टिंग कर रही हैं। रवीश कुमार लखनऊ को लाशनऊ बता रहे हैं।

गुजरात: अली मस्जिद में सामूहिक नमाज से रोका तो भीड़ ने पुलिस पर किया हमला, वाहनों को फूँका

गुजरात के कपड़वंज में पुलिस ने जब सामूहिक नमाज पढ़ने से रोका तो भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया। चौकी और थाने में तोड़फोड़ की।

पाकिस्तानी फ्री होकर रहें, इसलिए रेप की गईं बच्चियाँ चुप रहें: महिला सांसद नाज शाह के कारण 60 साल के बुजुर्ग जेल में

"ग्रूमिंग गैंग के शिकार लोग आपकी (सासंद की) नियुक्ति पर खुश होंगे।" - पाकिस्तानी मूल के सांसद नाज शाह ने इस चिट्ठी के आधार पर...
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

293,787FansLike
82,856FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe