Homeदेश-समाजशेखर सुमन के जीजा हैं पटना से 'लापता' हुए डॉक्टर, 22 दिन बाद भी...

शेखर सुमन के जीजा हैं पटना से ‘लापता’ हुए डॉक्टर, 22 दिन बाद भी सुराग नहीं: अभिनेता ने कहा- मेरी बहन का बुरा हाल, हो CBI जाँच

बिहार के पटना से लापता डॉक्टर संजय कुमार की गुमशुदगी अब एक बड़ा मामला बन गई है। बॉलीवुड अभिनेता शेखर सुमन ने इसे मीडिया में उठाया है और उचित कार्रवाई के लिए सीएम नीतीश कुमार से बात भी करने को कहा है।

बिहार के पटना से 1 मार्च को लापता हुए डॉक्टर संजय कुमार की गुमशुदगी अब एक बड़ा मामला बन गई है। बॉलीवुड अभिनेता शेखर सुमन ने इसे मीडिया में उठाया है और उचित कार्रवाई के लिए सीएम नीतीश कुमार से बात भी करने को कहा है।

सामने आई जानकारी के अनुसार, संजय कुमार बॉलीवुड एक्टर शेखर सुमन के रिश्ते में बहनोई हैं। उन्हें गायब हुए 22 दिन हो गए हैं। कई कोशिशों के बाद भी उनका कोई पता नहीं चल पाया है। शेखर की बहन का रो रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि संजय एक सीधे-सादे डॉक्टर थे जिनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।

अभिनेता पूछते हैं कि अगर हम ये भी सोचें कि उन्होंने आत्महत्या की तो फिर शव कहाँ पर है। क्या ऐसा हो सकता है कि 7: 42 पर कोई व्यक्ति ब्रिज से कूदे और आसपास किसी ने न देखा हो। वह कहते हैं कि इस मामले में सीबीआई जाँच होनी चाहिए क्योंकि पुलिस 22 दिन बाद भी कोई सबूत जुटाने में सक्षम नहीं है।

शेखर सुमन बिहार प्रशासन पर सवाल खड़ा करते हुए कहते हैं कि संजय के साथ क्या हुआ, इसका पता चल जाता अगर ओवरब्रिज (जहाँ से डॉक्टर गायब हुए) के पास कैमरे होते। उन्होंने कहा, “मैं इस मामले में नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से मिलने की कोशिश करूँगा और अनुरोध करूँगा कि पूरे मामले में पुलिस से सही से जाँच करवाई जाए। अगर पुलिस इसे नहीं कर पा रही तो इसमें सीबीआई को शामिल करना चाहिए और कैसे भी संजय के साथ क्या हुआ इसका पता लगाना चाहिए।”

शेखर सुमन ने यह भी बताया कि संजय के गायब होने के बाद से उनकी बहन की हालत काफी खराब है। वो रोकर कहती हैं- “मेरे पति को ला दो।” अपनी बहन की स्थिति बताते हुए वह खुद भी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले बिहार भले ही बदल गया लेकिन अब भी कुछ कमजोरियों को ठीक करने की जरूरत है।

1 मार्च को लापता हुए डॉक्टर संजय कुमार

उल्लेखनीय है कि पटना के NMHC के डॉक्टर संजय कुमार 1 मार्च को लापता हुए थे। उनकी गाड़ी गाँधी सेतु पर मिली थी। उनकी पत्नी डॉ सलोनी कुमारी का कहना था कि उनकी अपने पति से आखिरी दफा बात 1 मार्च की शाम को हुई थी, उस समय वह गाँधी सेतु पर ही फंसे थे। उसके बाद उनका कोई पता नहीं चला।

डॉ सलोनी के मुताबिक उन्होंने अपने पति के फोन न उठाने की बात आईएएस डिंपल वर्मा और जीजा प्रशांत कुमार ए़डीजी लॉ एंड ऑर्डर को दी थी। पुलिस से उनका नंबर सर्विलांस पर रखवाया गया, मगर कोई जानकारी नहीं मिली। छानबीन में गाड़ी में उनका फोन और चश्मा मिला। लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने ब्रिज के आसपास के फुटेज खंगाले फिर भी डॉक्टर से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -