Tuesday, January 26, 2021
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नाम बदल कर प्यार, धर्म परिवर्तन के बाद निकाह, फिर खिलाया गोमांस: शिमला से दिल्ली तक हिंदू लड़की का दर्द

शामी के परिवारवालों ने पीड़िता को गोमांस भी खिलाया और औलाद प्राप्ति की नीयत से एक दिन के लिए कब्रिस्तान में भी रखा। पीड़िता 7 फरवरी को जैसे-तैसे लड़के के चंगुल से भाग कर शिमला अपने माता-पिता के पास पहुँची और...

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में धर्म परिवर्तन कराकर जबरन निकाह करने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक एक मुस्लिम लड़का हिंदू लड़की को नौकरी और शादी का झाँसा देकर दिल्ली ले गया। लड़की ने पुलिस को इसकी शिकायत करते हुए कहा कि लड़के ने उसका धर्म परिवर्तन कराकर जबरन उसके साथ निकाह किया। 

लड़की ने आरोप लगाया कि लड़के ने उससे अपना धर्म छुपाया था। दिल्ली ले जाने के बाद लड़के ने बताया कि वह पहले से ही शादीशुदा है और दो बच्चों का बाप है, साथ ही मुस्लिम धर्म का है। यह सुनकर लड़की ने शादी से मना कर दिया। जिसके बाद लड़के ने युवती का जबरन धर्म परिवर्तन करवा कर जोर-जबरदस्ती के साथ निकाह कर लिया। इस दौरान लड़के और उसकी बहन ने लड़की से मारपीट भी की। लड़के का नाम शामी बताया जा रहा है। 

इतना ही नहीं शामी के परिवारवालों ने पीड़िता को गोमांस भी खिलाया और औलाद प्राप्ति की नीयत से एक दिन के लिए कब्रिस्तान में भी रखा। हालाँकि पीड़िता 7 फरवरी को जैसे-तैसे लड़के के चंगुल से भाग कर शिमला अपने माता-पिता के पास पहुँची और लड़के के खिलाफ शिमला डीसी कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई। पीड़िता ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।

वहीं, मामला सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद लड़की के साथ खड़ा हो गया है और मुस्लिम लड़के के खिलाफ कड़ी कारवाई करने की माँग की है। विश्व हिंदू परिषद के जिला संगठन मंत्री कुशल चंद ने कहा कि प्रदेश में बाहरी राज्यों से लोग बिना किसी पुलिस वेरिफिकेशन के रह रहे हैं, जो इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में दलित, महिला या नाबालिग का जबरन धर्मांतरण कराने पर 2 से 7 साल तक की कैद की सजा का प्रावधान है। अगस्त 2019 में यह कानून लाया गया। इस कानून के मुताबिक अगर कोई शख्स अपना मजहब बदलना चाहता है तो उसे कम से कम एक महीने पहले जिलाधिकारी को लिखकर देना होगा। उसे यह बताना होगा कि वह स्वेच्छा से ऐसा कर रहा है। धर्मांतरण कराने वाले पुरोहित/पादरी या किसी धर्माचार्य को भी एक महीने पहले इसकी सूचना देनी होगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

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