Thursday, June 24, 2021
Home देश-समाज श्रमिक ट्रेनें तैयार, कुछ राज्य नहीं दे रहे सहमति; UP ने मँगवाए 800, बंगाल...

श्रमिक ट्रेनें तैयार, कुछ राज्य नहीं दे रहे सहमति; UP ने मँगवाए 800, बंगाल ने बस 19: मंत्रालय सूत्र

कई अन्य भी ऐसे राज्य हैं, जहाँ भारी मात्रा में प्रवासी रह रहे हैं, मगर इसके बावजूद उन्होंने अभी तक काफी कम ट्रेनों को अनुमति दी है। जैसे छत्तीसगढ़ ने सिर्फ 19 ट्रेनें, राजस्थान ने मात्र 33 ट्रेनें और झारखंड ने केवल 72 ट्रेनों को मंजूरी दी है।

रेलमंत्री पिछले कुछ दिनों से राज्य सरकारों से अन्य ट्रेनों को स्वीकृति देने की अपील कर रहे हैं ताकि फँसे हुए श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुँचाया जा सके। उन्होंने राजस्थान, झारखंड और बंगाल से खासतौर से अपील की है।

रेल मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि श्रमिक ट्रेन चलाने के लिए दो राज्यों के बीच सहमति आवश्यक है। उदाहरण के लिए श्रमिक ट्रेन को पश्चिम बंगाल से गुजरात और गुजरात से पश्चिम बंगाल जाने के लिए दोनों राज्यों की सहमति चाहिए होती है।

मगर बेहद अफसोस की बात है कि कुछ राज्य अपने प्रवासियों को ले जाने वाली श्रमिक ट्रेनों को स्वीकृति नहीं दे रही है, जिसकी वजह से कई प्रवासी मजदूर सड़कों पर पैदल चलने को मजबूर हैं तो कई मजदूर माल से लदे ट्रक जैसे असुरक्षित वाहनों से अपने गृह राज्य जाने के लिए मजबूर हैं। इस सबके बीच सोशल डिस्टेंसिंग की भी धज्जियाँ उड़ रही हैं, जिसका पालन करना फिलहाल बेहद आवश्यक है।

रेल मंत्रालय के अनुसार अभी तक उत्तर प्रदेश ही एकमात्र राज्य है, जिसने सबसे अधिक ट्रेनों को अपने राज्य में आने की अनुमति दी है। उत्तर प्रदेश ने अब तक 800 श्रमिक ट्रेनों को राज्य में आने की स्वीकृति प्रदान की है।

वहीं दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल, जहाँ प्रवासियों की संख्या काफी अधिक है, ने अब तक मात्र 19 श्रमिक ट्रेनों को मंजूरी दी है।

ओडिशा ने भी चक्रवात की वजह से तटीय क्षेत्रों की ट्रेनों को स्थगित कर दिया है।

कई अन्य भी ऐसे राज्य हैं, जहाँ भारी मात्रा में प्रवासी रह रहे हैं, मगर इसके बावजूद उन्होंने अभी तक काफी कम ट्रेनों को अनुमति दी है। जैसे छत्तीसगढ़ ने सिर्फ 19 ट्रेनें, राजस्थान ने मात्र 33 ट्रेनें और झारखंड ने केवल 72 ट्रेनों को मंजूरी दी है।

गौरतलब है कि श्रमिक ट्रेन विशेष आग्रह पर शुरू की गई स्पेशल ट्रेन है। इन्हें प्रवासी मजदूरों को उनके घरों/ राज्यों तक भेजने के लिए स्टार्ट किया गया है। इन ट्रेनों को केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की माँग और मजदूरों के प्रदर्शन को देखकर चालू करवाने का फैसला किया है। इन ट्रेनों की यही खासियत है कोरोना के समय में चालू की गई ये ट्रेनें सार्वजनिक रूप से सबको सेवा देने के लिए नहीं है। ये राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वे अपने राज्य में पंजीकृत मजदूरों को चिह्नित करें, उनकी स्क्रीनिंग कर उन्हें ट्रेन से गृहराज्य भेजें।

श्रमिक ट्रेन की शुरुआत की घोषणा के साथ ही विवाद शुरू हो गया और इस विवाद को शुरू किया कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने। सोनिया गाँधी ने दावा किया कि केंद्र सरकार प्रवासियों को घर पहुँचाने के लिए पैसे ले रही है। कई मीडिया हाउस ने भी इस भी इस झूठी और गलत खबर को खूब भुनाया।

दरअसल, मजदूरों को घर भेजने के लिए खर्च होने वाले लागत का 85% केंद्र सरकार (रेलवे) द्वारा वहन किया जा रहा है और 15% राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। ये राज्य सरकार पर निर्भर करता है कि वो ये पैसे अपने सरकारी फंड से दे या फिर किसी NGO या किसी अन्य माध्यम से एकत्र कर करती है। केंद्र सरकार और रेलवे यात्रियों से सीधा शुल्क नहीं ले रही है और उस 15% का भुगतान राज्य सरकार पर छोड़ दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्य अपने स्वयं के प्रवासी श्रमिकों को स्वीकार करने से ज्यादा तवज्जो अपने राज्य के प्रवासियों को भेजने को दे रहे हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मोदी ने भगा दिया वाला प्रोपेगेंडा और माल्या-चोकसी-नीरव पर कसता शिकंजा: भारत में आर्थिक पारदर्शिता का भविष्य

हमारा राजनीतिक विमर्श शोर प्रधान है। लिहाजा कई महत्वपूर्ण प्रश्न दब गए। जब इन आर्थिक भगोड़ों पर कड़ाई का नतीजा दिखने लगा है, इन पर बात होनी चाहिए।

कोरोना वैक्सीन पर प्रशांत भूषण की नई कारस्तानी: भ्रामक रिपोर्ट शेयर की, दावा- टीका लेने वालों की मृत्यु दर ज्यादा

प्रशांत भूषण एक बार फिर ट्वीट्स के जरिए कोरोना वैक्सीन पर लोगों को गुमराह कर डराने की कोशिश करते नजर आए हैं।

‘ममता के वकील भी पॉलिटिकल’: नंदीग्राम की सुनवाई से खुद को अलग करने पर जस्टिस चंदा ने फैसला सुरक्षित रखा

जस्टिस कौशिक चंदा ने उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसमें उनसे खुद को सुनवाई से अलग करने की माँग की गई है।

‘राहुल गाँधी देश के प्रमुख नेता’ Vs ‘राहुल गाँधी केवल ट्विटर पर सक्रिय’ – 5 दिन में बदला समीकरण, खुल कर खेल रही शिवसेना

महाराष्ट्र विकास अघाड़ी में दरार की अटकलों के बीच, शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में कॉन्ग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके नेता...

जम्मू-कश्मीर के लोग अपने पूर्व मुख्यमंत्री को जेल में डालने के लिए धरने पर बैठे, कर रही थीं पाकिस्तान की वकालत

"महबूबा मुफ्ती से बातचीत के बजाय उन्हें तिहाड़ जेल भेजा जाना चाहिए। दिल्ली से उन्हें वापस जम्मू कश्मीर नहीं आने दिया जाना चाहिए।”

फेसबुक का ‘haha’ इस्लाम में हराम: मौलाना अहमदुल्‍लाह ने जारी किया फतवा, वीडियो को 20 लाख व्यूज

बांग्‍लादेश के एक चर्चित मौलाना ने फेसबुक के 'हाहा' इमोजी के खिलाफ फतवा जारी किया है। अहमदुल्‍ला ने कहा कि...

प्रचलित ख़बरें

TMC के गुंडों ने किया गैंगरेप, कहा- तेरी काली माँ न*गी है, तुझे भी न*गा करेंगे, चाकू से स्तन पर हमला: पीड़ित महिलाओं की...

"उस्मान ने मेरा रेप किया। मैं उससे दया की भीख माँगती रही कि मैं तुम्हारी माँ जैसी हूँ मेरे साथ ऐसा मत करो, लेकिन मेरी चीख-पुकार उसके बहरे कानों तक नहीं पहुँची। वह मेरा बलात्कार करता रहा। उस दिन एक मुस्लिम गुंडे ने एक हिंदू महिला का सम्मान लूट लिया।"

‘CM योगी पहाड़ी, गोरखपुर मंदिर मुस्लिमों की’: धर्मांतरण पर शिकंजे से सामने आई मुनव्वर राना की हिंदू घृणा

उन्होंने दावा किया कि योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनने की इतनी जल्दी है कि 1000 क्या, वो ये भी कह सकते हैं कि यूपी में 1 करोड़ हिन्दू धर्मांतरण कर के मुस्लिम बन गए हैं।

कन्नौज के मंदिर में घुसकर दिलशाद ने की तोड़फोड़, उमर ने बताया- ये सब किसी ने करने के लिए कहा था

आरोपित ने बताया है कि मूर्ति खंडित करने के लिए उसे किसी ने कहा था। लेकिन किसने? ये जवाब अभी तक नहीं मिला है। फिलहाल पुलिस उसे थाने ले जाकर पूछताछ कर रही है।

जानिए कैसे श्याम प्रताप सिंह बन गया मौलाना मोहम्मद उमर, पूर्व PM का रिश्तेदार है परिवार: AMU से मिल चुका है सम्मान

जानिए कैसे श्याम प्रताप सिंह बन गया मौलाना मोहम्मद उमर गौतम, जिसने 1000 हिंदुओं को मुस्लिम बनाया। उसका परिवार दिवंगत पूर्व PM वीपी सिंह का रिश्तेदार है। उसका कहना था कि वो 'अल्लाह का काम' कर रहा है।

‘इस्लाम अपनाओ या मोहल्ला छोड़ो’: कानपुर में हिन्दू परिवारों ने लगाए पलायन के बोर्ड, मुस्लिमों ने घर में घुस की छेड़खानी और मारपीट

पीड़ित हिन्दू परिवारों ने कहा कि सपा विधायक आरोपितों की मदद कर रहे हैं। घर में घुस कर मारपीट की गई। लड़की के साथ बलात्कार का भी प्रयास किया गया।

‘हरा$ज*, हरा%$, चू$%’: ‘कुत्ते’ के प्रेम में मेनका गाँधी ने पशु चिकित्सक को दी गालियाँ, ऑडियो वायरल

गाँधी ने कहा, “तुम्हारा बाप क्या करता है? कोई माली है चौकीदार है क्या हैं?” डॉक्टर बताते भी हैं कि उनके पिता एक टीचर हैं। इस पर वो पूछती हैं कि तुम इस धंधे में क्यों आए पैसे कमाने के लिए।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
105,735FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe