Wednesday, May 22, 2024
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मामूली विवाद में श्याम राठौड़ को जान से मार डाला: शेख सादिक, सैयद हफीज और सिराजुद्दीन गिरफ्तार, महाराष्ट्र की घटना

पुलिस ने श्याम की हत्या के मामले में 42 वर्षीय शेख सादिक उर्फ सदर मंसूर अली, 28 वर्षीय सैयद कलीम उर्फ सैयद हफीज, 20 वर्षीय मनु उर्फ सिराजुद्दीन, सबीरोद्दीन, वहबुद्दीन, मुकीमोद्दीन और रफीकुद्दीन को गिरफ्तार किया है।

महाराष्ट्र के यवतमाल के काली दौलतखान में शुक्रवार (3 दिसंबर 2021) को दिनदहाड़े पाँच लोगों ने 22 वर्षीय श्याम शेषराव राठौड़ की बेरहमी से हत्या कर दी थी। जानकारी के अनुसार, श्याम काली दौलतखान के बस स्टैंड एरिया में बाइक से जा रहा था, तभी आरोपितों ने उसे बीच सड़क पर रोका और उस पर चाकू और तलवार से हमला कर दिया। इससे श्याम की आंत फट गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस ने श्याम की हत्या के मामले में 42 वर्षीय शेख सादिक उर्फ सदर मंसूर अली, 28 वर्षीय सैयद कलीम उर्फ सैयद हफीज, 20 वर्षीय मनु उर्फ सिराजुद्दीन, सबीरोद्दीन, वहबुद्दीन, मुकीमोद्दीन और रफीकुद्दीन को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई तलवार और चाकू भी बरामद किया है। उन्हें 10 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में अभी और आरोपितों की गिरफ्तारी हो सकती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपितों ने मामूली बात को लेकर हुए विवाद में राठौड़ की हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि श्याम की बाइक ने उनमें से एक आरोपित को टक्कर मार दी थी, जिसके बाद दोनों में कहासुनी हो गई। इसके बाद आरोपित ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर श्याम पर तलवारों और चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। श्याम की मौत के बाद से यानी शुक्रवार दोपहर से उसके गाँव में तनाव का माहौल है।

शनिवार (4 दिसंबर 2021) को श्याम का शव उसके घर पहुँचा। बेटे की हत्या से परिजन काफी आक्रोशित थे, उन्होंने फैसला किया जब तक श्याम के हत्यारों को गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता, तब तक वह उसका अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। बाद में श्याम के भाई लक्ष्मण राठौड़ की शिकायत पर पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद परिजनों ने दाह संस्कार किया। इस घटना में लक्ष्मण भी घायल हो गया था।

श्याम की मौत के बाद से इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। कुछ ग्रामीणों ने बस स्टैंड क्षेत्र में भी आग लगा दी। दोनों समुदायों में दंगे की आशंका के चलते शुक्रवार की रात को आसपास के इलाकों में भी कर्फ्यू लगा दिया गया था। मौके पर पहुँचे जिला पुलिस अधीक्षक डॉ दिलीप पाटिल भुजबल ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

बता दें कि काली दौलतखान पहले से ही एक संवेदनशील इलाका माना जाता है। श्याम के पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी और परिवार की जिम्मेदारी उस पर थी। वह पुलिस में भर्ती होने और अन्य नौकरियों के लिए प्रयास कर रहा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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