Wednesday, July 17, 2024
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अटारी बॉर्डर पर चल रहा एनकाउंटर, मूसेवाला का एक हत्यारा ढेर-बाकी घिरे: क्या पाकिस्तान भागने की फिराक में थे

कहा जाता है कि गोल्डी बराड़ ने पहली गोली चलाने का आदेश मनप्रीत को दिया था। मनप्रीत लकी पटियाला गैंग से बदला लेना चाहता था, इसलिए मुसेवाला की हत्या की साजिश में उसे सबसे पहले शामिल किया गया था। बता दें कि मनप्रीत की जेल में पिटाई का एक वीडियो वायरल किया गया था।

पंजाबी गायब सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की हत्या में शामिल गैंगस्टरों को पुलिस ने पाकिस्तान (Pakistan) सीमा के पास घेर कर एनकाउंटर किया है। इनमें से एक गैंगस्टर मारा गया, जबकि बाकियों के साथ एनकाउंटर जारी है। इस कार्रवाई में तीन पुलिस वाले भी घायल हुए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान सीमा से सटे अटारी बॉर्डर से महज 10 किलोमीटर दूर अमृतसर जिले में 3 घंटे से एनकाउंटर जारी है। चिचा भकना के गाँव होशियार नगर में जिन तीन गैंगस्टरों को पुलिस ने घेरा हैं, उनमें एक मनप्रीत मन्नू कुस्सा और दूसरा जगरूप रूपा है। तीसरे गैंगस्टर की पहचान अभी नहीं हो पाई है। वहीं, कौन गैंगस्टर मारा गया है, इसकी भी अभी पुष्टि नहीं हुई है।

इस ऑपरेशन में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स, स्पेशल ऑपरेशन सेल, ऑर्गनाइज्ड क्राइम कंट्रोल यूनिट के अलावा अमृतसर पुलिस भी शामिल है। पुलिस के बेहतरीन शूटर और क्विक रिएक्शन टीम भी मौके पर मौजूद है। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और लोगों से अपने घरों में रहने के लिए कहा है।

इन अपराधियों के पास एके-47 हैं। इन्हीं से ये पुलिस पर गोलियाँ चला रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मूसेवाला के कत्ल में इस्तेमाल हुए हथियार इन्हीं के पास हैं। बताया जा रहा है कि ये गैंगस्टर गाँव की पुरानी हवेली में छिपे हैं। दरअसल, पंजाब पुलिस को जानकारी मिली थी कि सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से जुड़े गैंगस्टर गाँव में छिपे हो सकते हैं। इसके बाद यह कार्रवाई की गई।

इससे पहले पुलिस ने बिश्नोई गैंग के एक शार्प शूटर अंकित सिरसा को गिरफ्तार किया गया था। अंकित सिरसा से पहले प्रियव्रत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। यह बात भी सामने आई थी कि सचिन भिवानी ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या से जुड़े चार शूटरों को पनाह दी थी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की की जाँच में इस मामले से जुड़े गिरफ्तार शूटर्स ने कई खुलासे किये थे। गोल्डी बराड़ और लॉरेश बिश्नोई का वफादार और सबसे खतरनाक शूटर मनप्रीत उर्फ मानू तरनतारन जिले के खुसा गाँव का रहने वाला है। मूसेवाला की हत्या के दौरान मनप्रीत ने ही ही एके-47 से पहली गोली चलाई थी। इसके बाद बाकी शूटर्स ने मूसेवाला पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी।

पुलिस जाँच में यह बात भी सामने आई थी कि मूसेवाला की हत्या करने वाले मनप्रीत मन्नू कुस्सा और जगरूप रूपा घटना को अंजाम देने के बाद पंजाब में ही घूमते रहे। कहा जा रहा है कि जून के अंत तक वे तरनतारन के एक गाँव में छिपे रहे। रूपा इसी इलाके का रहने वाला है। यहाँ तूफान नाम के एक गैंगस्टर ने उन्हें अपने फार्म हाउस में छिपा रखा था। इनके साथ गैंगस्टर रईया भी मौजूद था।

शार्पशूटर मनप्रीत और रूपा को 21 जून को मोगा के समालसर में चोरी की बाइक पर जाते हुए देखा गया था। CCTV कैमरे में इनकी तस्वीर देखी गई थी। बता दें कि मूसेवाला की हत्या 29 मई को हुई थी। हालाँकि, हत्या के बाद पंजाब में ही रहने के बावजूद पुलिस इन्हें नहीं पकड़ सकी थी।

कहा जाता है कि गोल्डी बराड़ ने पहली गोली चलाने का आदेश मनप्रीत को दिया था। मनप्रीत लकी पटियाला गैंग से बदला लेना चाहता था, इसलिए मुसेवाला की हत्या की साजिश में उसे सबसे पहले शामिल किया गया था। बता दें कि मनप्रीत की जेल में पिटाई का एक वीडियो वायरल किया गया था।

मनप्रीत को शक था कि बंबीहा गैंग ने उसे पिटवाकर बदनामी कराई। इस गैंग का सबसे खतरनाक गैंगस्टर सुखप्रीत सिंह बुड्डा को यूरोपीय देश रोमानिया से 12 अगस्त 2019 को गिरफ्तार किया था। सीबीआई की इनपुट पर इंटरपोल ने उसे गिरफ्तार किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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