Thursday, June 13, 2024
Homeदेश-समाज'पशु-प्रेमी हैं तो मांस मत खाइए, हर दिन 20 करोड़ जानवरों को मारा जा...

‘पशु-प्रेमी हैं तो मांस मत खाइए, हर दिन 20 करोड़ जानवरों को मारा जा रहा’: दीवाली का विरोध करने वालों को सद्गुरू का जवाब

इससे पहले जग्गी वासुदेव ने ट्विटर पर कहा था, "वायु प्रदूषण की चिंता कोई ऐसा कारण नहीं है कि बच्चों को पटाखे फोड़ने की खुशी से वंचित किया जाए। अगर आप उनके लिए कुछ करना चाहते हैं तो तीन दिन पैदल अपने ऑफिस जाएँ और बच्चों को पटाखों का आनंद लेने दें।”

दीवाली पर जानवरों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का हवाला देकर पटाखों का विरोध करने वाले लेफ्ट-लिबरल्स को आइना दिखाने के बाद सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने एक बार फिर से ‘ज्ञान’ देने वालों को जबाव दिया है। उन्होंने कहा है कि जानवरों की हत्या कसाईखाने में की जाती है, दीवाली मनाने से उन्हें कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर आप सच में जानवरों से प्यार करते हैं तो स्लॉटर हाउसों में जाकर उन्हें बचाइए।

ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने 4 नवंबर 2021 को ट्विटर पर अपने इंटरव्यू का वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने बच्चों के लिए पटाखों पर से प्रतिबंध हटाने की अपील की। सद्गुरु ने ट्वीट किया, “यदि आप एक पशु-प्रेमी, पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील इंसान हैं तो आपको दैनिक मांस की खपत में कटौती करनी चाहिए। बच्चों को खुशी के इस दिन को मनाने दें।”

उन्होंने वीडियो में कहा कि यह ‘जानवरों और पक्षियों के लिए अचानक चिंता करने जैसी बात है, क्योंकि भोजन के लिए दुनिया भर में हर दिन 20 करोड़ से अधिक जानवरों का वध हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया, “अगर आप मांस के खपत को आधा कर दें तो हर दिन 10 करोड़ जानवरों को बचा सकते हैं। यदि आप एक पशु प्रेमी हैं तो आपको यही करना चाहिए।”

सद्गुरू के मुताबिक, “आपको बूचड़खानों में जाकर समझना चाहिए कि कुछ समय पहले आपने जो कबाब खाया वह एक जानवर था। बीफ रोस्ट एक बहुत ही प्यारा जानवर था और आप जो चिकन खा रहे हैं वह एक पक्षी था।”

इससे पहले भी सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने दिवाली के मौके पर पटाखों पर प्रतिबंध लगाने का विरोध किया। इसको लेकर बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने भी अपनी सहमति जताई है। दरअसल, सद्गुरु ने पटाखे फोड़ने से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने का सिंपल फॉर्मूला दिया है। धार्मिक गुरु ने ट्विटर पर कहा, “वायु प्रदूषण की चिंता कोई ऐसा कारण नहीं है कि बच्चों को पटाखे फोड़ने की खुशी से वंचित किया जाए। अगर आप उनके लिए कुछ करना चाहते हैं तो तीन दिन पैदल अपने ऑफिस जाएँ और बच्चों को पटाखों का आनंद लेने दें।”

उनके इस सुझाव का अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी समर्थन किया था। उन्होंने कहा था, “सद्गुरु वह व्यक्ति हैं, जिन्होंने लाखों पेड़ लगाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। दिवाली के मौके पर हम सभी पर्यावरण को दूषित होने से बचाएँ और तीन दिनों तक अपनी कार का इस्तेमाल न करें। पैदल ही अपने ऑफिस जाएँ।”

कंगना रनौत की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट
Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नेता खाएँ मलाई इसलिए कॉन्ग्रेस के साथ AAP, पानी के लिए तरसते आम आदमी को दोनों ने दिखाया ठेंगा: दिल्ली जल संकट में हिमाचल...

दिल्ली सरकार ने कहा है कि टैंकर माफिया तो यमुना के उस पार यानी हरियाणा से ऑपरेट करते हैं, वो दिल्ली सरकार का इलाका ही नहीं है।

पापुआ न्यू गिनी में चली गई 2000 लोगों की जान, भारत ने भेजी करोड़ों की राहत (पानी, भोजन, दवा सब कुछ) सामग्री

प्राकृतिक आपदा के कारण संसाधनों की कमी से जूझ रहे पापुआ न्यू गिनी के एंगा प्रांत को भारत ने बुनियादी जरूरतों के सामान भेजे हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -