Homeदेश-समाज'पशु-प्रेमी हैं तो मांस मत खाइए, हर दिन 20 करोड़ जानवरों को मारा जा...

‘पशु-प्रेमी हैं तो मांस मत खाइए, हर दिन 20 करोड़ जानवरों को मारा जा रहा’: दीवाली का विरोध करने वालों को सद्गुरू का जवाब

इससे पहले जग्गी वासुदेव ने ट्विटर पर कहा था, "वायु प्रदूषण की चिंता कोई ऐसा कारण नहीं है कि बच्चों को पटाखे फोड़ने की खुशी से वंचित किया जाए। अगर आप उनके लिए कुछ करना चाहते हैं तो तीन दिन पैदल अपने ऑफिस जाएँ और बच्चों को पटाखों का आनंद लेने दें।”

दीवाली पर जानवरों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण का हवाला देकर पटाखों का विरोध करने वाले लेफ्ट-लिबरल्स को आइना दिखाने के बाद सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने एक बार फिर से ‘ज्ञान’ देने वालों को जबाव दिया है। उन्होंने कहा है कि जानवरों की हत्या कसाईखाने में की जाती है, दीवाली मनाने से उन्हें कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर आप सच में जानवरों से प्यार करते हैं तो स्लॉटर हाउसों में जाकर उन्हें बचाइए।

ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने 4 नवंबर 2021 को ट्विटर पर अपने इंटरव्यू का वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने बच्चों के लिए पटाखों पर से प्रतिबंध हटाने की अपील की। सद्गुरु ने ट्वीट किया, “यदि आप एक पशु-प्रेमी, पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील इंसान हैं तो आपको दैनिक मांस की खपत में कटौती करनी चाहिए। बच्चों को खुशी के इस दिन को मनाने दें।”

उन्होंने वीडियो में कहा कि यह ‘जानवरों और पक्षियों के लिए अचानक चिंता करने जैसी बात है, क्योंकि भोजन के लिए दुनिया भर में हर दिन 20 करोड़ से अधिक जानवरों का वध हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया, “अगर आप मांस के खपत को आधा कर दें तो हर दिन 10 करोड़ जानवरों को बचा सकते हैं। यदि आप एक पशु प्रेमी हैं तो आपको यही करना चाहिए।”

सद्गुरू के मुताबिक, “आपको बूचड़खानों में जाकर समझना चाहिए कि कुछ समय पहले आपने जो कबाब खाया वह एक जानवर था। बीफ रोस्ट एक बहुत ही प्यारा जानवर था और आप जो चिकन खा रहे हैं वह एक पक्षी था।”

इससे पहले भी सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने दिवाली के मौके पर पटाखों पर प्रतिबंध लगाने का विरोध किया। इसको लेकर बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने भी अपनी सहमति जताई है। दरअसल, सद्गुरु ने पटाखे फोड़ने से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने का सिंपल फॉर्मूला दिया है। धार्मिक गुरु ने ट्विटर पर कहा, “वायु प्रदूषण की चिंता कोई ऐसा कारण नहीं है कि बच्चों को पटाखे फोड़ने की खुशी से वंचित किया जाए। अगर आप उनके लिए कुछ करना चाहते हैं तो तीन दिन पैदल अपने ऑफिस जाएँ और बच्चों को पटाखों का आनंद लेने दें।”

उनके इस सुझाव का अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी समर्थन किया था। उन्होंने कहा था, “सद्गुरु वह व्यक्ति हैं, जिन्होंने लाखों पेड़ लगाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। दिवाली के मौके पर हम सभी पर्यावरण को दूषित होने से बचाएँ और तीन दिनों तक अपनी कार का इस्तेमाल न करें। पैदल ही अपने ऑफिस जाएँ।”

कंगना रनौत की इंस्टाग्राम पोस्ट का स्क्रीनशॉट
Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ईसाइयों के टेक्सास में पाँव पसारता इस्लाम: जानिए क्यों एक हिंदू को अपने ही घर में छिपाने पड़े भगवान, हार गई ‘कट्टरपंथ’ के खिलाफ...

पिछले दो दशकों में टेक्सास में 'इस्लाम' की मौजूदगी बढ़ी है। रिपब्लिकन सांसद चिप रॉय ने दावा किया कि टेक्सास में मुस्लिम आबादी में पिछले कुछ वर्षों के दौरान 172 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है।

‘बलूचिस्तान की शेरनी’ को आतंकी घोषित कर पाकिस्तान ने दी उम्रकैद की सजा, आवाज दबाने के लिए बनाया फर्जी केस: जानें डॉ महरंग बलोच...

महरंग बलोच को उम्रकैद की पाकिस्तान कोर्ट ने सजा दी है। उनके संगठन का पूरे बलूचिस्तान में सबसे ज्यादा असर है। उनकी एक आवाज पर लोग मरने-मारने के लिए तैयार रहते हैं।
- विज्ञापन -