Wednesday, April 24, 2024
Homeदेश-समाजगुलबर्गा यूनिवर्सिटी से कन्हैया कुमार को 'आंबेडकर' ने भगाया, कार्यक्रम रद्द

गुलबर्गा यूनिवर्सिटी से कन्हैया कुमार को ‘आंबेडकर’ ने भगाया, कार्यक्रम रद्द

गुलबर्गा विश्वविद्यालय में कन्हैया कुमार के कार्यक्रम पर प्रशासन द्वारा अनुमति न देने को लेकर विश्वविद्यालय की वाइस-चांसलर परिमला आंबेडकर ने कहा कि 'कैम्पस में इस कार्यक्रम के लिए अनुमति न देने में सबसे बड़ी वजह......

फरवरी 2016 में जेएनयू कैंपस में देश विरोधी नारा लगाने और उसे जायज़ ठहराने के लिए हर-जगह घूम-घूमकर बोलने की आज़ादी का डंका पीटने वाले कन्हैया कुमार को कर्नाटक की गुलबर्गा यूनिवर्सिटी से तगड़ा झटका लगा है। देश भर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का डंका पीटने वाले कन्हैया दरअसल गुलबर्गा यूनिवर्सिटी में कार्यक्रम करने के सपने देख रहे थे मगर प्रशासन के एक ही निर्णय ने कन्हैया के पूरे ख्वाब पर पानी फेर दिया।

दरअसल जिस यूनिवर्सिटी में कन्हैया कुमार कार्यक्रम करने को उतावले थे और अपनी ओर से बहुत कुछ तैयारियाँ भी कर चुके थे वहाँ प्रशासन ने उन्हें उनकी करतूतों का आइना दिखाते हुए कार्यक्रम करने के लिए अनुमति देने से मना कर दिया है।

गुलबर्गा विश्वविद्यालय में कन्हैया कुमार के कार्यक्रम पर प्रशासन द्वारा अनुमति न देने को लेकर विश्वविद्यालय की वाइस-चांसलर परिमला आंबेडकर ने कहा कि ‘कैम्पस में इस कार्यक्रम के लिए अनुमति न देने में सबसे बड़ी वजह सुरक्षा को लेकर है, उन्होंने बताया कि इस बारे में उनसे सुरक्षा को लेकर उठने वाले सवालों के बारे में भी कहा गया था।’

स्पष्ट है कि विश्वविद्यालय की सुरक्षा से बड़ा कुछ नहीं हो सकता, यही वजह है की विवादस्पद हरकतों से अपना इतिहास बनाने वाले कन्हैया कुमार को विश्वविद्यालय में किसी तरह का कार्यक्रम करने की परमिशन नहीं दी गई।

बता दें कि इस कार्रवाई को लेकर जब वाइस चांसलर परिमला आंबेडकर से पूछा गया तो उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसमें राज्यपाल की ओर से कोई आदेश नहीं दिया गया है बल्कि यह फैसला विश्वविद्यालय प्रशासन के स्तर पर किया गया है। वीसी परिमला आंबेडकर ने इस फैसले को अमल में लाए जाने के सन्दर्भ में किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव के होने से साफ़ इनकार करते हुए कहा कि कार्यक्रम रद्द करना विश्वविद्यालय स्तर का अपना फैसला है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘नरेंद्र मोदी ने गुजरात CM रहते मुस्लिमों को OBC सूची में जोड़ा’: आधा-अधूरा वीडियो शेयर कर झूठ फैला रहे कॉन्ग्रेसी हैंडल्स, सच सहन नहीं...

कॉन्ग्रेस के शासनकाल में ही कलाल मुस्लिमों को OBC का दर्जा दे दिया गया था, लेकिन इसी जाति के हिन्दुओं को इस सूची में स्थान पाने के लिए नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री बनने तक का इंतज़ार करना पड़ा।

‘खुद को भगवान राम से भी बड़ा समझती है कॉन्ग्रेस, उसके राज में बढ़ी माओवादी हिंसा’: छत्तीसगढ़ के महासमुंद और जांजगीर-चांपा में बोले PM...

PM नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस खुद को भगवान राम से भी बड़ा मानती है। उन्होंने कहा कि जब तक भाजपा सरकार है, तब तक आपके हक का पैसा सीधे आपके खाते में पहुँचता रहेगा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe