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‘आरोप गंभीर हैं’: महिला पहलवानों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जारी किया नोटिस, कपिल सिब्बल ने CJI को सौंपी शिकायतों की कॉपी

मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली पहलवानों ने यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों का प्रदर्शन एक बार फिर से शुरू हो गया है। इन पहलवानों की माँग है कि ‘भारतीय कुश्ती संघ (WFI)’ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ न सिर्फ यौन शोषण की fir दर्ज की जाए, बल्कि उन्हें पद से हटा कर गिरफ्तार भी किया जाए। महिला पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की थी, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने इसे गंभीर मामला बताते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है।

इस याचिका में माँग की गई है कि कैसरगंज से भाजपा के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के विरुद्ध यौन शोषण की FIR दर्ज की जाए। बता दें कि केंद्रीय खेल मंत्रालय ने पिछली बार पहलवानों के प्रदर्शन के बाद एक जाँच समिति भी बनाई थी। मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली पहलवानों ने यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले को शुक्रवार (28 अप्रैल, 2023) को सुना जाएगा।

मंगलवार (25 अप्रैल, 2023) को सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में नोटिस जारी करने के आदेश दिए। पहलवानों का कहना है कि जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं हो जातीं, वो जंतर-मंतर पर ही सोएँगे-खाएँगे। दिल्ली पुलिस ने इसकी पुष्टि की है कि 7 शिकायतें दर्ज की गई हैं। उन सभी की जाँच की जा रही है। कोई पुष्ट सबूत के सामने आते ही FIR दर्ज की जाएगी। केंद्रीय खेल मंत्रालय की समिति से भी दिल्ली पुलिस ने संपर्क किया है और डिटेल्स माँगे हैं।

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने महिला पहलवानों का प्रतिनिधित्व करते हुए सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पीड़िताओं में एक नाबालिग भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कमिटी की रिपोर्ट को भी सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने नाबालिग पहलवान के बारे में बताया कि वो स्वर्ण पदक भी जीत चुकी हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत वो सार्वजनिक रूप से नहीं पढ़ सकते, CJI को इसे देखना चाहिए। उन्होंने माँग की कि FIR दर्ज न करने के लिए पुलिस पर भी मामला चलाया जाए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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