Saturday, January 23, 2021
Home देश-समाज ब्रिटिश काल की हरकतें अनुचित, सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा लोगों के अधिकारों का हनन:...

ब्रिटिश काल की हरकतें अनुचित, सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा लोगों के अधिकारों का हनन: शाहीनबाग पर SC का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पब्लिक प्लेस पर अनिश्चितकाल के लिए कब्जा नही किया जा सकता। अदालत ने कहा कि धरना-प्रदर्शन का अधिकार अपनी जगह है लेकिन अंग्रेजों के राज वाली हरकत अभी करना सही नहीं है।

नई दिल्ली स्थित शाहीन बाग में CAA विरोधी आंदोलन के दौरान सड़क रोक कर बैठे प्रदर्शनकारियों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (अक्टूबर 07, 2020) को कठोर टिप्पणी करते हुए कहा कि कोई भी समूह या शख्स द्वारा सिर्फ विरोध प्रदर्शनों के नाम पर शाहीनबाग जैसी सार्वजनिक जगहों को अनिश्चित काल तक ब्लॉक या कब्जा नहीं किया जा सकता है।

शीर्ष अदालत ने आज अपने फैसले में कहा कि कोई भी व्यक्ति या समूह सार्वजिनक स्थानों को ब्लॉक नहीं कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पब्लिक प्लेस पर अनिश्चितकाल के लिए कब्जा किया जा सकता। अदालत ने कहा कि धरना-प्रदर्शन का अधिकार अपनी जगह है लेकिन अंग्रेजों के राज वाली हरकत अभी करना सही नहीं है।

शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। हालाँकि, अधिकार का मतलब यह नहीं है कि आंदोलन करने वाले लोगों को स्वतंत्रता के लिए संघर्ष के दौरान औपनिवेशिक शासन के खिलाफ इस्तेमाल किए जाने वाले विरोध के साधनों और तरीकों को अपनाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एसके कौल, अनिरुद्ध बोस और कृष्ण मुरारी की बेंच द्वारा यह फैसला दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के लिए सार्वजनिक स्थान पर इस तरह का कब्जा स्वीकार्य नहीं है और निर्धारित स्थानों पर ही विरोध प्रदर्शन होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “शाहीन बाग इलाके से लोगों को हटाने के लिए दिल्ली पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए थी। विरोध प्रदर्शनों के लिए शाहीन बाग जैसे सार्वजनिक स्थलों पर कब्जा करना स्वीकार्य नहीं है। प्रशासन को खुद कार्रवाई करनी होगी और वे अदालतों के पीछे छिप नहीं सकते। लोकतंत्र और असहमति साथ-साथ चलते हैं। लेकिन विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित जगह होनी चाहिए”

बता दें कि शीर्ष अदालत ने गत 21 सितंबर को ‘लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन के अधिकार और लोगों के मुक्त आवागमन के अधिकार को संतुलित करने की आवश्यकता’ के पहलू पर अपना आदेश सुरक्षित रखा था।

वकील अमित साहनी ने जनवरी में शाहीन बाग में हुए सीएए-एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को हटाने के लिए याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता ने शिकायत की थी कि प्रदर्शनकारियों द्वारा ब्लॉक किए गए सड़क की वजह से जनता के मुक्त आवागमन के अधिकार पर असर पड़ रहा।

सुप्रीम कोर्ट ने सड़क से भीड़ नहीं हटाने और इस मामले में अदालत के आदेश की प्रतीक्षा करने के लिए सरकार को भी लताड़ा। अदालत ने कहा कि प्राधिकारियों को खुद कार्रवाई करनी होगी और वे अदालतों के पीछे छिप नहीं सकते।

सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग में तथाकथित सीएए-विरोध पर कहा, “दिल्ली पुलिस को शाहीन बाग क्षेत्र को खाली करने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए थी।”

अदालत ने आगे कहा कि प्रदर्शनों से बड़ी संख्या में लोगों को असुविधा होती है और उनके अधिकारों का उल्लंघन कानून के तहत स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक सड़क का उपयोग करने के लिए लोगों के अधिकार को देखते हुए विरोध का अधिकार संतुलित होना चाहिए। लंबे समय तक ब्लॉक सड़क को लेकर कोर्ट ने पूछा, ” लोगों द्वारा सड़क का उपयोग करने के अधिकार के बारे में क्या?”

गौरतलब है कि कोरोना वायरस को मद्दे नजर रखते हुए लॉकडाउन लागू होने के बाद प्रदर्शकारियों को सड़क से हटा दिया गया था। लेकिन शीर्ष अदालत ने कहा था कि वह ‘राइट टू प्रोटेस्ट बनाम राइट टू मोबिलिटी’ के मुद्दे पर फैसला सुनाएगी। आज के आदेश से सरकारों को अदालती आदेश की प्रतीक्षा किए बिना सार्वजनिक स्थानों पर विरोध प्रदर्शनों को हटाने की कानूनी मंजूरी मिल गई है, इसका प्रभाव आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ करीब 100 दिनों तक लोग सड़क रोक कर बैठे थे। दिल्ली को नोएडा और फरीदाबाद से जोड़ने वाले एक अहम रास्ते को रोक दिए जाने से रोज़ाना लाखों लोगों को परेशानी हो रही थी। इतना ही नहीं दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों की साजिश भी शाहीनबाग में ही रची गई थी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ये पल भावुक करने वाला, नेताजी के नाम से मिलती है नई ऊर्जा: जानिए PM मोदी ने ‘पराक्रम दिवस’ पर क्या कहा

“मैं नेता जी की 125वीं जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उन्हें नमन करता हूँ। मैं आज बालक सुभाष को नेताजी बनाने वाली, उनके जीवन को तप, त्याग और तितिक्षा से गढ़ने वाली बंगाल की इस पुण्यभूमि को भी नमन करता हूँ।”

पुलिस को बदनाम करने के लिए रची गई थी साजिश, किसान नेताओं ने दी थी हत्या की धमकी: योगेश सिंह का खुलासा

साथ ही उन्होंने उसे बुरी तरह धमकाया कि अगर उसने उनका कहा नहीं माना तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उसकी पिटाई की गई। ट्रॉली से उलटा लटका कर उसे मारा गया।

मुनव्वर फारूकी ने कोई ‘जोक क्रैक’ नहीं किया तो जैनब सच-सच बतलाना कमलेश तिवारी क्यों रेता गया

कितनी विचित्र विडंबना है, धार्मिक भावनाएँ आहत होती हैं और उनका विरोध होता है तो साम्प्रदायिकता! लेकिन मज़हबी जज़्बात आहत होते हैं तो...।

‘किसान’ नेताओं के मर्डर की कहानी को दमदार बनाने के लिए ‘नकाबपोश’ योगेश के मोबाइल में डाली 4 तस्वीरें

जिस नकाबपोश को शूटर बता किसान नेताओं ने देर रात मीडिया के सामने पेश किया था उसने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

सेना राष्ट्रवादी क्यों, सरकार से लड़ती क्यों नहीं: AAP वाले रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल ने ‘द प्रिंट’ में छोड़ा नया शिगूफा

लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) HS पनाग पनाग चाहते हैं कि सेना को लेकर जम कर राजनीति हो, उसे बदनाम किया जाए, दुष्प्रचार हो, लेकिन सेना को इसका जवाब देने का हक़ नहीं हो क्योंकि ये राजनीतिक हो जाएगा।

असम में 1 लाख लोगों को मिले जमीन के पट्टे, PM मोदी ने कहा- राज्य में अब तक 2.5 लाख लोगों को मिली भूमि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के करीब 1 लाख जनजातीय लोगों को उनकी जमीन का पट्टा (स्वामित्व वाले दस्तावेज) सौंपा।

प्रचलित ख़बरें

मटन-चिकेन-मछली वाली थाली 1 घंटे में खाइए, FREE में ₹1.65 लाख की बुलेट ले जाइए: पुणे के होटल का शानदार ऑफर

पुणे के शिवराज होटल ने 'विन अ बुलेट बाइक' नामक प्रतियोगिता के जरिए निकाला ऑफर। 4 Kg की थाली को ख़त्म कीजिए और बुलेट बाइक घर लेकर जाइए।

शाहजहाँ: जिसने अपनी हवस के लिए बेटी का नहीं होने दिया निकाह, वामपंथियों ने बना दिया ‘महान’

असलियत में मुगल इस देश में धर्मान्तरण, लूट-खसोट और अय्याशी ही करते रहे परन्तु नेहरू के आदेश पर हमारे इतिहासकारों नें इन्हें जबरदस्ती महान बनाया और ये सब हुआ झूठी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर।

नकाब हटा तो ‘शूटर’ ने खोले राज, बताया- किसान नेताओं ने टॉर्चर किया, फिर हत्या वाली बात कहवाई: देखें Video

"मेरी पिटाई की गई। मेरी पैंट उतार कर मुझे पीटा गया। उलटा लटका कर मारा गया। उन्होंने दबाव बनाया कि मुझे उनका कहा बोलना पड़ेगा। मैंने हामी भर दी।"

‘अल्लाह का मजाक उड़ाने की है हिम्मत’ – तांडव के डायरेक्टर अली से कंगना रनौत ने पूछा, राजू श्रीवास्तव ने बनाया वीडियो

कंगना रनौत ने सीरीज के मेकर्स से पूछा कि क्या उनमें 'अल्लाह' का मजाक बनाने की हिम्मत है? उन्होंने और राजू श्रीवास्तव ने अली अब्बास जफर को...

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। आश्विन ने इन सबकी क्लास ली है।

मंदिर की दानपेटी में कंडोम, आपत्तिजनक संदेश वाले पोस्टर; पुजारी का खून से लथपथ शव मिला

कर्नाटक के एक मंदिर की दानपेटी से कंडोम और आपत्तिजनक संदेश वाला पोस्टर मिला है। उत्तर प्रदेश में पुजारी का खून से लथपथ शव मिला है।
- विज्ञापन -

 

गणतंत्र दिवस के पहले नोएडा, गाजियाबाद सहित इन 6 जगहों पर बम रखे जाने की अफवाह: यूपी पुलिस अलर्ट

गणतंत्र दिवस से पहले उत्तर प्रदेश में भय और आतंक का माहौल है। उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर और इलाहाबाद में इस सप्ताह 6 फर्जी बम रखे जाने की अफवाह के बाद पुलिस सतर्क हो गई है।

किसानों के समर्थन में कॉन्ग्रेस का राजभवन मार्च: दिग्विजय समेत 20 नेता गिरफ्तार, उत्तराखंड में भी हाथापाई पर उतरे कॉन्ग्रेसी

देहरादून में भी कृषि विरोधी प्रदर्शनकारियों ने राजभवन पहुँचने के लिए पुलिस बैरिकेट्स तोड़ने की कोशिश की। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारी पुलिस अधिकारियों के साथ हाथापाई पर उतर गए।

जय श्री राम के उद्घोष से भड़कीं ममता बनर्जी, PM मोदी से कहा- बुलाकर बेइज्जती करना ठीक नहीं

जैसे ही ममता बनर्जी मंच पर भाषण देने पहुँचीं बीजेपी कार्यकर्ता तुरंत जय श्री राम और भारत माता की जय के नारे लगाने लगे, जिससे वो खफा हो गईं।

ये पल भावुक करने वाला, नेताजी के नाम से मिलती है नई ऊर्जा: जानिए PM मोदी ने ‘पराक्रम दिवस’ पर क्या कहा

“मैं नेता जी की 125वीं जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उन्हें नमन करता हूँ। मैं आज बालक सुभाष को नेताजी बनाने वाली, उनके जीवन को तप, त्याग और तितिक्षा से गढ़ने वाली बंगाल की इस पुण्यभूमि को भी नमन करता हूँ।”

पुलिस को बदनाम करने के लिए रची गई थी साजिश, किसान नेताओं ने दी थी हत्या की धमकी: योगेश सिंह का खुलासा

साथ ही उन्होंने उसे बुरी तरह धमकाया कि अगर उसने उनका कहा नहीं माना तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उसकी पिटाई की गई। ट्रॉली से उलटा लटका कर उसे मारा गया।

‘खुले विचारों की हूँ मैं, गृहिणियाँ पसंद के पुरुषों के साथ रख सकती है एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर’: ममता बनर्जी का वायरल वीडियो

सोशल मीडिया पर ममता बनर्जी का एक पुराना वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने खुले विचारों वाली मानसिकता का प्रदर्शन कर रही हैं।

मुनव्वर फारूकी ने कोई ‘जोक क्रैक’ नहीं किया तो जैनब सच-सच बतलाना कमलेश तिवारी क्यों रेता गया

कितनी विचित्र विडंबना है, धार्मिक भावनाएँ आहत होती हैं और उनका विरोध होता है तो साम्प्रदायिकता! लेकिन मज़हबी जज़्बात आहत होते हैं तो...।

भाई की हत्या के बाद पाकिस्तान के पहले सिख एंकर को जेल से कातिल दे रहा धमकी: देश छोड़ने को मजबूर

हरमीत सिंह का आरोप है कि उसे जेल से धमकी भरे फोन आ रहे हैं, जिसमें उसके भाई की हत्या के एक आरोपित बंद है। पुलिस की निष्क्रियता के साथ मिल रहे धमकी भरे कॉल ने सिंह को किसी अन्य देश में जाने के लिए मजबूर कर दिया है।

‘किसान’ नेताओं के मर्डर की कहानी को दमदार बनाने के लिए ‘नकाबपोश’ योगेश के मोबाइल में डाली 4 तस्वीरें

जिस नकाबपोश को शूटर बता किसान नेताओं ने देर रात मीडिया के सामने पेश किया था उसने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।

सेना राष्ट्रवादी क्यों, सरकार से लड़ती क्यों नहीं: AAP वाले रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल ने ‘द प्रिंट’ में छोड़ा नया शिगूफा

लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) HS पनाग पनाग चाहते हैं कि सेना को लेकर जम कर राजनीति हो, उसे बदनाम किया जाए, दुष्प्रचार हो, लेकिन सेना को इसका जवाब देने का हक़ नहीं हो क्योंकि ये राजनीतिक हो जाएगा।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
385,000SubscribersSubscribe