Monday, May 20, 2024
Homeदेश-समाजहिमाचल में धर्म संसद को रोकने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कपिल सिब्बल ने...

हिमाचल में धर्म संसद को रोकने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कपिल सिब्बल ने की थी माँग: हरिद्वार वाले पर उत्तराखंड सरकार से पूछा – क्या कार्रवाई हुई?

उत्तराखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हरिद्वार 'धर्म संसद' में 'हेट स्पीच' आरोपितों के खिलाफ 4 FIR दर्ज की जा चुकी है। साथ ही इस मामले में 3 आरोप-पत्र भी दाखिल किए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश में प्रस्तावित ‘धर्म संसद’ कार्यक्रम पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालाँकि, सर्वोच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि वो स्थानीय पुलिस-प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं। बता दें कि 17 दिसम्बर, 2021 को उत्तराखंड के हरिद्वार में हुए ‘धर्म संसद’ कार्यक्रम के दौरान महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती और जितेंद्र नारायण त्यागी (पहले वसीम रिजवी) पर भड़काऊ और घृणा भरे भाषण देने के आरोप लगे थे।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड कि सरकार से रिपोर्ट माँगी है कि ‘हेट स्पीच’ के इस मामले में अब तक क्या-क्या कार्रवाई की गई। 19 दिसम्बर, 2021 को ‘हिंदू युवा वाहिनी’ ने दिल्ली में इसी तरह का कार्यक्रम आयोजित किया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन कार्यक्रमों में एक खास समुदाय के विरुद्ध युद्ध छेड़ने के लिए उकसाया गया था। लेकिन, अदालत ने याचिकाकर्ताओं की माँग नहीं मानी और इस संबंध में हिमाचल प्रदेश की सरकार को कोई आदेश जारी नहीं किया।

उत्तराखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि हरिद्वार ‘धर्म संसद’ में ‘हेट स्पीच’ आरोपितों के खिलाफ 4 FIR दर्ज की जा चुकी है। साथ ही इस मामले में 3 आरोप-पत्र भी दाखिल किए गए हैं। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था कि महीनों बीत जाने के बावजूद इस मामले में कोई गिरफ़्तारी क्यों नहीं हुई है। याचिकाकर्ताओं में पूर्व हाईकोर्ट जज अंजना प्रकाश और पत्रकार कुर्बान अली शामिल थे। कॉन्ग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने उनकी तरफ से अदालत में जिरह की।

एएम खनविलकर और एएस ओका की पीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि ये सिर्फ मामूली ‘हेट स्पीच’ ही नहीं है, बल्कि पूरे मुस्लिम समुदाय के नरसंहार के लिए उकसाए जाने का मामला है। हिमाचल प्रदेश में रविवार (17 अप्रैल, 2022) को ये कार्यक्रम होने वाला है। हिमाचल प्रदेश सरकार के वकील को इस याचिका की एक कॉपी मुहैया कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है। कपिल सिब्बल ने कहा कि हम उस दौर में हैं, जब ‘सत्यमेव जयते’ नारे का मतलब बदल दिया गया है। 22 अप्रैल को अगली सुनवाई से पहले हिमाचल प्रदेश सरकार को स्टेटस रिपोर्ट दायर करने को कहा गया है

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भारत में 1300 आइलैंड्स, नए सिंगापुर बनाने की तरफ बढ़ रहा देश… NDTV से इंटरव्यू में बोले PM मोदी – जमीन से जुड़ कर...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आँकड़े गिनाते हुए जिक्र किया कि 2014 के पहले कुछ सौ स्टार्टअप्स थे, आज सवा लाख स्टार्टअप्स हैं, 100 यूनिकॉर्न्स हैं। उन्होंने PLFS के डेटा का जिक्र करते हुए कहा कि बेरोजगारी आधी हो गई है, 6-7 साल में 6 करोड़ नई नौकरियाँ सृजित हुई हैं।

कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने ही अध्यक्ष के चेहरे पर पोती स्याही, लिख दिया ‘TMC का एजेंट’: अधीर रंजन चौधरी को फटकार लगाने के बाद...

पश्चिम बंगाल में कॉन्ग्रेस का गठबंधन ममता बनर्जी के धुर विरोधी वामदलों से है। केरल में कॉन्ग्रेस पार्टी इन्हीं वामदलों के साथ लड़ रही है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -