भाई-बहन के साथ डूबा 3 महीने का अर्जुन, तीनों एक ही चिता पर जले, पर साहेब हैं कि मानते नहीं

सरकार को चौतरफा थू-थू से बचाने के लिए प्रशासन एक नई थ्योरी गढ़ रहा है। इसके मुताबिक पति से विवाद होने के बाद महिला ने बच्चों को नदी में फेंक दिया, जबकि स्थानीय अखबारों की रिपोर्ट बताती है कि बच्चों का बाप घटना के वक्त पंजाब में था।

बिहार पर बाढ़ का कहर टूटने के बाद से ही डूब कर लोगों के मरने की लगातार खबरें आ रही हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे हैं। इन बच्चों में 3 महीने का अर्जुन भी है। मंगलवार को बागमती की उपधारा में अपने भाई-बहन के साथ वह डूब कर मर गया।

अर्जुन के शव निकालने की तस्वीर मुझे मुजफ्फरपुर के मीनापुर प्रखंड के एक स्थानीय पत्रकार ने कल दोपहर में भेजी थी। रात को ऑफिस से घर पहुँचने के बाद जब आँखें मूंदे, दोनों हाथ ऊपर उठाए अर्जुन की तस्वीर देखी तो दहल गया। तब तक यह तस्वीर सोशल मीडिया में भी वायरल हो चुकी थी।

आज जब मुजफ्फरपुर के शिवाईपट्टी थाना के शीतलपट्टी गाँव के अर्जुन, उसके 10 वर्षीय भाई राजकुमार और 12 वर्षीय बहन ज्योति के डूब मरने की कहानी लिखने बैठा हूँ तो शब्द नहीं मिल रहे हैं। लेकिन, ‘सुशासन बाबू’ के अफसरों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। सरकार को चौतरफा थू-थू से बचाने के लिए वे एक नई थ्योरी गढ़ने में लग गए हैं।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

इसके मुताबिक अर्जुन और उसके भाई-बहन की मौत बाढ़ में डूबने से नहीं हुई, बल्कि उसकी माँ ने बच्चों के साथ आत्महत्या करने की कोशिश की। एनडीटीवी के मुताबिक अर्जुन की माँ रीना देवी के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।

पति से हुआ विवाद तो पानी में बच्चों को फेंका

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक डीएम ने कहा है,”ग्रामीणों और रीना की 7 साल की बच्ची ने जो बताया उसके मुताबिक रीना देवी का अपने पति के साथ विवाद हुआ था। इसके बाद रीना ने बच्चों को पानी में फेंक दिया था। गाँव वालों ने जब देखा तो उन्होंने बच्चों और रीना देवी को पानी से बाहर निकाला। इस मामले में कोई मुआवजे का ऐलान नहीं किया गया है, क्योंकि यह एक अपराध का मामला है। इसका बाढ़ से कोई लेना-देना नहीं है। इसे हत्या करने का प्रयास माना जा सकता है।”

डीएम के इस दावे की चुगली स्थानीय अखबारों की रिपोर्ट करते हैं। प्रभात खबर ने 17 जुलाई को प्रकाशित रिपोर्ट में बताया है कि रीना देवी अपने चार बच्चों को लेकर मंगलवार की दोपहर नदी किनारे कपड़े धोने गई थी। इसी दौरान नहाते वक्त अपने तीन बच्चों को डूबते देख उन्हें बचाने के लिए अर्जुन के साथ नदी में छलॉंग लगा दी। ग्रामीणों ने रीना और उसकी आठ साल की बेटी राधा को बचा लिया। बाकी तीन के शव बरामद हुए। अर्जुन का शव सबसे आखिर में बरामद हुआ।

आप वीडियो में देख सकते हैं कि मछुआरों ने इन शवों को निकाला।

कहाँ थे गोताखोर?

यह सवाल उठना लाजिमी है कि बाढ़ से प्रभावित इलाके में जब घंटों बच्चों के शव की तलाश की जा रही थी तो प्रशासन के गोताखोर कहॉं थे? उसका बचाव दल कहॉं था? यदि आप स्थानीय अखबारों पर नजर डालें तो पता चलेगा कि जिनकी डूबने से मौत हुई है, उनमें से ज्यादातर के शव स्थानीय लोगों ने ही अपनी जान जोखिम में डालकर तलाशे हैं। इनमें से कुछ के शव तो 48 घंटे बाद मिले। लेकिन, इसका जवाब देने के लिए कोई अधिकारी तैयार नहीं है। बिहार सरकार के आँकड़ों की ही माने तो 17 जुलाई की शाम छह बजे तक 67 लोगों की बाढ़ में मौत हो चुकी थी।

अर्जुन के पिता थे पंजाब में, फिर पत्नी से कैसे हुआ झगड़ा

प्रभात खबर की रिपोर्ट यह भी बताती है कि घटना के वक्त अर्जुन के पिता पंजाब में थे। घटना की खबर मिलने के बाद उन्होंने घर की ट्रेन पकड़ी। अब ऐसे में सवाल उठता है कि जब वे घर पर ही नहीं थे तो उनका अपनी पत्नी से विवाद कैसे हो गया? खबरों के मुताबिक यह पिता बच्चों की मौत से इतना टूट चुका है कि उनको मुखाग्नि देने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। अंत में तीनों बच्चों को एक ही चिता पर लिटा कर दादी ने अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की।

प्रभावित 47 लाख, राहत शिविर 137

बिहार सरकार बाढ़ से प्रभावित अपनी जनता के लिए कितनी फिक्रमंद है उसका अंदाजा इन आँकड़ों से लगाइए। यह बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग का डाटा है जो उन्होंने खुद अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर रखा है। बाढ़ से 12 जिलों की करीब 47 लाख की आबादी प्रभावित है। लेकिन, इनके लिए अब तक केवल 137 राहत शिविर और 1116 सामुदायिक रसोई ही खोले गए हैं। राहत शिविरों में रहने वालों की संख्या करीब 1.15 लाख है। मधुबनी जिले की करीब 3.5 लाख प्रभावित आबादी के लिए केवल 4 राहत शिविर हैं, तो शिवहर की 1.69 लाख प्रभावित आबादी के लिए केवल 7।

राहत और बचाव के काम में जुटे एमएसयू कार्यकर्ता

एमएसयू जैसे संगठनों के भरोसे राहत कार्य

छह दिन बाद भी राहत और बचाव का काम मिथिला स्टूडेंट्स यूनियन (एमएसयू), मानव कल्याण केंद्र जैसी संस्थाओं के भरोसे ही है। बाढ़ में खुद की परवाह नहीं करते हुए इन संगठनों के कार्यकर्ता राहत सामग्री लेकर पीड़ितों तक पहुॅंच रहे हैं। एमएसयू प्रभावित इलाकों में सामुदायिक रसोई भी चला रहा है।

सरकार बहादुर देगी छह हजार

सरकार बहादुर ने ऐलान कर दिया है कि पीड़ितों के खाते में छह हजार राहत के पहुॅंच जाएंगे। यह दूसरी बात है कि प्रभावित इलाकों में सैकड़ों ऐसे लोग मिल जाएँगे जिन्हें पिछली राहत भी अब तक नहीं मिली है। क्यूंकि, उनका हक़ नेताओं-अधिकारियों-ठेकेदारों के उसी गिरोह ने हड़प लिया, जो हर साल तटबंधों की मजबूती के नाम पर करीब 600 करोड़ रुपए का बजट डकार जाते हैं।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

सुरभि ने ट्विटर पर लिखा कि सावरकर की प्रतिमा उन स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमा के साथ नहीं लगाई जानी चाहिए, जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी। सुरभि ने लिखा कि सावरकर अंग्रेजों को क्षमा याचिकाएँ लिखा करते थे।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

बिहार, DM को चिट्ठी

‘एक रात साथ में सोओ तभी बिल पास करूँगा’ – डॉ. जावेद आलम पर ममताकर्मियों ने लगाया गंभीर आरोप

"अस्पताल प्रभारी मोहम्मद जावेद आलम बिल पास करवाने के बदले में एक रात साथ में सोने के लिए कहता है। गाली-गलौच के साथ बात करता है। वो बोलता है कि तुम बहुत बोलती हो, मारेंगे लात तो बाहर छिटका देंगे, निकाल देंगे।"
यासीन मलिक,टाडा कोर्ट

पूर्व गृहमंत्री के बेटी का अपहरण व 5 सैनिकों की हत्या के मामले में टाडा कोर्ट में पेश होंगे यासीन मलिक

यासीन मलिक के ख़िलाफ़ इस समय जिन दो मामलों में केस चल रहा है, वह काफ़ी पुराने हैं। रुबिया सईद के अपहरण के दौरान सीबीआई द्वारा दाखिल चालान के मुताबिक श्रीनगर के सदर पुलिस स्टेशन में आठ दिसंबर 1989 को रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जबकि सैनिको की हत्या वाला मामला 25 जनवरी 1990 का है।
1984 सिख विरोधी दंगा जाँच

फिर से खुलेंगी 1984 सिख नरसंहार से जुड़ी फाइल्स, कई नेताओं की परेशानी बढ़ी: गृह मंत्रालय का अहम फैसला

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमिटी के प्रतिनिधियों की बातें सुनने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जाँच का दायरा बढ़ा दिया। गृह मंत्रालय ने कहा कि 1984 सिख विरोधी दंगे के वीभत्स रूप को देखते हुए इससे जुड़े सभी ऐसे गंभीर मामलों में जाँच फिर से शुरू की जाएगी, जिसे बंद कर दिया गया था या फिर जाँच पूरी कर ली गई थी।
हाजी सईद

YAK की सवारी पड़ी भारी: मेरठ बवाल में वॉन्टेड हाजी सईद को UP पुलिस ने फेसबुक देख किया गिरफ्तार

मेरठ में शांति मार्च की आड़ में जो बवाल हुआ था, हाजी सईद उसका भी सह-अभियुक्त है। हाजी सईद और बदर अली ने मिलकर शांति मार्च के बहाने बवाल कराया था। कुल मिलाकर हाजी सईद पर सदर बाजार थाने में 5, कोतवाली में 1, रेलवे रोड में 2 और देहली गेट थाने में 1 मुकदमा दर्ज।
कश्मीर

जुमे की नमाज़ के बाद कश्मीर में कई जगह प्रदर्शन, फिर से लगीं पाबंदियाँ

लोगों को लाल चौक और सोनावर जाने से रोकने के लिए शहर में कई जगह अवरोधक और कंटीले तार लगाए गए हैं। संयुक्त राष्ट्र का कार्यालय इसी इलाके में है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जगह-जगह सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
सरदार सागीर

कश्‍मीर में जो हालात बिगड़े हैं, उसमें मेरे खुद के देश पाकिस्‍तान का हाथ, भेजेगा और आतंकी: Pak नेता

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट के नेता सरदार सागीर ने घाटी में बिगड़े हालात के लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए उनका खुद का देश पाकिस्तान ही आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है।
पाकिस्तान

‘CBI ऑफिस में झुका कर चिदंबरम को पीटा जा रहा है’ – पाकिस्तानी सांसद ने बोला, भेज रहा हूँ UN को फोटो लेकिन…

"सर आप इस इमेज को ट्वीट करके चिदंबरम के ख़िलाफ़ पुलिस द्वारा किए जा रहे 'अत्याचार' को बंद करवा सकते हैं।" इस पर पाकिस्तानी सांसद ने तीव्र उत्सुकता में आकर लिख डाला - संयुक्त राष्ट्र के साथ इस इमेज को शेयर कर रहा हूँ।
सेक्स रैकेट

दिल्ली में 10 PM-6 AM तक न्यूड वीडियो कॉल: नजमा, असगर, राजा गिरफ्तार; 20 साल की लड़की सहित कई गायब

"ये लोग रोजाना एक ऐप के जरिए रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक युवतियों से न्यूड विडियो कॉल करवाते थे। 15-20 लड़कियों से न्यूड वीडियो कॉल करवाई जाती है। मैं खुद वहाँ 15-20 दिन थी।"
पाकिस्तान, ज़ायेद मैडल

जायद मेडल तो बहानेबाजी है, फ्यूल ख़त्म होने वाली ख़बर जो छिपानी है: पाक सांसदों ने रद्द किया UAE दौरा

पाकिस्तान के संसदीय दल ने अपना यूएई दौरा रद्द कर दिया। पीएम मोदी को यूएई द्वारा जायद मेडल से सम्मानित किए जाने को इसकी वजह बताई गई है। लेकिन, असली वजह कुछ और ही है। पाकिस्तान के आंतरिक सूत्रों से हम निकाल कर लाए हैं दिलचस्प ख़बर।
अरुण जेटली

पाकिस्तानियों ने सोशल मीडिया में फिर दिखाई नीचता, अरुण जेटली के निधन पर खुशी से बावले हुए

एक पाकिस्तानी ने ट्वीट किया, "पहले सुषमा स्वराज और अब अरुण जेटली। इंशाअल्लाह अगले नरेंद्र मोदी और अमित शाह होंगे, क्योंकि इनकी मौत के लिए कश्मीरी दुआ कर रहे हैं। कश्मीर में अत्याचार के लिए ये लोग गुनहगार हैं। ये सब नरक में सड़ेंगे।"

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

84,925फैंसलाइक करें
12,016फॉलोवर्सफॉलो करें
91,557सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: