Sunday, June 16, 2024
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महुआ के सवाल, सरकार के जवाब, एक खास कारोबारी को फायदा… TMC सांसद के हर प्रश्न का पोस्टमॉर्टम पढ़िए यहाँ, जानिए निकाली कौन-कौन सी सूचनाएँ

लोकसभा में महुआ मोइत्रा ने जुलाई 2021 में वित्त मंत्रालय से अडानी समूह की कंपनियों में हिस्सेदारी रखने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के बारे में पूछा। खास बात ये है कि इसी के बाद अडानी समूह के खिलाफ सेबी (SEBI) ने जाँच शुरू की।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने रविवार (15 अक्टूबर) को तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा पर गंभीर आरोप लगाए। अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई की शिकायत के आधार पर दुबे ने आरोप लगाया कि व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी ने लोकसभा में मोइत्रा द्वारा पूछे गए अधिकांश प्रश्नों के लिए नकद और उपहार में भुगतान किया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से महुआ मोइत्रा पर कार्रवाई की माँग की है।

इस पूरे मामले में ऑपइंडिया ने वकील जय अनंत देहाद्राई द्वारा दायर की गई शिकायत की एक प्रति हासिल की और लिस्ट में शामिल प्रश्नों की जाँच की। इन्हीं प्रश्नों को लेकर वकील जय अनंद देहाद्राई ने महुआ मोइत्रा पर हीरानंदानी ग्रुप को लाभ पहुँचाने का आरोप लगाया है। हम महुआ मोइत्रा द्वारा लोकसभा में पूछे गए सवालों की खास लिस्ट आपके साथ साझा कर रहे हैं और बता रहे हैं कि उनसे किस तरह से हीरानंदानी ग्रुप को फायदा पहुँचा।

जुलाई 2019 में पहला सवाल : पारादीप पोर्ट से जुड़ा सवाल

लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने जुलाई 2019 में संसद में पहला सवाल पारादीप बंदरगाह को लेकर पूछा था। ये बंदरगाह ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले में स्थित है और इसका महुआ मोइत्रा से कोई जुड़ाव नहीं। हाँ, महुआ मोइत्रा के सवाल का सीधा जुड़ाव हीरानंदानी ग्रुप की कंपनी से था, क्योंकि उस कंपनी ने पारादीप प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के लिए बोली जीती थी। महुआ मोइत्रा का सवाल इस लिंक के माध्यम से देख सकते हैं।

महुआ मोइत्रा ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) द्वारा शुरू में गैस टर्मिनल के लिए पारादीप पोर्ट ट्रस्ट के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए कहा। बाद में 2015 में इसे छोड़ दिया गया। इसके अलावा, उन्होंने धामरा पोर्ट में हिस्सेदारी हासिल करने के लिए एक निजी संस्था के साथ गेल और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसी) की साझेदारी के बारे में जानकारी माँगी, जो पारादीप पोर्ट परियोजना से काफी महँगी थी।

दूसरा सवाल: नंबर 2019, टेलीकॉम कंपनियों द्वारा दी जा रही सेवाओं की गुणवत्ता के संदर्भ में

नवंबर 2019 में मोइत्रा ने टेलीकॉम कंपनियों की सेवा गुणवत्ता के बारे में एक सवाल पूछा था। इस मामले में हैरान करने वाली बात ये है कि ‘योट्टा’ नाम की हीरानंदानी की कंपनी ने सवाल उठने के एक दिन बाद ही रिलायसं की कंपनी जियो के एक एक्जीक्यूटिव को नौकरी पर रखा था। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने नवंबर 2019 में सरकार से टेलीकॉम कंपनियों की सेवाओं की गुणवत्ता की जानकारी माँगी, खासकर कॉल ड्रॉप दर को लेकर। उन्होंने बीते तीन साल का आँकड़ा माँगा। मंत्रालय ने इस बारे में डाटा भी दिया। सोचिए, ‘योट्टा’ के माध्यम से हीरानंदानी ग्रुप टेलीकॉम सेक्टर पर अपनी नजर जमाए हुई थी।

तीसरा सवाल : नवंबर 2019 में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की हैंडलिंग कैपेसिटी से जुड़ा सवाल

नवंबर 2019 में मोइत्रा ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की हैंडलिंग कैपेसिटी को लेकर सवाल पूछा था। खास बात ये है कि हीरानंदानी ग्रुप ने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के साथ एक समझौता किया था और वो कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट से जुड़ी लाभान्वित पार्टी है। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने अपने सवाल में जहाजरानी मंत्रालय से कार्गो के प्रकार के आधार पर कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट को अर्जित कार्गो की मात्रा और आय से संबंधित जानकारी देने की माँग की। इसके अलावा, उन्होंने हुगली तट के किनारे बंदरगाह विकास को बढ़ावा देने के लिए कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट द्वारा किए गए उपाय और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी माँगी।

इस मामले में जहाजरानी मंत्रालय ने बिंदुवार जवाब दिया और बताया कि कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट ने किस तरह की सुविधाओं का विकास किया है और उसकी कितनी आय है।

सवाल नंबर-4 : भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्पेशल चेक पोस्ट के बारे में

दिसंबर 2019 में तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से भारत-बांग्लादेश सीमा पर चेक पोस्ट के बारे में पूछा। यहाँ ध्यान देने वाली ये है कि हीरानंदानी ग्रुप बांग्लादेश में बड़ा निवेशक है और इन चेक पोस्ट से उसे फायदा पहुँचता। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने चौकियों के साथ ही भारत-बांग्लादेश के बीच व्यापार को बढ़ाने और सामानों की आवाजाही से संबंधित समझौतों के बारे में पूछा। इसके जवाब में सरकार ने बताया कि फरवरी 2016 में पश्चिम बंगाल के पेट्रापोल में एक एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) बनाई गई।

इसके अलावा सरकार ने दिसंबर 2018 में पाँच और इंटीग्रेटेड चेकपोस्ट (ICPs) को मंजूरी दी। इन आईसीपी को घोजाडांगा, चांगराबाँधा, फुलबारी, महादीपुर और हिली में स्थापित किया जाना है। बता दें कि जून 2015 में भारत-भूटान-बांग्लादेश और नेपाल ने मोटर वाहन समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

पाँचवाँ सवाल : दिसंबर 2019 में एक निजी संस्था, पारादीप पोर्ट और गेल के बीच समझौते के बारे में

महुआ मोइत्रा ने दिसंबर 2019 में एक निजी संस्था, पारादीप पोर्ट और गेल के बीच समझौते को लेकर सवाल किया था। उन्होंने पूछा था कि क्या इस निविदा प्रक्रिया के लिए सीवीसी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया था या नहीं। ये सवाल हिंडनबर्ग रिपोर्ट में उठाए गए हैं।

खास बात ये है कि हीरानंदानी ग्रुप देश के पूर्वी समुद्र तट पर स्थित बंदरगाहों को बांग्लादेश से जोड़ने की कोशिश कर रहा है। कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के साथ वो काम कर ही रहा है, लेकिन इस निजी संस्था (अडानी समूह) की मौजूदगी से हीरानंदानी ग्रुप के कामों में समस्याएँ पैदा हो सकती हैं। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने ये सवाल इसलिए पूछा, क्योंकि उन्हें इस समझौते की रकम के बारे में जानकारी चाहिए थी। ये समझौता 46,500 करोड़ रुपए का था तो लंबी तकनीकी और कॉमर्शियल बातचीत के बाद हुआ था। इस समझौते में सीवीसी के दिशा-निर्देशों के बारे में पूछने का मकसद ये था कि अगर सीवीसी की नजर इस पर नहीं पड़ी है तो फिर उससे सवाल उठाए जा सकें।

उन्होंने निजी कंपनी, गेल और सरकार के मालिकाना हक वाले पारादीप पोर्ट के बीच 2500 करोड़ रुपए के समझौते के बारे में जानकारी हासिल की। मंत्रालय ने जवाब दिया कि हर समझौते में सीवीसी के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया है। हालाँकि, गेल के मामले में कोई बाध्यकारी समझौता नहीं हुआ था। इसके बदले में 26 अक्टूबर 2013 को एक एमओयू साइन हुआ था, जो 26 जनवरी 2017 को समाप्त हो गया।

छठाँ सवाल : मार्च 2020 में जलमार्ग पर कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के अधिकार क्षेत्र के संबंध में सवाल

महुआ मोइत्रा ने मार्च 2020 में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट को लेकर एक और सवाल पूछा था। यहाँ फिर से ध्यान दें कि हीरानंदानी ग्रुप का कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट (KPT) के साथ समझौता है। महुआ मोइत्रा ने इस बार एक बड़े जलमार्ग पर केपीटी के अधिकार क्षेत्र के बारे में जानकारी माँगी। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

उन्होंने सवाल किया कि क्या केपीटी की नीतियाँ और प्रक्रियाएँ हुगली नदी तट के किनारे बंदरगाहों के विकास में बाधा डालती हैं? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या केपीटी के पास बंदरगाहों के भविष्य के विकास के लिए जमीन है और क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिए केपीटी और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण को विकास सुनिश्चित करने के लिए जहाजरानी मंत्रालय क्या कदम उठा रहा है।

इस सवाल के जवाब में मंत्रालय ने बताया कि कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के पास आगे की बंदरगाह गतिविधियों के लिए पर्याप्त जमीन है और यह रणनीतिक रूप से राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर स्थित है। तीन वर्षों में, उन्होंने 1,902.95 करोड़ रुपये की 14 परियोजनाएं आवंटित कीं, जिससे इसकी क्षमता बढ़कर 82.57 एमटीपीए हो गई। 10 साल के अंतराल के बाद इसने 65 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा कमाया।

सातवाँ सवाल: फरवरी 2021 में भारत में 5G की तैयारी के बारे में पूछा

महुआ मोइत्रा ने फरवरी 2021 में देश में 5G की तैयारियों के बारे में सवाल पूछा। ध्यान देने वाली बात ये है कि हीरानंदानी समूह की कंपनी योट्टा ने सैटेलाइट लाइसेंस द्वारा ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशंस के लिए आवेदन किया था। ऐसे में ये सवाल सीधे-सीधे हीरानंदानी ग्रुप को फायदा पहुँचाने वाला था। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने संचार मंत्रालय से भारत की 5जी तैयारी और सेवाओं के राष्ट्रव्यापी रोलआउट के लिए अपेक्षित समयसीमा के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए कहा। इसके अलावा उन्होंने आवश्यक फाइबर नेटवर्क की उपलब्धता और ग्रामीण क्षेत्रों सहित 5जी सेवाओं के रोलआउट के लिए देशव्यापी फाइबर ऑप्टिक्स नेटवर्क स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी माँगी।

इस सवाल के जवाब में मंत्रालय ने बताया कि देश में मौजूदा ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क का उपयोग करते हुए 5जी सेवाओं को धीरे-धीरे शुरू करने की योजना बनाई गई थी। दूरसंचार सेवा प्रदाता और अवसंरचना प्रदाता श्रेणी-I अपनी व्यावसायिक रणनीतियों के आधार पर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने और नीलामी के माध्यम से स्पेक्ट्रम प्राप्त करने के लिए जिम्मेदार थे। सरकार ने इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के लिए भारतनेट प्रोजेक्ट भी लागू किया।

आठवाँ सवाल: फरवरी 2021 में ही प्रस्तावित ऊर्जा कोड के विवरण के बारे में जानकारी माँगी

महुआ मोइत्रा ने फरवरी 2021 में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से प्रस्तावित ऊर्जा कोड के बारे में पूछा, जिसका सीधा असर हीरानंदानी समूह के निर्माण व्यवसाय पर पड़ा। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने अपने सवाल में मंत्रालय से बिल्डिंग एनर्जी कोड लागू करने सहित इंडिया कूलिंग एक्शन प्लान के उद्देश्यों के बारे में पूछा। नए मानकों की लागत, प्रभाव और समयसीमा पर विवरण माँगा गया था।

मंत्रालय ने बताया कि इंडिया कूलिंग एक्शन प्लान (आईसीएपी) का लक्ष्य 20 वर्षों में बेहतर तकनीक, रेफ्रिजरेंट ट्रांजिशन और ऊर्जा दक्षता के माध्यम से कूलिंग माँग को कम करना है। आईसीएपी ने वाणिज्यिक भवनों में प्रासंगिक ईसीबीसी प्रावधानों को एकीकृत करने और थर्मल आराम के लिए आवास परियोजनाओं में ईसीबीसी-आर को बढ़ावा देने की सिफारिश की। दिसंबर 2020 तक 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने ईसीबीसी को उपनियमों में शामिल किया और 2037-38 तक 150 अरब यूनिट बचाने की उम्मीद थी।

नौवाँ सवाल : जुलाई 2021 में एफपीआई निवेश के बारे में सवाल

लोकसभा में महुआ मोइत्रा ने जुलाई 2021 में वित्त मंत्रालय से अडानी समूह की कंपनियों में हिस्सेदारी रखने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के बारे में पूछा। खास बात ये है कि इसी के बाद अडानी समूह के खिलाफ सेबी (SEBI) ने जाँच शुरू की। आरोप हैं कि ये सवाल पूछने के लिए खास निर्देश सीधे हीरानंदानी से मिले थे। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

इस सवाल के जवाब में मंत्रालय ने बताया कि 30 जून 2021 तक अडानी समूह की छह कंपनियों का भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर कारोबार हुआ। इन कंपनियों में एफपीआई की हिस्सेदारी दैनिक उतार-चढ़ाव के अधीन थी। सेबी नियमों के अनुपालन के लिए अडानी समूह की कुछ कंपनियों की जाँच कर रही थी, जबकि डीआरआई समूह से जुड़ी विशिष्ट संस्थाओं की जाँच कर रही थी। आयकर अधिनियम के तहत कोई जाँच रिपोर्ट नहीं की गई और ईडी कोई जाँच नहीं कर रहा था।

सेबी ने जून 2016 में एक आदेश जारी कर डिपॉजिटरी को जीडीआर जारी करने के संबंध में अल्बुला इन्वेस्टमेंट फंड लिमिटेड, क्रेस्टा फंड लिमिटेड और एपीएमएस इन्वेस्टमेंट फंड लिमिटेड सहित कुछ एफपीआई के विशिष्ट लाभार्थी खातों को फ्रीज करने का निर्देश दिया। इन तीन एफपीआई के अन्य लाभार्थी खातों के लिए ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया था।

दसवाँ सवाल : जुलाई 2021 में भारतीय सौर ऊर्जा निगम के टेंडर के बारे में माँगी जानकारी

महुआ मोइत्रा ने जुलाई 2021 में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री से सौर ऊर्जा निगम के टेंडरों के बारे में पूछा। यह आरोप लगाया गया है कि इस प्रश्न का उद्देश्य 2020 में नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से डेटा केंद्रों को बिजली देने के लिए हीरानंदानी समूह की कंपनी “योट्टा” को लाभ पहुँचाना था। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने भारतीय सौर ऊर्जा निगम (एसईसीआई) द्वारा राउंड-द-क्लॉक (आरटीसी) हरित ऊर्जा के लिए निविदाएँ जारी करने के बारे में जानकारी माँगी, जो स्पष्ट रूप से प्राकृतिक गैस-संयुक्त नवीकरणीय ऊर्जा के विपरीत कोयला-संयुक्त नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित है।

इसके अलावा, उन्होंने इस प्राथमिकता के विवरण और कारण भी पूछे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने हरित ऊर्जा पर विशेष ध्यान देने के साथ व्यापक हरित परिवर्तन रणनीति के लिए सरकार की योजनाओं के बारे में पूछा और संबंधित विवरण प्रदान करने को कहा।

ग्यारहवाँ सवाल : जुलाई 2021 में स्टील की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में सवाल

महुआ मोइत्रा ने जुलाई 2021 में इस्पात मंत्रालय से देश में स्टील की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में पूछा था। ध्यान देने वाली बात ये है कि हीरानंदानी का रियल एस्टेट व्यवसाय स्टील की कम कीमत का सीधा लाभार्थी था। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा मंत्रालय से स्टील की कीमतें कम करने और इसे और अधिक किफायती बनाने के लिए सरकार के कार्यों की रूपरेखा के बारे में पूछा। उन्होंने कच्चे माल की कीमतें कम करने, निर्यात को हतोत्साहित करने और घरेलू उपयोग को प्रोत्साहित करने के उपायों के बारे में भी पूछा। अंत में, उन्होंने स्टील आयात पर संभावित टैरिफ कटौती के बारे में पूछताछ की।

बारहवाँ सवाल : अगस्त 2021 में देश के शहरों में गैस डिस्ट्रिब्यूशन से जुड़ा सवाल

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने अगस्त 2021 में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से शहरों की संख्या और गैस डिस्ट्रीब्यूशन कवरेज के बारे में सवाल पूछा। गैस डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में हीरानंदानी ग्रुप काम करता है। उसने कई शहरों में हाउसिंग सोसायटी भी विकसित की है। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने मंत्रालय से प्राकृतिक गैस की माँग के संबंध में जानकारी माँगी। विशेष रूप से पीएनजी के घरेलू कनेक्शन और सीएनजी स्टेशनों के सिटी गैस वितरण-बोली-5, 6, 7, 8, और 9 के बारे में विवरण। इसके साथ ही उन्होंने जुर्माना लगाने की प्रक्रिया और एक जैसा टैरिफ लगाने के साथ ही गैस की कीमतों को एक सीमा के अंदर रखे जाने को लेकर सवाल पूछा।

तेरहवाँ सवाल : अगस्त 2021 में पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश तक आईओसी, गेल और एच-एनर्जी द्वारा गैस पाइपलाइन के बारे में जानकारी माँगी

महुआ मोइत्रा ने अगस्त 2021 में विदेश मंत्रालय से पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश तक आईओसी, गेल और एच-एनर्जी गैस पाइपलाइनों पर जानकारी माँगी। हीरानंदानी समूह की कंपनी एच-एनर्जी इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी इच्छुक थी। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

चौदहवाँ सवाल : अगस्त 2021 में हवाई अड्डों के संचालन के संबंध में सवाल

महुआ मोइत्रा ने अगस्त 2021 में नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अडानी समूह को हैंडओवर किए गए हवाई अड्डों के बारे में पूछा। ये सवाल न सिर्फ अडानी ग्रुप पर सीधा हमला था, बल्कि इसका फायदा हीरानंदानी ग्रुप उठाना चाहता था। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने पीपीपी मॉडल के तहत एएआई से अडानी समूह को छह हवाई अड्डों के हस्तांतरण के बारे में जानकारी माँगी। मंत्रालय ने जवाब दिया कि एयरपोर्ट ऑथिरिटी ऑफ इंडिया ने पीपीपी मॉडल के तहत भारत में छह हवाई अड्डों के मैनेजमेंट-संचालन के लिए अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को 50 साल का पट्टा दिया है। उस कंपनी को ब्लैकलिस्टिंग करने जैसी कोई योजना नहीं है। इस समझौते से एयरपोर्ट अथॉरिटी को कोई नुकसान नहीं हुआ।

पंद्रहवाँ सवाल : फरवरी 2022 में कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट में RoRo नौकाओं और जहाजों के फँसने के बारे में जानकारी माँगी

महुआ मोइत्रा ने फरवरी 2022 में बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री से RoRo नौकाओं और जहाजों के पश्चिम बंगाल और देश के अन्य क्षेत्रों में फँसने के बारे में पूछा। यहाँ ये बताना जरूरी है कि खुद हीरानंदानी ग्रुप इस काम से जुड़ा हुआ है और उसका कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के साथ एक समझौता है। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने मंत्रालय से पश्चिम बंगाल और भारत के अन्य हिस्सों में RoRo नौकाओं और नौकाओं के फँसने के बारे में पूछा। इसके अलावा इस समस्या से संबंधित कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा उठाए गए उपायों और रास्ते में गाद की रिपोर्ट की जानकारी माँगी। इसके जवाब में मंत्रालय ने कहा कि किसी भी जहाज के फँसने की कोई घटना नहीं हुई है, बल्कि परिवहन कार्य सुगमता से चले हैं।

सोलहवाँ सवाल : फरवरी 2022 में ई-स्पोर्ट्स के विकास से जुड़ा सवाल

महुआ मोइत्रा ने 8 फरवरी 2022 को युवा मामले और खेल मंत्री से भारत में ई-स्पोर्ट्स के विकास के बारे में सवाल पूछा। बता दें कि हीरानंदानी समूह कथित तौर पर इसका प्रत्यक्ष लाभार्थी था, क्योंकि उसका ‘तेज प्लेटफॉर्म’ ई-स्पोर्ट्स में डील करता है। इसके बाद हीरानंदानी ग्रुप ने करीब 14 फरवरी 2022 को 1,000 करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की थी। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने मंत्रालय से भारत को दुनिया का 16वाँ सबसे बड़ा ई-स्पोर्ट्स बाजार बताने वाली रिपोर्टों पर सरकार की प्रतिक्रिया के बारे में पूछा। उन्होंने 2022 एशियाई खेलों में ई-स्पोर्ट्स को शामिल करने, राष्ट्रीय नियमों के लिए ई-स्पोर्ट्स योजनाओं पर सरकार के रुख, एशियाई खेलों में प्रतिभागियों के लिए समर्थन और भारत में ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के विवरण के बारे में जानकारी ली।

मंत्रालय ने जवाब दिया कि नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन किसी भी खेल को बढ़ावा देने और विकसित करने के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है। मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए मान्यता प्राप्त एनएसएफ को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। इसके अलावा, मंत्रालय ने कहा कि ई-स्पोर्ट्स एक मान्यता प्राप्त प्रतिस्पर्धी खेल है और यह भारत के राष्ट्रीय खेल विकास संहिता, 2011 के तहत विनियमित है।

सत्रहवाँ सवाल : फरवरी 2022 में डीजल वाहनों को सड़कों से हटाने और इलेक्ट्रिक-एलएनजी वाहनों को लाने के संदर्भ में रोडमैप बनाने से जुड़ा सवाल

महुआ मोइत्रा ने फरवरी 2022 में मोइत्रा ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक एलएनजी द्वारा चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए रोडमैप के बारे में पूछा। इससे भी दर्शन हीरानंदानी को फायदा मिला, क्योंकि वो अपने एलएनजी व्यवसाय का विस्तार करना चाहते थे। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

मोइत्रा ने मंत्रालय से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक, एलएनजी, बायोगैस, हाइड्रोजन आदि जैसे वैकल्पिक साधनों में स्थानांतरित करने के लिए एक रोडमैप बनाने की सरकार की योजना के बारे में पूछा। उन्होंने इस योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए भी अनुरोध किया।

इसके जवाब में मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने परिवहन में वैकल्पिक ईंधन प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए अधिसूचनाएँ जारी की हैं। इसमें वाहनों में हाइब्रिड सिस्टम को फिर से लगाना, कृषि और निर्माण उपकरणों के लिए उत्सर्जन मानदंड और ईंधन के रूप में हाइड्रोजन को बढ़ावा देना शामिल है।

अठारहवाँ सवाल : मार्च 2022 में गेल को अनबंडल (अलग-अलग हिस्सों में बाँटना) के बारे में सवाल

महुआ मोइत्रा ने मार्च 2022 में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री से गेल की अनबंडलिंग के बारे में पूछा। दिलचस्प बात यह है कि दर्शन हीरानंदानी ने ऑन रिकॉर्ड कहा था कि गेल को अलग करना बहुत जरूरी है। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

उन्नीसवाँ सवाल : मार्च 2022 में केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के बारे में

महुआ मोइत्रा ने मार्च 2022 में वित्त मंत्रालय से केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग पर जानकारी माँगी थी। दिलचस्प बात यह है कि यह सवाल उस समय पूछा गया था, जब हीरानंदानी समूह पर इनकम टैक्स विभाग के छापे पड़े थे। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

मोइत्रा ने मंत्रालय से पीएमएलए के उपयोग के संबंध में ईडी को सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी के बारे में पूछा। उन्होंने पीएमएलए में बदलाव, ईडी के जब्ती प्रावधान के नियम और उन निर्दोष व्यक्तियों के मुआवजे पर सरकार के रुख के बारे में भी पूछताछ की, जिनकी संपत्ति ईडी द्वारा जब्त की गई थी।

इस सवाल के जवाब में मंत्रालय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पीएमएलए पर ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच के लिए दिशा-निर्देश बनाए हैं। यदि संपत्ति मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल नहीं थी तो इसे सही मालिक को वापस दे दिया जाता है।

बीसवाँ सवाल : मार्च 2023 में अडानी द्वारा संचालित गंगावरम बंदरगाह के बारे में सवाल

महुआ मोइत्रा ने मार्च 2023 में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से अडानी द्वारा संचालित गंगावरम बंदरगाह के बारे में पूछा। दिलचस्प बात यह है कि हीरानंदानी समूह इस मामले में खुद के एक पक्ष था। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा ने मंत्रालय से गंगावरम बंदरगाह पर आईओसीएल (IOCL) और एपीएसईजेड (APSEZ) के बीच एमओयू के बारे में पूछा। साथ ही उन्होंने भुगतान के बारे में जानकारी माँगी। इस सवाल के जवाब में मंत्रालय ने कहा कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने गंगावरम पोर्ट लिमिटेड (GPL) और अडानी गंगावरम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक गैर-बाध्यकारी टर्म शीट पर हस्ताक्षर किए हैं।

मंत्रालय ने बताया कि टर्म शीट को आईओसीएल के चेयरमैन ने मंजूरी दी थी, बोर्ड ने नहीं। जीपीएल के साथ कोई लेनदेन नहीं हुआ है, क्योंकि टर्मिनल अभी तक चालू नहीं हुआ है और कोई आयात नहीं हुआ है। मंत्रालय ने कहा कि कोई निश्चित समझौता नहीं हुआ था और विजग बंदरगाह से गंगावरम बंदरगाह पर कारोबार स्थानांतरित करने का अंतिम निर्णय कई अन्य वजहों पर निर्भर था।

इक्कीसवाँ सवाल : अडानी द्वारा संचालित धामरा पोर्ट के बारे में सवाल

महुआ मोइत्रा ने मार्च 2023 में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री से अडानी द्वारा संचालित धामरा पोर्ट के बारे में पूछा। गौरतलब है कि हीरानंदानी समूह के पास हल्दिया पोर्ट का स्वामित्व है और वह इसका विस्तार करना चाहता है। (ये सवाल यहाँ पढ़ सकते हैं)

महुआ मोइत्रा द्वारा लोकसभा में पूछे गए सवाल करीब-करीब वैसे ही हैं, जैसा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई ने दावा किया है। अब इन सारे आरोपों पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को फैसला लेना है।

मूल रूप से यह रिपोर्ट अंग्रेजी में लिखी गई है, जिसका श्रवण शुक्ला ने हिंदी में अनुवाद किया। मूल लेख को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

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Anurag
Anurag
B.Sc. Multimedia, a journalist by profession.

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