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‘मेरे सामने तलवार से वार किया…’: केरल में गोद दिए गए RSS वर्कर की पत्नी ने बयाँ की बर्बरता, TOI ने कहीं बताई ‘हत्या’ तो कहीं ‘हादसा’

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी। उन्होंने कहा कि राज्य में इस तरह की घटनाएँ होने में पुलिस और राज्य सरकार की विफलता जिम्मेदार है। वह बोले कि सीपीएम सरकार एसडीपीआई के लोगों को बचा रही है।

केरल के पलक्कड़ में 15 नवंबर 2021 को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता ए संजीत की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या का इल्जाम एसडीपीआई के बदमाशों पर लगा। खबरें आईं कि जिस समय यह घटना हुई उस समय वह अपनी पत्नी के साथ बाइक पर उन्हें छोड़ने दफ्तर जा रहे थे। लेकिन तभी गुंडों ने उन्हें पकड़ा और उनपर धारदार हथियार से हमला कर दिया। अब संजीत की हत्या के पूरे मामले में उनकी पत्नी अरक्षिका का बयान सामने आया है, जिन्होंने अपनी नम आँखों से उस दिन की बर्बरता को बताया।

रिपब्लिक वर्ल्ड के पत्रकार अश्विन नंद कुमार से बातचीत में उन्होंने कहा कि संजीत को उनकी आँखों के सामने जानबूझकर मारा गया। वो लोग चाहते थे अरक्षिका इस हत्या को देखें। वह कहती हैं, “उन लोगों ने मुझे पकड़ा और पीछे ले गए। इसके बाद मेरे सामने उन्होंने उन पर तलवार से वार किया। उस समय बहुत सारे लोग वहाँ थे। कई कार, कई स्कूटर और स्कूल बस भी वहाँ थी। उन पाँचों का मुँह भी नहीं ढका था।”

एक पुराने विवाद को लेकर संजीत की पत्नी कहती हैं कि जो बातें मीडिया में कही जा रही है वो बिलकुल झूठ हैं। संजीत 3 माह पहले उनके घर थे और पूरे मामले में बेगुनाह थे।

इस मामले में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी। उन्होंने कहा कि राज्य में इस तरह की घटनाएँ होने में पुलिस और राज्य सरकार की विफलता जिम्मेदार है। वह बोले कि सीपीएम सरकार एसडीपीआई के लोगों को बचा रही है। दोनों के बीच एक गठबंधन सा है। एसडीपीआई ने पिछले 10 दिन में 2 लोगों को मौत के घाट उतारा है।

बता दें कि 27 वर्षीय संजीत की निर्मम हत्या को केरल पुलिस ने पॉलिटिकल मर्डर बता दिया है। उनके मुताबिक इलाके में पहले कई बार राजनीति राजनीतिक झड़पे हुई थीं और संभव है कि हत्या इसी से जुड़ी हो। पुलिस इलाके के सीसीटीवी निकालकर अपनी जाँच कर रही है। लेकिन, इस बीच टाइम्स ऑफ इंडिया की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स सामने आई हैं, जिनमें इस निर्मम हत्या के मामले को केरल के एडिशन में हत्या कहा गया है, लेकिन अन्य राज्यों के संस्करण जैसे तमिलनाडु और मुंबई एडिशन में इस पूरी वारदात को एक एक्सिडेंट दिखाने का प्रयास हुआ है।

अब लोग TOI की ऐसी रिपोर्ट्स का विरोध कर रहे हैं। लोग ढूँढ-ढूँढ कर अलर संस्करण शेयर करते हुए बता रहे हैं कि संजीत के शरीर पर 36 हमले (30 बॉडी पर और 6 सिर पर) के निशान थे। बता दें कि ये पहली दफा नहीं था जब संजीत को मारने के लिए एसडीपीआई ने हमला किया। 2020 के जून में सबीर अली, अनवर सादिक नाम के दो एसडीपीआई सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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