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1956 में पाकिस्तान से आईं बिहार, बनवा लिए आधार-वोटर ID कार्ड: SIR में हुआ इमराना और फिरदौसिया खानम का भंडाफोड़, बिना वीजा दशकों से छिपी रहीं भागलपुर में

दोनों औरतें पाकिस्तान के पासपोर्ट पर साल 1956 में भारत आई थीं। इमराना खानम तीन साल के वीजा और फिरदौसिया तीन महीने के वीजा पर भारत में घुसी थीं।

जिस वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) पर विपक्ष हंगामा खड़ा कर रहा है। उसी प्रक्रिया के दौरान बिहार के भागलपुर में अवैध रूप से रह रही दो औरतों को पकड़ा गया है। पाकिस्तान की इमराना खानम और फिरदौसिया खानम 1956 से भारत में छिपकर बैठी थीं। उनके पास आधार कार्ड भी मिले हैं।

अधिकारियों के अनुसार, दोनों औरतें पाकिस्तान के पासपोर्ट पर साल 1956 में भारत आई थीं। इमराना खानम तीन साल के वीजा और फिरदौसिया तीन महीने के वीजा पर भारत में घुसीं। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक दोनों ही औरतों ने वीजा को नवीनीकरण कराए बिना भारत में अवैध ढंग से रहना जारी रखा।

यह मामला बिहार में SIR के तहत मतदाता सूची की जाँच में सामने आया। चूँकि प्रक्रिया में नागरिकता की भी जाँच की जा रही है। हालाँकि, दोनों पाकिस्तानी औरतों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल है, जिसे गृह मंत्रालय ने हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

गृह मंत्रालय ने शुरू की वोटर लिस्ट से नाम हटाने की प्रक्रिया

गृह मंत्रालय ने 11 अगस्त 2025 को दोनों पाकिस्तानी औरतों के नाम मतदाता सूची से हटाने को लेकर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिए हैं। इसकी जानकारी देते हुए बूथ लेवल अधिकारी (BLO) फरजाना खानम ने कहा, “मुझे लेटर मिला है, जिसमें इमराना खानम का पाकिस्तानी पासपोर्ट नंबर हैं। वे काफी उम्रदराज हैं और बीमार रहती हैं।”

BLO ने आगे कहा, “मंत्रालय के निर्देशों मतदाता सूची से औरतों के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इमराना खानम का पासपोर्ट 1956 का है। अब इस मामले में विभाग आगे की जाँच करेगा।”

वहीं, भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने भी वोटर लिस्ट में दो पाकिस्तानी औरतों के नाम शामिल होने की पुष्टि की। जिलाधिकारी ने कहा, “जिले में 24 लाख मतदाता हैं। BLO ने हर बूथ पर विरेफिकेशन किया है। ऐसा मामला पहली बार आया है। इस मामले में कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।”

विपक्ष का प्रोपेगेंडा फिर हुआ फेल

बिहार में SIR प्रक्रिया में भारत में अवैध रूप से रह रही दो पाकिस्तानी औरतों को पकड़ा गया है। इससे साबित होता है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) कितनी जरूरी प्रक्रिया है। वहीं कॉन्ग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। इस मामले से विपक्ष के SIR के खिलाफ फैलाए गए सभी प्रोपेगेंडा धाराशाही हो गए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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