Thursday, April 25, 2024
Homeदेश-समाज4 साल की बच्ची का 3 दिन से पड़ा है शव: ईसाई परिवार पढ़...

4 साल की बच्ची का 3 दिन से पड़ा है शव: ईसाई परिवार पढ़ रहा बाइ​बल, कहा- नहीं करेंगे दफ़न, प्रार्थना से होगी जिंदा

गुरुवार की शाम अरविंद की बेटी महिमा को उल्टी और पेट में दर्द शुरू हुआ। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद से परिजन उसके जिंदा होने की आस लिए उसके शव के पास पढ़ रहे हैं बाइ​बल।

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक ईसाई परिवार पिछले तीन दिन से चार साल की मृत बच्ची को जिंदा करने की कोशिश में लगा हुआ है। जिले के भुडकुडा थाने के सिसवार गाँव में रहने वाले अरविंद और उनका परिवार चार साल की मृत बेटी को वापस जिंदा करने के लिए प्रभु यीशु की प्रार्थना कर रहे हैं। हद तो तब हो गई जब वह पुलिस के समझाने पर भी वे नहीं माने और बच्ची के शव के पास बाइ​बल पढ़ते रहे।

गुरुवार (नवंबर 14, 2019) शाम बच्ची की मौत हो गई थी। लेकिन दफनाने की बजाए परिजन शव को उत्तर प्रदेश के मऊ के करुबीर गाँव में अपने रिश्तेदार के घर ले गए और वहाँ उसके जीवित होने के लिए ‘प्रार्थना’ करने लगे। बता दें कि कुछ साल पहले ईसाई धर्म को अपनाने वाले इस परिवार को उसके समुदाय के लोगों ने आश्वस्त किया था कि बच्चे को यीशु से प्रार्थना करके पुनर्जीवित किया जा सकता है।

गुरुवार की शाम अरविंद की बेटी महिमा को उल्टी और पेट में दर्द शुरू हुआ, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने महिमा को उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के एक दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया। हालाँकि, महिमा की हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

इसके बाद बच्ची के पिता अरविंद उसके शव को लेकर अपने ससुराल पहुँच गए। वहाँ पर तीन दिनों तक मृत बच्ची के शव के रखकर परिवार वाले उसे जीवित करने की प्रार्थना करने लगे। जौनपुर निवासी राजेंद्र चौहान के कहने पर अरविंद ने बच्ची के शव को नहीं दफनाया। राजेंद्र के कहने पर गाँव के कुछ लोगों ने बच्ची के जिंदा होने की उम्मीद से उसे एक झोपड़ी में रख दिया और प्रर्थना करने लगे। लगातार तीन दिन से चल रही प्रार्थना की सूचना मिलने पर एसपी अनुराग आर्य ने एसओ विनोद कुमार तिवारी को पुलिस की एक टीम के साथ जाँच के लिए भेजा।

एसओ ने परिवार वालों को बहुत समझाया लेकिन परिजन शव का दफनाने के लिए तैयार नहीं हुए। पूछताछ में पता चला कि इस अंधविश्वास में पूरा गाँव शामिल था। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि गाँव की सरिता नाम की एक लड़की को भी डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था, लेकिन यीशु से प्रार्थना के बाद वह ‘पुनर्जीवित’ हो गई और अब अपने परिवार के साथ रह रही है। ऐसा आरोप लगाया जा रहा है कि ईसाई ग्रामीण जो अज्ञानी लोगों को अंधविश्वास की ऐसी प्रथाओं में विश्वास करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, वो पिछले 12 सालों से जबरन धर्मांतरण भी करवा रहे थे।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मुंबई के मशहूर सोमैया स्कूल की प्रिंसिपल परवीन शेख को हिंदुओं से नफरत, PM मोदी की तुलना कुत्ते से… पसंद है हमास और इस्लामी...

परवीन शेख मुंबई के मशहूर स्कूल द सोमैया स्कूल की प्रिंसिपल हैं। ये स्कूल मुंबई के घाटकोपर-ईस्ट इलाके में आने वाले विद्या विहार में स्थित है। परवीन शेख 12 साल से स्कूल से जुड़ी हुई हैं, जिनमें से 7 साल वो बतौर प्रिंसिपल काम कर चुकी हैं।

कर्नाटक में सारे मुस्लिमों को आरक्षण मिलने से संतुष्ट नहीं पिछड़ा आयोग, कॉन्ग्रेस की सरकार को भेजा जाएगा समन: लोग भी उठा रहे सवाल

कर्नाटक राज्य में सारे मुस्लिमों को आरक्षण देने का मामला शांत नहीं है। NCBC अध्यक्ष ने कहा है कि वो इस पर जल्द ही मुख्य सचिव को समन भेजेंगे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe