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कोविड संक्रमित निजी एवं सरकारी कर्मचारियों को 28 दिन की पेड लीव: योगी सरकार का बड़ा फैसला

जिन कार्यस्थलों में 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं वहाँ कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव से संबंधित उपायों को कार्यस्थल के में गेट पर लगाना आवश्यक है। साथ ही कोरोनावायरस से संक्रमित कर्मचारियों को 28 दिन की पेड लीव भी देने का आदेश दिया गया है।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने नौकरीपेशा लोगों को राहत प्रदान करते हुए यह आदेशित किया है कि सभी निजी एवं सरकारी कर्मचारियों को 28 दिन की पेड लीव प्रदान की जानी चाहिए।

सरकार के द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन में यह आदेश दिया गया है कि जिन कार्यस्थलों में 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं वहाँ कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव से संबंधित उपायों को कार्यस्थल के में गेट पर लगाना आवश्यक है। साथ ही कोरोनावायरस से संक्रमित कर्मचारियों को 28 दिन की पेड लीव भी देने का आदेश दिया गया है।

इसके अलावा जो भी दुकानें, फैक्ट्रियाँ अथवा अन्य इकाईयाँ सरकार के आदेश के कारण बंद हुई हैं उनके कर्मचारियों को छुट्टी के साथ वेतन-भत्ता भी दिया जाएगा।

इसके अलावा Covid-19 के संक्रमण को रोकने के लिए कोरोना महामारी अधिनियम, 2020 में आठवाँ संशोधन किया गया जिसके तहत सार्वजनिक स्थानों पर मास्क न लगाना भारी जुर्माने का कारण बन सकता है। सरकार के आदेश के अनुसार पहली बार बिना मास्क के पकड़े जाने पर 1000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा किन्तु दूसरी बार बिना मास्क के पकड़े जाने पर यह जुर्माना 10,000 तक हो सकता है।

उत्तर प्रदेश सरकार लगातार कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने और आर्थिक गतिविधियों को चलायमान रखने का प्रयास कर रही है। योगी सरकार ने हाल ही में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा लॉकडाउन लगाए जाने के निर्णय का विरोध किया था जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्णय को पलटते हुए कहा था कि लॉकडाउन कोई समाधान नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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