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कानपुर हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस दल पर हमला: 8 पुलिसकर्मियों ने गँवाई जान, CM योगी ने दिए कड़ी कार्रवाई के आदेश

अधिकारियों ने कहा कि जब पुलिस टीम खूंखार अपराधी के ठिकाने पर पहुँचने वाली थी, तब एक बिल्डिंग की छत से उन पर गोलियों की बौछार की गई, जिससे डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्रा, तीन सब-इंस्पेक्टर और चार कॉन्स्टेबल मारे गए। घटना का विवरण देते हुए, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) एचसी अवस्थी ने कहा कि कुख्यात अपराधी को इस छापेमारी की भनक पहले ही लग गई थी।

कानपुर स्थित चौबेपुर के बिकरू गाँव में हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे को बृहस्पतिवार की आधी रात पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया।

कानपुर में अपराधियों के साथ हुई इस मुठभेड़ में एक उप पुलिस अधीक्षक सहित कम से कम आठ उत्तर प्रदेश पुलिसकर्मियों ने अपनी जान गँवाई है जबकि 4 गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में एक पुलिस कर्मी की हालत गंभीर बनी हुई है। 

शुक्रवार (जुलाई 03 ,2020) को पुलिस ने बताया कि यह मुठभेड़ बृहस्पतिवार और शुक्रवार की रात चौबेपुर थाना अंतर्गत डिक्रू गाँव में 60 आपराधिक मामलों में आरोपित हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को गिरफ्तार करने के लिए हुई थी, तब हुई।

अधिकारियों ने कहा कि जब पुलिस टीम खूंखार अपराधी के ठिकाने पर पहुँचने वाली थी, तब एक बिल्डिंग की छत से उन पर गोलियों की बौछार की गई, जिससे डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्रा, तीन सब-इंस्पेक्टर और चार कॉन्स्टेबल मारे गए। घटना का विवरण देते हुए, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) एचसी अवस्थी ने कहा कि कुख्यात अपराधी को इस छापेमारी की भनक पहले ही लग गई थी।

DGP अवस्थी ने कहा कि उसने और उसके साथियों ने पुलिसकर्मियों को उनके ठिकाने की ओर बढ़ने से रोकने के लिए बड़े स्तर पर रोड ब्लॉक कर रखा था। पुलिस टीम के गाँव में पहुँचते ही विकास दुबे और उसके साथियों ने घरों की छत से फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों ने एक इमारत की छत से उन पर नजर रखी और हमला किया जिससे 8 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई।

इस हमले में बलिदानी पुलिसकर्मियों के नाम

डीजीपी ने कहा कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खिलाफ धारा 307 के तहत मामला दर्ज़ किया गया था, पुलिस उसे पकड़ने गई थी। लेकिन उन्होंने वहाँ जेसीबी लगा दी थी जिस कारण पुलिस के वाहन बाधित हो गए।

उन्होंने कहा कि जब फोर्स नीचे उतरी तो अपराधियों ने गोलियाँ चलाई। जवाबी फायरिंग हुई लेकिन अपराधी ऊँचाई पर थे, इसलिए हमारे 8 कर्मी वीरगति को प्राप्त हुए। ऑपरेशन अभी भी जारी है क्योंकि अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे थे।

पुलिस सर्विलांस के जरिए विकास चौबे का पता लगा रही है और कई अन्य ठिकानों पर छापे मार रही है। साथ ही सभी सीमाओं को भी सील कर दिया गया है।

गौरतलब है कि वर्ष 2001 में शिवली थाने के बाहर दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या करने में नामजद रह चुके हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे चौबेपुर थाना क्षेत्र के गाँव बिकरू का रहने वाला है। उस पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह वांछित अपराधी है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही थी। 

25000 के इनामी विकास दुबे पूर्व प्रधान व जिला पंचायत सदस्य भी रह चुका है। उसके खिलाफ 60 में से करीब 53 हत्या के प्रयास के मुकदमे चल रहे हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही, अतिरिक्त महानिदेशक (कानून और व्यवस्था), आईजी (कानपुर) और कानपुर के वरिष्ठ एसपी घटनास्थल पर पहुँचे, जहाँ एक फोरेंसिक टीम ने जाँच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम में लखनऊ की एक और टीम शामिल होगी।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को भी कार्रवाई में लगाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मारे गए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार के सदस्यों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की।

रिपोर्ट्स के अनुसार, सीएम आदित्यनाथ ने पुलिस प्रमुख को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और घटनास्थल से विस्तृत रिपोर्ट इकट्ठा करने का निर्देश दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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