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धीरे-धीरे हाइवे से खेत में गए हनुमान जी, मंदिर तोड़ने आया बुलडोजर हो गया था खराब: अब 500 जैक से बिना नुकसान शिफ्टिंग

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर हटाने के प्रयास तीन सालों से किए जा रहे हैं। प्रशासन ने मंदिर तोड़ने के लिए मशीनें भी मँगवाई थीं। लेकिन मंदिर तोड़ने के प्रयास से पहले ही वे खराबें हो गईं। इसके बाद इसे बिना किसी नुकसान के शिफ्ट करने पर सहमति बनी।

उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर के तिलहर में एक हनुमान मंदिर को जैक लगाकर नेशनल हाईवे से पास के खेत में शिफ्ट किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक नेशनल हाइवे को फोरलेन बनाया जा रहा है। यह मंदिर फोरलेन रोड के बीच में आ रहा था। पहले मंदिर को तोड़ने के असफल प्रयास हुए। उसमें व्यवधान आने पर इसे बिना तोड़े शिफ्ट करने का काम शुरू किया गया है।

यह मंदिर तिलहर थाना इलाके में नेशनल हाईवे 24 पर कछियना खेड़ा नामक स्थान पर स्थित है। तिलहर की एसडीएम राशि कृष्णा ने जानकारी दी है कि 150 साल पुराने 16 फीट ऊँचे हनुमान मंदिर को सड़क से खेतों में ले जाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मंदिर को शिफ्ट करने के लिए 500 जैकों की मदद ली जा रही है। प्रदेश में पहली बार जैक की मदद से मंदिर शिफ्ट किया जा रहा है।

नेशनल हाईवे को फोरलेन बनने के बाद यह मंदिर मार्ग के बीच आ गया। पहले तो इसे हटाने को लेकर स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध किया। इसके बाद प्रशासन की तरफ से मंदिर को बिना तोड़े खेतों में शिफ्ट करने को लेकर सहमति बनी। इंजीनियरों ने मंदिर को जैक की मदद से शिफ्ट करने का काम शुरू किया जो लगभग पूरा हो चुका है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर हटाने के प्रयास तीन सालों से किए जा रहे हैं। प्रशासन ने मंदिर तोड़ने के लिए बुलडोजर और दूसरी मशीनें भी मँगवाई थीं। रिपोर्ट्स के अनुसार मंदिर तोड़ने के प्रयास से पहले ही मशीनें खराब हो गईं। मशीनें खराब होने के बाद लोगों ने भी मंदिर तोड़े जाने का विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद स्थानीय लोगों, पुजारियों और प्रशासन के बीच मंदिर को बिना नुकसान पहुँचाए पास के खेत में शिफ्ट करने पर सहमति बनी। प्रशासन ने यह जमीन एक स्थानीय व्यक्ति से प्राप्त की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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