Wednesday, July 24, 2024
Homeदेश-समाजउत्तराखंड में UCC पर मिले 2.5 लाख सुझाव, समिति का कार्यकाल 6 महीने और...

उत्तराखंड में UCC पर मिले 2.5 लाख सुझाव, समिति का कार्यकाल 6 महीने और बढ़ा: लिव इन, तलाक, बच्चों की संख्या… सब पर हो रही बात

समिति को शादी, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप, बच्चों की संख्या वगैरह को लेकर भी लोगों से सुझाव मिले हैं। लोगों की राय जानने के लिए समिति प्रदेश भर में 30 बैठकें कर चुकी है।

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को लेकर बीजेपी सरकार ने विशेषज्ञों की समिति का गठन किया था। इस समिति का कार्यकाल 6 महीने के लिए और बढ़ा दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार UCC पर समिति को 2.5 लाख से अधिक सुझाव मिले हैं। इनमें से कुछ बेहद महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं।

रिटायर्ड न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति का कार्यकाल अब 27 मई 2023 तक रहेगा। इसी साल मई में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस समिति का गठन किया था। उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान सत्ता में वापसी पर यूसीसी का वादा किया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार समिति को शादी, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप, बच्चों की संख्या वगैरह को लेकर भी लोगों से सुझाव मिले हैं।

5 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति की प्रदेश भर में अब तक 30 बैठकें हो चुकी है। इसका मकसद लोगों का सुझाव लेना था। इसके लिए बकायदा एक वेबसाइट भी बनाया गया है। हालाँकि मुस्लिमों में अभी भी यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर संशय बना हुआ है। उनका मानना है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड का लक्ष्य उनको निशाना बनाना है। समिति उनकी आशंकाओं को दूर करने की भी लगातार कोशिश कर रही है।

समिति ने अलग-अलग समुदाय के लोगों और नेताओं के साथ बैठक करके उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया है। समिति ने हाल ही में मुस्लिमों के साथ पिरान कलियार में बैठक की थी। वहीं सिख समुदाय के लोगों के साथ उधम सिंह नगर के नानकमाता में, जबकि ईसाई समुदाय के साथ नैनीताल में और अखाड़ा परिषद के साथ हरिद्वार में अलग-अलग बैठक आयोजित की गई।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार आम लोगों की सलाह पर समिति ने अपनी रिपोर्ट में भी कुछ सुझाव दिए हैं। ये सुझाव लैंगिक समानता, महिलाओं की विवाह की उम्र, पैतृक संपत्तियों में बेटियों की हिस्सेदारी, LGBTQ जोड़ों के कानूनी अधिकार और लिव इन रिलेशनशिप से जुड़े हुए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘एंजेल टैक्स’ खत्म होने का श्रेय लूट रहे P चिदंबरम, भूल गए कौन लेकर आया था: जानिए क्या है ये, कैसे 1.27 लाख StartUps...

P चिदंबरम ने इसके खत्म होने का श्रेय तो ले लिया, लेकिन वो इस दौरान ये बताना भूल गए कि आखिर ये 'एंजेल टैक्स' लेकर कौन आया था। चलिए 12 साल पीछे।

पत्रकार प्रदीप भंडारी बने BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता: ‘जन की बात’ के जरिए दिखा चुके हैं राजनीतिक समझ, रिपोर्टिंग से हिला दी थी उद्धव...

उन्होंने कर्नाटक स्थित 'मणिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' (MIT) से इलेक्ट्रॉनिक एवं कम्युनिकेशंस में इंजीनियरिंग कर रखा है। स्कूल में पढ़ाया भी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -