Wednesday, July 17, 2024
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ऐप से पता लगाते थे वाहन मालिक का नाम, हिंदू होने पर करते हमला: इस्लामी कट्टरपंथियों के व्हाट्सएप ग्रुप को लेकर नया खुलासा, 4 गिरफ्तार

पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अगर मुस्लिम लड़की किसी के साथ बाइक पर जा रही होती तो कट्टरपंथी उसका पीछा करते। फिर ऐप के माध्यम से वाहन नंबर से मालिक का नाम पता करते। अगर मालिक हिंदू निकला, तो उसे रोककर वीडियो बनाते और मारपीट करते थे।

गुजरात के वडोदरा में पुलिस ने मुस्लिम लड़कियों से संपर्क रखने पर हिंदू लड़कों को निशाना बनाने वाले इस्लामी कट्टरपंथियों के एक गुट का खुलासा किया था। इन लोगों ने व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे थे। इस मामले में नया खुलासा हुआ है कि आरोपित वाहन नंबर के जरिए उसके मालिक का नाम पता करते थे। यदि वह हिंदू होता तो उस पर हमला करते। लड़की और उसके परिजनों को भी ब्लैकमेल करते थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वडोदरा पुलिस ने 30 अगस्त को इस्लामी कट्टरपंथियों के गुट से जुड़े 4 लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं 9 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान याकिब अली शेख, नौमान शेख, मोहसिन पठान और अबरार खान सिंधी के रूप में हुई। ये सभी ‘आर्मी ऑफ मेहँदी’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े हुए थे।

ग्रुप से जुड़े लोग बेहद शातिर तरीके से काम करते थे। जैसे याकिब अली अगर हिंदू लड़के के साथ किसी मुस्लिम लड़की को देखता तो वह उसका पीछा करना शुरू कर देता। इसको लेकर वह ग्रुप में ऑडियो मैसेज भेजकर बताता था कि हिंदू लड़का और मुस्लिम लड़की किस ओर जा रहे हैं। इसके बाद वह मौके पर पहुँचकर वीडियो बनाता। वहीं, मोहसिन पठान और अबरार खान वॉयस मैसेज के जरिए ग्रुप से जुड़े लोगों को ‘उन्हें रोको..’, ‘आईकार्ड चेक करो..’ जैसे निर्देश देते थे।

बीते 5 महीनों में कट्टपंथियों ने कम से कम 15 लोगों को निशाना बनाकर उन्हें प्रताड़ित किया। पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि अगर मुस्लिम लड़की किसी के साथ बाइक पर जा रही होती तो कट्टरपंथी उसका पीछा करते। फिर ऐप के माध्यम से वाहन नंबर से मालिक का नाम पता करते। अगर मालिक हिंदू निकला, तो उसे रोककर वीडियो बनाते और मारपीट करते थे।

मुस्लिम लड़कियों के साथ दिखने वाले हिंदू लड़कों को निशाना बनाने के लिए इस्लामी कट्टरपंथियों ने फरवरी 2023 में ‘हुसैनी लश्कर’ नामक 500 लोगों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। इस ग्रुप से जुड़े हुए लोग पूरे वडोदरा शहर में नजर रखते थे। पुलिस की निगरानी से बचने के लिए आरोपित कोई भी ग्रुप 3-4 महीने तक ही चलाते थे। इसके बाद उस ग्रुप को डिलीट कर नया ग्रुप बनाते। ‘हुसैनी लश्कर’ के बाद ‘मेहँदी आर्मी’ और फिर ‘लश्कर-ए-आदम’ नामक ग्रुप इसी के तहत बनाया गया था।

फिलहाल पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि इस ग्रुप से कितने लोग और कहाँ-कहाँ के लोग जुड़े हुए थे। आरोपितों को कहीं से फंडिंग मिलने को लेकर भी पुलिस जाँच कर रही है। इंडिया टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, कट्टरपंथी न केवल बड़ोदरा बल्कि अन्य शहरों में भी इसी तरह व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर निशाना बनाते थे। इस मामले में पुलिस अब तक 73 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इससे पहले पुलिस ने व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन मुस्तकिम शेख, बुरहान सैयद और साहिल शेख को गिरफ्तार किया था।

कैसे हुआ खुलासा

2 महीने पहले वडोदरा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें शहर के अकोटा ब्रिज के पास एक आइसक्रीम पार्लर में एक हिंदू युवक और एक मुस्लिम लड़की बैठे थे, तभी कुछ युवक वहाँ पहुँच गए और हंगामा करते हुए युवक को पकड़ लिया। उन्होंने हिंदू लड़के के साथ बदतमीजी की और इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इसी वीडियो के आधार पर पुलिस ने इस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए जाँच शुरू कर दी। पुलिस ने पाया कि कुछ लोग ऐसी मुस्लिम लड़कियों को निशाना बनाते थे, जो हिंदू लड़कों के साथ दिख जाती थी। ये लोग व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाकर ऐसी मुस्लिम लड़कियों की तलाश करते थे। वे मुस्लिम लड़की और हिंदू लड़के का वीडियो बना लेते थे और फिर उन लड़कियों के परिवारों को वीडियो भेजकर ब्लैकमेल करते थे।

इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए डीसीपी अभय सोनी ने मीडिया को बताया था कि त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है तो किसी भी सांप्रदायिक घटना को रोकने के लिए वह सोशल मीडिया पर नजर रख रहे हैं। इसी बीच ट्विटर पर एक वायरल वीडियो देखने को मिला, जिसमें अलग-अलग धर्म के दो पुरुष और महिलाएँ घूम रहे थे, कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और बदसलूकी की। वीडियो की जाँच करने पर पता चला कि ऐसे लोगों को टारगेट करके व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाए गए हैं, जिनमें महिलाएँ एक धर्म की हैं और पुरुष दूसरे धर्म के हैं। उसका नेटवर्क पूरे वडोदरा शहर में फैला है, जिसमें कई युवा जुड़े हुए हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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