Friday, July 19, 2024
Homeदेश-समाजसिग्नल पर नहीं रुकी मालगाड़ी, एक-दूसरे पर चढ़ गई ट्रेनें: कंचनजंगा एक्सप्रेस की बोगियों...

सिग्नल पर नहीं रुकी मालगाड़ी, एक-दूसरे पर चढ़ गई ट्रेनें: कंचनजंगा एक्सप्रेस की बोगियों के उड़े परखच्चे, मृतकों में लोको पायलट और गार्ड भी

यह हादसा सुबह 9 बजे हुआ जब सियालदह से अगरतला जाने वाले कंचनजंगा एक्सप्रेस (13174) रंगापानी स्टेशन के नजदीक खड़ी थी। इसी दौरान इसमें पीछे से आ रही एक मालगाड़ी ने टक्कर मार दी। इसके कारण एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए और भारी रूप से क्षतिग्रस्त हो गए।

पश्चिम बंगाल के न्यूजलपाईगुड़ी में भीषण रेल हादसा हुआ है। यहाँ सोमवार (17 जून, 2024) रंगपानी स्टेशन के समीप खड़ी कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन में एक मालगाड़ी पीछे से टकरा गई। इस हादसे में 15 लोगों की मौत और 60 लोगों के घायल होने की सूचना है। मालगाड़ी के लोको पायलट और एक्सप्रेस के गार्ड की मौत भी इस हादसे में हो गई। घटनास्थल पर राहत बचाव का काम चल रहा है। हादसा का प्रारम्भिक कारण सिग्नल का अनदेखा किया जाना बताया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हादसा सुबह 9 बजे हुआ जब सियालदह से अगरतला जाने वाले कंचनजंगा एक्सप्रेस (13174) रंगापानी स्टेशन के नजदीक खड़ी थी। इसी दौरान इसमें पीछे से आ रही एक मालगाड़ी ने टक्कर मार दी। इसके कारण एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए और भारी रूप से क्षतिग्रस्त हो गए।

हादसे के बाद एक डिब्बा मालगाड़ी के इंजन के ऊपर चढ़ गया। हादसे के बाद मौके पर राहत बचाव टीमें रवाना की गईं। हादसा इतना भयंकर था कि मालगाड़ी के इंजन में बैठे लोको पायलट की मौके पर ही दब कर मृत्यु हो गई। लोको पायलट के साथ एक्सप्रेस ट्रेन के गार्ड की भी मौत हो गई।

हादसे में अभी तक 15 लोगों की मौत और 60 लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घटना के बाद राहत बचाव की जानकारी दी है और खुद घटनास्थल पर रवाना हो गए हैं।

रेल मंत्री ने लिखा, “NFR जोन में दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना हुई है। बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। रेलवे, NDRF और SDRF मिलकर काम कर रहे हैं। घायलों को अस्पताल पहुँचाया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँच गए हैं।” उन्होंने इस घटना में मुआवजे का भी ऐलान किया है। हादसे में मरने वालों के आश्रितों को ₹10 लाख, गंभीर घायलों को ₹2.5 लाख जबकि कम घायलों को ₹50,000 का मुआवजा दिया जाएगा।

रेलवे बोर्ड की चेयरमैन जया वर्मा सिन्हा ने भी इस मामले में जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि प्रारम्भिक जाँच में मानव भूल का मामला सामने आया है। इस बात की संभावना है कि मालगाड़ी के लोको पायलट ने सिग्नल को अनदेखा कर दिया और इससे दोनों ट्रेनों की भिडंत हो गई। उन्होंने कहा कि आगे जाँच के बाद ही पूरी बात सामने आएगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस घटना को लेकर दुख जताया है। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में हुए रेल हादसे में लोगों की मौत की खबर बेहद दुखद है। मेरी संवेदनाएँ और प्रार्थनाएँ शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और राहत एवं बचाव कार्यों की सफलता की कामना करती हूँ।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस घटना को लेकर दुख जताया है। उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में रेल दुर्घटना दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति संवेदना। मैं प्रार्थना करता हूँ कि घायल जल्द से जल्द ठीक हो जाएँ। अधिकारियों से बात करके स्थिति का जायजा लिया है। प्रभावितों की सहायता के लिए बचाव अभियान जारी है। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी भी दुर्घटना स्थल पर जा रहे हैं।”

इस रेल दुर्घटना में घायल और मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। घटना के मूल कारण की बात के लिए अब रेलवे जाँच करेगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

फैक्ट चेक’ की आड़ लेकर भारत में ‘प्रोपेगेंडा’ फैलाने की तैयारी कर रहा अमेरिका, 1.67 करोड़ रुपए ‘फूँक’ तैयार कर रहा ‘सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स’...

अमेरिका कथित 'फैक्ट चेकर्स' की फौज को तैयार करने की योजना को चतुराई से 'डिजिटल लिटरेसी' का नाम दे रहा है, लेकिन इनका काम होगा भारत में अमेरिकी नरेटिव को बढ़ावा देना।

मुस्लिम फल विक्रेताओं एवं काँवड़ियों वाले विवाद में ‘थूक’ व ‘हलाल’ के अलावा एक और पहलू: समझिए सच्चर कमिटी की रिपोर्ट और असंगठित क्षेत्र...

काँवड़ियों के पास ये विकल्प क्यों नहीं होना चाहिए, अगर वो सिर्फ हिन्दू विक्रेताओं से ही सामान खरीदना चाहते हैं तो? मुस्लिम भी तो लेते हैं हलाल?

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -