Homeदेश-समाजआसिया को बेटा नहीं हुआ तो अंसार ने तीन तलाक देकर घर से बाहर...

आसिया को बेटा नहीं हुआ तो अंसार ने तीन तलाक देकर घर से बाहर निकाला

एक ओर सरकार मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण बिल-2019 पारित कराने में जुटी हुई है, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। तीन तलाक के कारण आसिया का जीवन नासूर की तरह हो गया है।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में बार-बार बेटी को जन्म देने से नाराज़ शौहर ने अपनी बीवी को तीन तलाक देकर छोड़ दिया। पीड़ित महिला ने अपने शौहर समेत पाँच लोगों के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।

मीडिया खबरों के अनुसार बुलंदशहर के पास पहासू थाना क्षेत्र निवासी आसिया उर्फ़ आशा का निकाह दस साल पहले अलीगढ़ के छपरा निवासी अंसार अहमद से हुआ था। निकाह के बाद आसिया ने 4 लड़कियों को जन्म दिया जिनमें से दो की मौत हो गई।

ऐसे में बार-बार बेटी को जन्म देने के कारण ससुराल वाले आसिया को शारीरिक व मानसिक रूप से यातनाएँ देकर प्रताड़ित करने लगे। जब महिला ने 5वीं बार भी बेटी को जन्म दिया तो 19 जून को आसिया के पति ने उसे तीन बार तलाक बोला और धक्के देकर घर से बाहर निकाल दिया।

गौरतलब है एक ओर सरकार मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण बिल-2019 पारित कराने में जुटी हुई है, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। तीन तलाक के कारण आसिया का जीवन नासूर की तरह हो गया है। वह इन दिनों अपने पिता के घर पहासू में रह रही है।

जानकारी के मुताबिक पीड़िता के भाई कमरुद्दिन ने बताया है कि आसिया के ससुरालवालों की शिकायत थी कि उसके बेटा पैदा नहीं हो रहा है। जिसके कारण उन्होंने आसिया के साथ मार-पिटाई की और बाद में गाँव के बाहर स्कूल के पास छोड़कर चले गए।

फिलहाल, आसिया की शिकायत पर पुलिस ने आसिया के पति अंसार अहमद, जेठ बशीर अहमद, सास कनीर, ससुर नसीर अहमद, और ननद शबनम के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर लिया है। साथ ही कहा है कि इस मामले में जाँच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

किसी को बेल मिली तो घर नहीं जा सका, कोई अब तक जेल में… संसद की सुरक्षा में सेंधमारी को सामान्य बनाना चाह रहे...

हर पीढ़ी में ऐसे युवा होते हैं जो व्यवस्था बदलना चाहते हैं। लेकिन ये भी समझना जरूरी है कि व्यवस्था बदलने और कानून तोड़ने में अंतर होता है।

PM की हत्या की साजिश, संसद में घुसने का प्रयास और पुलिस पर पथराव: Insta रील से इतर समझें ‘कॉकरोचों’ का एजेंडा, कैसे ठगे...

एकतरफा नैरेटिव को ध्वस्त करने वाली CJP प्रदर्शन यह दूसरी तस्वीरें भी दिखें, जिनमें हिंसक भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, 'मोदी-बीजेपी मुर्दाबाद' के नारे लगाकर असल छात्रों को बरगलाया।
- विज्ञापन -