Homeदेश-समाजप्रेम-जाल में फँसाया,धर्म परिवर्तन कराया, लिव-इन में रहकर घर बिकवाया, बच्चा होने पर हो...

प्रेम-जाल में फँसाया,धर्म परिवर्तन कराया, लिव-इन में रहकर घर बिकवाया, बच्चा होने पर हो गया फरार

पीड़िता ने कहा कि उसके साथ धोखा किया गया है। इसलिए अब उसे इंसाफ़ चाहिए। वो चाहती है कि उसके बेटे को पिता का नाम मिले। जिसके लिए उसने कोर्ट में अर्जी दाखिल की है और अपने लिए न्याय की गुहार लगाई है।

गाजियाबाद के कविनगर थाना क्षेत्र से धर्म परिवर्तन का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक व्यक्ति पर तलाकशुदा महिला ने आरोप लगाया है कि उसने पहले महिला को अपने प्रेम के जाल में फँसाया। उसके साथ लिव इन में रहा और जब बच्चा हुआ तो उसे छोड़कर फरार हो गया।

नवभारत टाइम्ल में प्रकाशित खबर

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो कविनगर थाना क्षेत्र की निवासी महिला ने बताया कि साल 2013 में उसका उसके पति से तलाक हो गया था। जिसके बाद 2014 में उसका संपर्क सिहानी गेट थाना क्षेत्र में रहने वाले युवक से हुआ।

इसके बाद महिला के मुताबिक मुस्लिम युवक ने उसे प्रेम जाल में फँसाकर पहले धर्म परिवर्तन कराया और फिर उसके साथ लिव-इन में रहने लगा। लेकिन जब महिला को बेटा हुआ तो वह उसकी जिम्मेदारी लेने की बजाए भाग खड़ा हुआ। 2017 में वह महिला को छोड़कर फरार हो गयाl उसके बाद से महिला दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।

महिला ने अपनी शिकायत में युवक पर आरोप लगाया कि युवक ने उसका घर भी बिकवा दिया था और उससे घर के रुपए भी ले लिए थे। अब उसके पास कुछ नहीं हैं। उसका बेटा 3 साल का हो चुका है, लेकिन लड़के के घरवाले उसे रखने को तैयार नहीं हैं।

पीड़िता ने कहा कि उसके साथ धोखा किया गया है। इसलिए अब उसे इंसाफ़ चाहिए। वो चाहती है कि उसके बेटे को पिता का नाम मिले। जिसके लिए उसने कोर्ट में अर्जी दाखिल की है और अपने लिए न्याय की गुहार लगाई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -