Prime का सब्सक्रिप्शन लेने वालों को भी Amazon दिखाता है AD, ऑस्ट्रेलिया की सरकारी उपभोक्ता संस्था ने कंपनी पर किया केस

ऑस्ट्रेलिया की सरकारी उपभोक्ता संस्था (ACCC) ने अमेजन (Amazon) के खिलाफ कोर्ट में मामला दर्ज किया है। संस्था का कहना है कि अमेजन ने प्राइम वीडियो पर विज्ञापन (ऐड) दिखाने का फैसला करके अपने ग्राहकों के साथ गलत किया।

ACCC के मुताबिक, अमेजन ने 10 लाख से ज्यादा प्राइम वीडियो यूजर्स की सर्विस बिना उनकी सही मंजूरी के बदल दी। पहले लोग बिना किसी विज्ञापन के फिल्में और वेब सीरिज देखते थे लेकिन बाद में कंपनी ने बीच में ऐड दिखाने शुरू कर दिए। अगर कोई ग्राहक पहले की तरह बिना ऐड के प्राइम वीडियो देखना चाहता था तो उसे हर महीने अलग से अतिरिक्त पैसे देने के लिए कहा गया।

उपभोक्ता संस्था का कहना है कि नवंबर 2023 से अगस्त 2025 के बीच अमेजन के नियम ग्राहकों के लिए एकतरफा और गलत थे। जिन लोगों ने बिना विज्ञापन वाली सर्विस के लिए सब्सक्रिप्शन लिया था, उन्हें बाद में अचानक ऐड देखने पड़े या फिर बिना ऐड के देखने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़े।

ACCC के चेयरपर्सन जीना कैस गॉटलीब ने कहा, “जो ग्राहक प्राइम वीडियो पर विज्ञापन नहीं देखना चाहते थे, उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा। उन्हें वही बिना विज्ञापन वाली सर्विस जारी रखने के लिए हर महीने ज्यादा पैसे देने पड़े, जिसके लिए उन्होंने शुरुआत में सब्सक्रिप्शन लिया था।”

सब्सक्रिप्शन के बीच में ही बदले प्राइम वीडियो के नियम

अमेजन का प्राइम वीडियो कई सालों तक बिना किसी ऐड के मिलता था। यह अमेजन की प्राइम मेंबरशिप का हिस्सा है, जिसमें ऑनलाइन शॉपिंग और तेज डिलीवरी जैसी सुविधाएँ भी शामिल होती हैं। ऑस्ट्रेलिया में यह सर्विस साल 2018 में शुरू हुई थी।

साल 2024 की शुरुआत में जब अमेजन ने प्राइम वीडियो पर ऐड दिखाने शुरू किए तो ऑस्ट्रेलिया के ग्राहकों को बताया गया कि अगर वे पहले की तरह बिना ऐड के वीडियो देखना चाहते हैं, तो उन्हें हर महीने अलग से पैसे देने होंगे। इसके बाद प्राइम वीडियो की हर महीने की मेंबरशिप बढ़कर 12.99 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर हो गई।

ACCC के मुताबिक, जब यह बदलाव किया गया, तब ऑस्ट्रेलिया में 8.5 लाख से ज्यादा लोगों ने पहले ही पूरे साल की प्राइम मेंबरशिप का पैसा जमा कर दिया था। लेकिन बदलाव के बाद इन ग्राहकों को उनकी बची हुई सब्सक्रिप्शन अवधि में पहले जैसी सर्विस नहीं मिली। अगर वे बिना ऐड के कंटेंट देखना चाहते थे, तो उन्हें अतिरिक्त पैसे देने पड़े।

उपभोक्ता संस्था का यह भी आरोप है कि अमेजन ने अपने कॉन्ट्रैक्ट में ऐसे पाँच अनुचित नियम (Unfair Contract Terms) रखे थे, जिनकी मदद से कंपनी अपनी सर्विस में बड़े बदलाव कर सकती थी। वहीं, ग्राहकों को न तो रिफंड का अधिकार मिला और न ही किसी तरह का उचित मुआवजा।

अमेजन की प्रतिक्रिया

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेजन के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ACCC की ओर से लगाए गए आरोपों और कोर्ट में दायर मामले की विस्तार से जाँच कर रही है। प्रवक्ता ने कहा, “हम ACCC की ओर से दायर किए गए केस की पूरी तरह समीक्षा कर रहे हैं। जाँच के दौरान हमने ACCC का पूरा सहयोग किया है और आगे भी ऑस्ट्रेलिया में अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा देने पर हमारा पूरा ध्यान रहेगा।”