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‘ये लोग मेरे सामने बोले तो गर्दन काट दूँगा’: गणेश पूजा में अली गोनी का मजहब-कुरान आया आड़े, पर सिख गर्लफ्रेंड को अबाया में मस्जिद ले जाना था ‘सेकुलरिज्म’

अली गोनी के लिए सेकुलरिज्म का मतलब गैर मुस्लिमों के लिए इस्लाम की रवायतें कबूल करना ही है। जब यही अपेक्षा उनसे की जाती है तो सेकुलरिज्म का मतलब खुद को पीड़ित दिखाना और सवाल उठाने वालों को इस्लामी कट्टरपंथियों की तरह काट देने की धमकी देना हो जाता है।

“मेरे मजहब में पूजा करने की इजाजत नहीं है। कुरान में भी यह लिखा है। मैं पहली बार गणपति पूजा में गया था। मुझे मुस्लिम होने के कारण टारगेट किया गया। ये लोग मेरे सामने बोले तो गर्दन काट दूँगा”

एक्टर अली गोनी ने यह बात उनलोगों के लिए कही है ​जो ‘गणपति बप्पा मोरया’ नहीं बोलने के कारण उनकी आलोचना कर रहे हैं। यह वाकया उस समय का है, जब गोनी अभिनेत्री अंकिता लोखंडे के घर अपनी गर्लफ्रेंड जैस्मीन भसीन के साथ गणपति पूजा में पहुँचे थे।

अली गोनी का कहना है कि इस्लाम उन्हें ‘गणपति बप्पा मोरया’ कहने की इजाजत नहीं देता है। पर वे इतने पर ही नहीं ठहरे। इसके लिए आलोचना कर रहे लोगों के लिए जिन शब्दों का इस्तेमाल किया वह उनकी कट्टरपंथी मजहबी सोच के बारे में भी बताती है।

अली गोनी भारतीय टीवी इंडस्ट्री के जाने-माने नाम हैं। ये है मोहब्बतें, खतरों के खिलाड़ी, बिग बॉस जैसे कई रियलिटी शो और डेली शो में नजर आ चुके हैं।

अली गोनी ने नहीं कहा- गणपति बप्पा मोरया

मुंबई में अभिनेत्री अंकिता लोखंडे और उनके पति विक्की के घर गणपति पूजा थी। इसमें इंडस्ट्री के कई कलाकार शामिल हुए। इसी पूजा का एक वीडियो सामने आया है। इसमें अली गोनी की गर्लफ्रेंड जैस्मीन भसीन जो सिख हैं, ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे लगाती हैं। लेकिन पास में खड़े अली गोनी चुप रहते हैं। उनके चेहरे के भाव से भी हिंदू देवता के प्रति सम्मान और श्रद्धा का भाव नजर नहीं आता है।

यह वीडियो वायरल होने के बाद अली गोनी की आलोचना होती है। इसके बाद वे खुद को ‘पीड़ित’ बताते हुए सामने आते हैं। FilmyGyan के साथ पॉडकास्ट में सफाई देते हुए उन्होंने कहा, “मैंने इसीलिए नहीं बोला कि कहीं मुँह से कुछ गलत न निकल जाए। ‘लाल झंडे’ वाले सोशल मीडिया पेज मुझे FIR और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।”

‘लाल झंडे’ से अली गोनी का संदर्भ हिंदुओं को लेकर है। लेकिन उनकी मजहबी सोच देखिए वे हिंदू बोलने से भी परहेज करते हैं। इस पॉडकास्ट में खुद को सेकुलर दिखाने की कोशिश करते हुए गोनी कहते हैं, “मेरे दिल में हर धर्म के लिए प्यार है।” साथ ही यह भी जोड़ देते हैं, “इस्लाम में पूजा करने की इजाजत नहीं है।”

इसके बाद आलोचकों को जान से मारने की धमकी तक देते हैं। वे कहते हैं, “मेरे सामने कोई मुझे गाली देकर देखे मैं उसका गला काट दूँगा और पैर काटकर हाथ में दे दूँगा।” अली गोनी का यह बयान, इस्लामी कट्टरपंथ के अलावा और क्या है?

गर्लफ्रेंड जैस्मीन भसीन को अबाया पहनाकर मस्जिद ले गए थे अली गोनी

खुद को पीड़ित और सेकुलर बताने की कोशिश करने वाले अली गोनी के दोगलापन की पोल उनका ही एक पुराना वीडियो खोलता है जो इस विवाद के बाद वायरल है। इस वीडियो में उनकी सिख गर्लफ्रेंड जैस्मीन भसीन अबु धाबी के शेख जायद मस्जिद में ‘अबाया’ पहने नजर आती हैं। अली गोनी का दावा है कि इस वीडियो को लेकर उन्हें ‘लव जिहादी’ और ‘आतंकवादी’ बताया गया।

पॉडकास्ट में इस वीडियो पर सफाई देते हुए अली गोनी कहते हैं, “जैस्मीन अबु धाबी टूरिज्म प्रमोट करने गई थी। वहाँ नियम है कि आप मस्जिद में अबाया पहने बिना अंदर नहीं जा सकते हैं।”

‘सेकुलर’ अली गोनी का दोगलापन

ऐसे में सवाल उठता है कि यदि इस्लाम के सम्मान में सिख जैस्मीन भसीन मस्जिद में अबाया पहनकर जा सकती हैं तो उनके बॉयफ्रेंड अली गोनी को गणपति बप्पा बोलने से दिक्कत क्यों है? क्या उनका सेकुलरिज्म केवल इस्लाम के सम्मान तक ही सीमित है?

यहीं अली गोनी का दोगलापन नजर आने लगत है। सेकुलर अली गोनी के लिए मस्जिद के नियम जरूरी हैं, लेकिन गणपति पूजा में जयकारे लगने पर उनके चेहरे के भाव बिगड़ जाते हैं और वे च्युइंगम चबाने लग जाते हैं। वहीं सिख होते हुए भी जैस्मीन गणपति के जयकारे भी लगा लेती हैं और अबाया पहनना भी कबूल कर लेती हैं।

जाहिर है अली गोनी के लिए सेकुलरिज्म का मतलब गैर मुस्लिमों के लिए इस्लाम की रवायतें कबूल करना ही है। जब यही अपेक्षा उनसे की जाती है तो सेकुलरिज्म का मतलब खुद को पीड़ित दिखाना और सवाल उठाने वालों को इस्लामी कट्टरपंथियों की तरह काट देने की धमकी देना हो जाता है।

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पूजा राणा
पूजा राणाhttps://hindi.opindia.com/
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