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‘कहते रवीश के चैनल से हूँ, तो ये हाल न होता’: NDTV के पत्रकार पर मुस्लिम भीड़ ने किया पथराव

"प्रिय दोस्त! श्रीनिवासन जैन शाहीन बाग पिटाई के वक्त आपने लिखा था मैं तो पत्रकार हूँ नहीं! लेकिन आप तो हैं! फिर CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे इन शांतिदूतों ने आप पर पत्थर क्यों बरसाएँ? हाँ, अगर आप उनसे कहते कि आप रवीश कुमार के चैनल से हैं तो आपका ये हाल नहीं होता!"

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के बाबरपुर-मौजपुर इलाके में भड़की हिंसा पर रिपोर्ट करने पहुँचे NDTV पत्रकार श्रीनिवासन जैन पर मुस्लिम भीड़ द्वारा पथराव किए जाने की घटना सामने आई है। न्यूज नेशन के कंसल्टिंग एडिटर दीपक चौरसिया ने इस घटना का विडियो शेयर किया है।

विडियो में श्रीनिवासन को रिपोर्टिंग करते देखा जा सकता है और ये भी कहते सुना जा सकता है कि उनपर पथराव हो रहा है। उनके मुताबिक दंगाई कैमरे में रिकॉर्ड होना नहीं चाहते थे। इसलिए कैमरा देखते ही चिल्लाने लगे और देखते ही देखते एनडीटीवी पत्रकार के ऊपर पत्थरबाजी होने लगी।

यह वीडियो देखकर हैरानी तो तब होती है, जब श्रीनिवासन ये कहते हैं कि जाफराबाद इलाके में कुछ अल्पसंख्यक समुदाय के लोग इकट्ठा हुए हैं और उनमें मीडिया के प्रति बहुत ज्यादा गुस्सा है। इसके बाद वो दंगाइयों को चिल्लाता देख उन्हें आश्वासन देते हैं कि वो उनका विडियो नहीं बना रहे, जबकि उनपर पत्थरबाजी शुरू हो चुकी होती है। फिर वो कैमरे को लेकर उलटी दिशा में चलना शुरू कर देते हैं जिससे पत्थरबाजी करने वाली भीड़ कैमरे में कैद नहीं होती।

सोचिए, पत्थरबाजी करने वाले इन अल्पसंख्यक दंगाइयों के प्रति एनडीटीवी का और उसके पत्रकारों का कितना उदार रवैया है कि घटनास्थल पर मौजूद होने के बाद भी वो उन्हें कैमरे में कैद नहीं करते। विडियो में श्रीनिवासन को कहते सुना जा सकता है कि यहाँ पर पत्थर आने शुरू हो गए हैं तो हम यहाँ पर विडियो नहीं बनाएँगे। हम कैमरा घुमाएँगे और दूसरी तरफ चलेंगे। हमें भीड़ को उत्तेजित नहीं करना।

गौरतलब है कि इसी मामले पर दीपक चौरसिया ने श्रीनिवासन का विडियो वीडियो शेयर करके उनपर तंज कसा है। उन्होंने याद दिलाया है कि जब उनपर शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों ने हमला किया था, तब श्रीनिवासन ने कहा था कि दीपक चौरसिया पत्रकार ही नहीं हैं।

दीपक चौरसिया ने ट्वीट किया है, “प्रिय दोस्त! श्रीनिवासन जैन शाहीन बाग पिटाई के वक्त आपने लिखा था मैं तो पत्रकार हूँ नहीं! लेकिन आप तो हैं! फिर CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे इन शांतिदूतों ने आप पर पत्थर क्यों बरसाएँ? हाँ, अगर आप उनसे कहते कि आप रवीश कुमार के चैनल से हैं तो आपका ये हाल नहीं होता!” बता दें, 24 जनवरी को शाहीन बाग में भीड़ ने चौरसिया पर हमला किया था। उस वक़्त मीडिया गिरोह के लोगों ने इस हमले को जस्टिफाई करने की कोशिश की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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