Monday, November 30, 2020
Home राजनीति रोहिंग्या से नेहरू तक, Howdy Modi पर लोगों ने अर्बन नक्सलियों के कुतर्कों को...

रोहिंग्या से नेहरू तक, Howdy Modi पर लोगों ने अर्बन नक्सलियों के कुतर्कों को एक-एक कर काटा

“अनुकरणीय” के साथ सबसे बड़ी समस्या ये भी है कि लोग देखते हैं, तालियाँ बजाते हैं और आगे निकल जाते हैं। “अनुकरणीय” का सचमुच अनुकरण करने लायक “दम” किसमें है, और किसमें नहीं है, ये भी एक बड़ा सवाल है।

अनुकरणीय क्या होता है? कुछ भी अच्छा जो दिख गया हो, उसके जैसा किया जा सकता है। हाल में जब ‘Howdy Modi’ कार्यक्रम बीता तो जमकर कुहर्रम मचा। पहले तो शोर इस बात पर था कि भला विदेश में किसी आयोजन से भारत का कौन सा भला होगा? अब मुट्ठी भर अभिजात्यों के नियंत्रण वाली खरीद कर इस्तेमाल होने वाली मीडिया का दौर तो रहा नहीं, सोशल मीडिया पर अपनी बात रखने के लिए लोग स्वतंत्र हैं। सवाल के उठने भर की देरी थी कि #अभिव्यक्तिकीस्वतंत्रता का इस्तेमाल करते हुए लोगों ने बता दिया कि भारत-वंशियों से कितना रेवेन्यु, कितनी आय भारत को भी होती है।

मामला सिर्फ इतने पर कैसे रुकता? अर्बन नक्सल गिरोहों ने हमले की दिशा बदली और कहने लगे कि अगर अमेरिका में रहने वाले भारतीय लोगों को ‘भारत माता की जय‘ कहने की छूट है, तो वही तर्क रोहिंग्या पर भारत में भी लागू होगा क्या? अब फिर से आम लोग इस बचकाने तर्क को तोड़ गए। प्रवासी, शरणार्थी और घुसपैठिये में अंतर होता है, ये हिन्दी बेचकर खाने वालों को तो बताया ही गया, अंग्रेजी वालों को भी इमिग्रेंट, रिफ्यूजी और इन्ट्रूडर का अर्थ समझाया जाने लगा। समस्या ये थी कि थोड़ी सी फजीहत पर जो मान जाए वो लिबटार्ड कैसा? इसलिए इतनी बेइज्जती पर उनका मन नहीं भरा था।

अंत में नेहरू को महान बताने वाले उनकी पार्टी के कुछ अंग्रेजीदाँ दां अभिजात्य लोग मैदान में उतरे। वो 1955 की रूस की इन्दिरा-नेहरू की तस्वीर को 1954 की अमेरिका की तस्वीर बताने लगे! कुछ लोगों ने ये भी ध्यान दिलाया कि पुराने कॉन्ग्रेसी जुमले “इन्दिरा इज इंडिया, एंड इंडिया इज इन्दिरा” को वो भूले नहीं है, उन्होंने इन्दिरा की वर्तनी इंडिया कर डाली थी! कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि अनैतिक मार्केटिंग (अनएथिकल मार्केटिंग) के तीन “सी” (कन्विंस, कंफ्यूज, कर्रप्ट) का इस्तेमाल करने की पुरजोर कोशिश की गई और किसी तरह से इससे कुछ अच्छा न निकल जाए ये प्रयास हुआ।

अब बात चूँकि “अनुकरणीय” से शुरू हुई थी तो वापस वहीं पर आते हैं। पटना शहर में भी दूसरे कई बड़े शहरों की तरह आयोजन होते रहते हैं। जैसा कि दूसरी सभी जगहों पर भी होता ही है, वैसे ही यहाँ भी आयोजनों में मुख्य अतिथि होते हैं। उन्हें मंच पर सम्मानित करने के लिए किसी न किसी को बुलाया जाता है और वो “पुष्प-गुच्छ” से अतिथि का स्वागत करता है। मंच पर कुछ कुर्सियाँ लगी होती हैं, जहाँ ये अभिजात्य अतिथि और मुख्य अतिथि पूरे समय बैठकर वक्ताओं को सुन रहे होते हैं। आम लोग (मामूली मैंगो पीपल) इन अभिजात्यों से अलग कहीं नीचे कुर्सियों पर बिठाए जाते हैं।

अब अमेरिका के इस आयोजन को दोबारा देखिए। यहाँ मंच पर कोई कुर्सी नजर नहीं आएगी। अपनी बात ख़त्म करने के बाद वक्ता वहीं नीचे जाकर आम लोगों (मामूली मैंगो पीपल) जितनी ऊँची कुर्सियों पर बैठे। ट्रम्प मोदी जी के भाषण के समय नीचे बैठे थे और मोदी जी भी ट्रम्प के भाषण के समय नीचे ही थे। कोई कुर्सी और ऊँची जगह की लूट-पाट नहीं थी। कोई महँगे पुष्प गुच्छ नहीं दिए जा रहे थे! जहाँ तक पुष्प-गुच्छ का सवाल है, काफी पहले मोदी जी एक बार कह चुके हैं कि ये पुष्प आयोजन के बाद बेकार ही चले जाते हैं। इनके बदले किताबें दे देना बेहतर विकल्प है।

ऐसा भी नहीं है कि जिस विषय पर आयोजन हो रहा हो उस विषय की किताबें मौजूद नहीं हैं। अगर पानी जैसे मुद्दों पर बात हो रही हो तो अनुपम मिश्र की “आज भी खरे हैं तालाब” है, स्वच्छता इत्यादि पर “जल, थल, मल” मौजूद है, बाढ़ जैसे विषय हों तो डॉ. दिनेश मिश्र ने ऐसे मुद्दों पर किताबें लिखी हैं। शिक्षा जैसे मुद्दों पर “तत्तोचन” अच्छी किताब है, जंगल पर “द मैन हु प्लांटेड ट्रीज” दी जा सकती है।

सिर्फ थोड़ी सी मेहनत से 500-1000 रुपये के गुलदस्ते से कहीं बेहतर और उपयोगी चीज़ दी जा सकती है। हाँ इरादा राजनैतिक हो या अख़बारों में नेताजी या किसी बड़े आदमी को गुलदस्ता देते फोटो छपवाने का शौक हो तो और बात है। लालची लोगों से मेहनत की हम अपेक्षा भी नहीं रखते। बाकी “अनुकरणीय” के साथ सबसे बड़ी समस्या ये भी है कि लोग देखते हैं, तालियाँ बजाते हैं और आगे निकल जाते हैं। “अनुकरणीय” का सचमुच अनुकरण करने लायक “दम” किसमें है, और किसमें नहीं है, ये भी एक बड़ा सवाल है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Anand Kumarhttp://www.baklol.co
Tread cautiously, here sentiments may get hurt!

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

किसान कहीं भी डायरेक्ट बेचे Vs किसान खेत के बाहर कैसे बेचेगा: 6 साल में वीडियो से समझें राहुल गाँधी की हालत

अप्रैल 2014 में राहुल गाँधी ने 'नेटवर्क 18' के अशीत कुणाल के साथ इंटरव्यू में कृषि और किसान पर बात की थी। आज वो कृषि कानून के विरोध में हैं।

गोलियों से भूना, मन नहीं भरा तो बम विस्फोट किया: 32 परिवारों के खून से अबोहर में खालिस्तानियों ने खेली थी होली

पूरी घटना में 22 लोग मौके पर खत्म हो गए, 10 ने अस्पताल में दम तोड़ा, कइयों ने पसलियाँ गँवा दीं, कुछ की अंतड़ियाँ बाहर आ गईं, किसी के पाँव...

केरल का सिंह, जिससे काँपते थे टीपू और ब्रिटिश: अंग्रेजों ने बताया स्वाभाविक सरदार, इतिहासकारों ने नेपोलियन से की तुलना

केरल में उन्हें सिंह कहा जाता है। इतिहासकार उनकी तुलना नेपोलियन से करते हैं। दुश्मन अंग्रेजों ने उन्हें 'स्वाभाविक नेता' बताया। मैसूर की इस्लामी सत्ता उनसे काँपती थी।

जिस गर्भवती महिला के पेट में लात मारी थी वामपंथी नेता ने, अब वो BJP के टिकट पर लड़ रहीं चुनाव

ज्योत्स्ना जोस ने बीच-बचाव करना चाहा तो उनके हाथ बाँध दिए गए और मारने को कहा गया। उनके पेट पर हमला करने वालों में एक CPIM नेता...

जो बायडेन की टीम में एक और भारतीय: नीरा टंडन को बजट प्रबंधन की जिम्मेदारी मिलनी तय, बनेंगी OMB की निदेशक

प्रशासन के बजट का पूरा प्रबंधन OMB ही देखता है। 50 वर्षीय नीरा टंडन इस पद को संभालने वाली पहली महिला होंगी। जो बायडेन जल्द करेंगे घोषणा।

बेटी हुई तो भी छोड़ा, बेटा के बाद भी छोड़ा… फिर तलाक भी फाइल किया: वाजिद खान की पारसी बीवी का दर्द

वाजिद की माँ के दबाव का असर उनके रिश्ते पर ऐसा पड़ा कि आर्शी (उनकी बेटी) जब ढाई तीन साल की थी, तब वाजिद घर छोड़ गए और...

प्रचलित ख़बरें

दिवंगत वाजिद खान की पत्नी ने अंतर-धार्मिक विवाह की अपनी पीड़ा पर लिखा पोस्ट, कहा- धर्मांतरण विरोधी कानून का राष्ट्रीयकरण होना चाहिए

कमलरुख ने खुलासा किया कि कैसे इस्लाम में परिवर्तित होने के उनके प्रतिरोध ने उनके और उनके दिवंगत पति के बीच की खाई को बढ़ा दिया।

‘बीवी सेक्स से मना नहीं कर सकती’: इस्लाम में वैवाहिक रेप और यौन गुलामी जायज, मौलवी शब्बीर का Video वायरल

सोशल मीडिया में कनाडा के इमाम शब्बीर अली का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें इस्लाम का हवाला देते हुए वह वैवाहिक रेप को सही ठहराते हुए देखा जा सकता है।

‘जय हिन्द नहीं… भारत माता भी नहीं, इंदिरा जैसा सबक मोदी को भी सिखाएँगे’ – अमानतुल्लाह के साथ प्रदर्शनकारियों की धमकी

जब 'किसान आंदोलन' के नाम पर प्रदर्शनकारी द्वारा बयान दिए जा रहे थे, तब आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान वहीं पर मौजूद थे।

मंदिर में जबरन घुस गया मंजूर अली, देवी-देवताओं और पुजारियों को गाली देते हुए किया Facebook Live

मंदिर के पुजारियों और वहाँ मौजूद लोगों ने मंजूर अली को रोकने का प्रयास किया, तब उसने उन लोगों से भी गाली गलौच शुरू कर दिया और...

दिल्ली दंगों के दौरान मुस्लिमों को भड़काने वाला संगठन ‘किसान’ प्रदर्शनकारियों को पहुँचा रहा भोजन: 25 मस्जिद काम में लगे

UAH के मुखिया नदीम खान ने कहा कि मोदी सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे लोगों को मदद पहुँचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

साग खोंट रही दलित ‘प्रीति साहनी’ को अपने पास बुलाया, फिर गला रेत मार डाला: सैयद को UP पुलिस ने किया अरेस्ट

उत्तर प्रदेश के बलिया में अपने ननिहाल गई दलित समुदाय की एक युवती की मुस्लिम समुदाय के एक युवक सैयद ने हत्या कर दी। आरोपित हुआ गिरफ्तार।

AAP की कैंडिडेट या पानी की बोतल: हैदराबाद निकाय चुनावों में आसरा फातिमा की बुर्के वाली पोस्टर वायरल

हैदराबाद निकाय चुनाव में AAP की उम्मीदवार आसरा फातिमा का एक पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह पहचान में ही नहीं आ रहीं।

गाने पर मेरे समुदाय के लोग मुझे दुत्कारते थे: सितारा परवीन ने इंडियन आइडल में बताया, खानदान के लोगों ने भी नहीं दिया साथ

बिहार के एक छोटे से गाँव से आई इंडियन आइडल की सितारा परवीन ने अपने संघर्षों पर बात करते हुए बताया है कि कैसे उन्हें समुदाय का विरोध झेलना पड़ा।

किसान कहीं भी डायरेक्ट बेचे Vs किसान खेत के बाहर कैसे बेचेगा: 6 साल में वीडियो से समझें राहुल गाँधी की हालत

अप्रैल 2014 में राहुल गाँधी ने 'नेटवर्क 18' के अशीत कुणाल के साथ इंटरव्यू में कृषि और किसान पर बात की थी। आज वो कृषि कानून के विरोध में हैं।

13 साल की बच्ची, 65 साल का इमाम: मस्जिद में मजहबी शिक्षा की क्लास, किताब के बहाने टॉयलेट में रेप

13 साल की बच्ची मजहबी क्लास में हिस्सा लेने मस्जिद गई थी, जब इमाम ने उसके साथ टॉयलेट में रेप किया।

गोलियों से भूना, मन नहीं भरा तो बम विस्फोट किया: 32 परिवारों के खून से अबोहर में खालिस्तानियों ने खेली थी होली

पूरी घटना में 22 लोग मौके पर खत्म हो गए, 10 ने अस्पताल में दम तोड़ा, कइयों ने पसलियाँ गँवा दीं, कुछ की अंतड़ियाँ बाहर आ गईं, किसी के पाँव...

‘हिंदू लड़की को गर्भवती करने से 10 बार मदीना जाने का सवाब मिलता है’: कुणाल बन ताहिर ने की शादी, फिर लात मार गर्भ...

“मुझे तुमसे शादी नहीं करनी थी। मेरा मजहब लव जिहाद में विश्वास रखता है, शादी में नहीं। एक हिंदू को गर्भवती करने से हमें दस बार मदीना शरीफ जाने का सवाब मिलता है।”

जब कंगना ने खोज निकाला ‘रनौत’ की कुलदेवी का 1200 वर्ष प्राचीन मंदिर, पैतृक गाँव में की स्थापना

कंगना रनौत ने बताया कि जब वे फिल्मों में आईं और देश-विदेश में यात्राएँ करने लगीं, तो उनकी माँ ने उनसे कहा कुलदेवी की तलाश करने को कहा।

केरल का सिंह, जिससे काँपते थे टीपू और ब्रिटिश: अंग्रेजों ने बताया स्वाभाविक सरदार, इतिहासकारों ने नेपोलियन से की तुलना

केरल में उन्हें सिंह कहा जाता है। इतिहासकार उनकी तुलना नेपोलियन से करते हैं। दुश्मन अंग्रेजों ने उन्हें 'स्वाभाविक नेता' बताया। मैसूर की इस्लामी सत्ता उनसे काँपती थी।

जिस गर्भवती महिला के पेट में लात मारी थी वामपंथी नेता ने, अब वो BJP के टिकट पर लड़ रहीं चुनाव

ज्योत्स्ना जोस ने बीच-बचाव करना चाहा तो उनके हाथ बाँध दिए गए और मारने को कहा गया। उनके पेट पर हमला करने वालों में एक CPIM नेता...

जो बायडेन की टीम में एक और भारतीय: नीरा टंडन को बजट प्रबंधन की जिम्मेदारी मिलनी तय, बनेंगी OMB की निदेशक

प्रशासन के बजट का पूरा प्रबंधन OMB ही देखता है। 50 वर्षीय नीरा टंडन इस पद को संभालने वाली पहली महिला होंगी। जो बायडेन जल्द करेंगे घोषणा।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,493FollowersFollow
358,000SubscribersSubscribe