Monday, September 28, 2020
Home बड़ी ख़बर नाम: राहुल गाँधी, कमजोरी: गणित, परिणाम: कॉन्ग्रेस की पीसी में बीसी

नाम: राहुल गाँधी, कमजोरी: गणित, परिणाम: कॉन्ग्रेस की पीसी में बीसी

फ़ोर्ब्स की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में 18 करोड़ परिवार ऐसे हैं जिनमें ‘प्राइम अर्नर’ (जिसकी आय पर परिवार आश्रित है) की मासिक आय ₹5,000 से कम है। यानी, लगभग 90 करोड़ लोग ऐसे हैं जो राहुल गाँधी जी की गरीबी वाले दायरे में आएँगे।

राहुल गाँधी जब आईना देखते होंगे तो भ्रम में पड़ जाते होंगे कि उनके जिन डिम्पलों की दीवानी आम जनता और चरमसुख पाते बुद्धिजीवी हैं, उनकी संख्या कितनी है। उनकी गिनती और गणित पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ये बात और है कि आदमी ख़ुमारी में हो तो बहुत कुछ याद न रहे, सर दर्द करता हो, दोस्तों से नींबू उधार माँगा जा रहा हो, और जो बोला जा रहा हो, वो एक उदास चेहरे के साथ बोला जाता हो, लेकिन क्यूट चेहरे के साथ कोई राफेल का दाम ₹1600 से ₹1600 करोड़ तक ले जाए, तो लगता है कि गलती कहीं और है।

राहुल गाँधी पैदाइशी नेता हैं, जिनकी कुंडली में बहुत कुछ लिखा हुआ है। शायद यही कारण है कि वो कुछ भी बोलकर निकल लेते हैं, और कॉन्ग्रेस का खड़ाऊँ सर पर लेकर घूमने वाले चाटुकार नेता-प्रवक्ता-पूर्व मंत्री आदि उनकी मूर्खता को जस्टिफाय करने के लिए प्रेस कॉन्फ़्रेंस करते हैं। राफेल पर उन्होंने इतनी बार ग़लतियाँ की कि अब वो स्वयं ही इस पर चर्चा नहीं करते। वैसे, ऑपइंडिया ने उनकी राफेल डील के पीछे पड़ने की असली वजह बता दी थी, तभी से वो शांत पड़ गए थे। 

इंदिरा गाँधी ने ‘गरीबी हटाओ’ का जादुई नारा दिया था और सत्ता में आ गई थीं। फिर कॉन्ग्रेस ने लगातार देश के एक बड़े तबके को वित्तीय व्यवस्था से जानबूझकर दूर रखा, ताकि उनकी माँ-सास-दादी के इस कालजयी नारे को उनकी याद में ज़िंदा रखा जा सके। फिर लगातार कॉन्ग्रेस ने ग़रीबों को गरीब रखा। 

आजकल, कॉन्ग्रेस के बाकी मोहरे पिट जाने के बाद चिरयुवा अध्यक्ष को ग़रीबों की याद फिर से आई है। और जब याद आई है, तो प्रेस को बुलाकर कुछ भी बोलकर राहुल गाँधी चले आए। राहुल गाँधी ने कह दिया कि अगर उनकी सरकार बनी तो वो देश के सबसे ज़्यादा ग़रीब 20% परिवारों को ₹72,000/वर्ष की आमदनी सुनिश्चित करेंगे। सुनने में ये बात लाजवाब लगती है, लेकिन इंदिरा-राजीव-मनमोहन के 30-35 सालों के कार्यकाल के बाद भी भारत में कितने लोग गरीब हैं, ये सुनकर आपके होश उड़ जाएँगे। उस पर चर्चा थोड़ी देर में। 

- विज्ञापन -

राहुल ने जब यह बोल दिया, और फिर कैलकुलेटर लेकर चिदम्बरम सरीखे जानकार लोग बैठे तो पता चला कि आलू से सोना भी बनने लगे, हर खेत में फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाकर, उसकी छतों पर भी खेती की जाए, फिर भी इतना पैसा पैदा करना नामुमकिन हो जाएगा। पैसा पैदा ही करना होगा क्योंकि सब्सिडी समेत कई जन-कल्याणकारी योजनाओं के कारण भारत का फिस्कल डेफिसिट लगभग तीन प्रतिशत रहता ही है। जिसका सीधे शब्दों में अर्थ है कि भारत कमाता सौ रुपए हैं, और ख़र्च ₹103 करता है। इसके ऊपर अगर और फ्री पैसे बाँटने की बात की जाए, तो उसका दबाव और बढ़ेगा।

इस सूचना के साथ यह भी बताया गया कि ये एक ‘टॉप अप’ सुविधा होगी जहाँ परिवारों की आमदनी ₹72,000/वर्ष करने की कोशिश होगी। इसका मतलब है कि अगर आपकी आमदनी प्रतिवर्ष 50,000 है, तो आपको ऊपर से ₹22,000 मिलेगा। इसके बाद कॉन्ग्रेस के डेटा एनालिटिक्स डिपार्टमेंट के प्रवीण चक्रवर्ती ने बताया कि ये टॉप अप नहीं है, नीचे के 20% परिवारों को इतना पैसा मिलेगा ही। प्रवक्ता रणदीप सूरजेवाला ने भी यही बात कही, और कहते-कहते यह भी कह गए कि यह महिलाओं के खाते में जाएगा। 

मालिक कुछ बोलकर निकल लिए, कर्मचारी अलग बोल रहे हैं, चाटुकार उसमें नई बात जोड़ रहे हैं। ये सब तो कॉन्ग्रेस में होता रहता है। लेकिन, ये जो बीस प्रतिशत की बात हुई है, वो किस आधार पर हुई, ये किसी को नहीं पता। जब आप भारत के आँकड़े देखेंगे तो ये ₹12,000/महीने की आय वाले दायरे में कितनी बड़ी जनसंख्या आती है, यह जानकर आपका माइंड इज़ इक्वल टू ब्लोन हो जाएगा। मने, दिमाग ब्रस्ट कर जाएगा। 

वर्ल्ड इनिक्वालिटी डेटाबेस के आँकड़ों के अनुसार भारत में चालीस प्रतिशत जनसंख्या ₹4,000/महीने से कम कमाती है। इसके बाद, अगर माननीय राहुल गाँधी के ₹12,000/महीने की बात की जाए तो भारत की नब्बे प्रतिशत, जी 90%, जनसंख्या उससे कम कमाती है। यह आँकड़ा व्यक्तिगत आय की बात करता है, और हर परिवार से दो लोगों को भी कमाता हुआ माना जाए फिर भी ये जनसंख्या राहुल गाँधी के दायरे से बाहर ही रहेगा।

भारत में औसत मासिक आय

परिवारों की भी बात की जाए तो एक बहुत बड़ा हिस्सा ₹6,000/महीने से कम कमाता है, इसलिए यह कहना कि इस 20% परिवारों को पैसे देने की स्कीम के बाद कोई भी परिवार उससे कम आय वाला नहीं रहेगा, बेतुका लगता है। 

कॉन्ग्रेस ने एक बार फिर ‘आशा’ बेचने की कोशिश की है क्योंकि हाल ही में खत्म हुए चुनावों में ‘कर्ज माफ़ी योजना’ की बात एक वोट लाने वाली योजना की तरह फलित होती दिखी। इसलिए, इस तरह की बात कहकर एक डिबेट शुरु करना कॉन्ग्रेस की नई रणनीति हो सकती है। 

लेकिन यहाँ बात वही है कि पहले कॉन्ग्रेस स्वयं ही इस भ्रम से बाहर निकले कि वो लोग कहना क्या चाहते हैं, और करना क्या चाहते हैं। भारत में ऐसा कोई आँकड़ा इकट्ठा करने की संस्था या तकनीक नहीं है जिससे उन पाँच करोड़ परिवारों का पता लगाया जा सके। सैंपल आधारित सर्वे या जनगणना से आय के बारे में सही डेटा नहीं मिलता।

हमारे पास जो आँकड़े होते हैं, वो ऑर्गेनाइज्ड सेक्टर के हैं। जो एक व्यवस्थित तरीके से काम करते हैं, और जिनकी आमदनी का पता कम्पनियों के माध्यम से चल सकता है, उन्हीं की जानकारी सरकार को मिलती है। जबकि सत्य यह है कि मज़दूरों, छोटे किसानों, या भयंकर गरीबी झेल रहे परिवारों की स्थिति का अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता। 

वर्ल्ड बैंक के आँकड़ों के अनुसार भारत में लगभग 58% जनसंख्या ₹7,000/महीने से कम पर गुज़ारा कर रही है। फ़ोर्ब्स में एडम इन्स्टिट्यूट लंदन के फेलो टिम वोरस्टॉल की (जून 2015) एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में 18 करोड़ परिवार ऐसे हैं जिनमें ‘प्राइम अर्नर’ (जिसकी आय पर परिवार आश्रित है) की मासिक आय ₹5,000 से कम है। अगर हम ऐसे परिवारों के सदस्यों की संख्या औसतन पाँच भी रखें, और कमाने वालों में एक और भी जोड़ दें, तो भी यह आँकड़ा राहुल गाँधी के आँकड़े से बहुत दूर नजर आता है।

कॉन्ग्रेस ने यह भी कहा है कि भारत में 22% लोग गरीब हैं, जिनकी गरीबी उनकी सरकार दूर कर देगी। इस आँकड़े और ₹72,000/वर्ष के आँकड़े में कोई सामंजस्य नहीं है।

खैर, हमेशा की तरह कॉन्ग्रेस ने कुछ कहा ही है, इसे ज़मीनी स्तर पर लाया कैसे जाएगा, इस पर कोई विचार नहीं रखा गया। कहते-कहते यह भी कह दिया कि इसमें राज्यों की भी हिस्सेदारी होगी। मतलब, ये सिर्फ योजना बना देंगे, राज्य कितना प्रतिशत पैसा देगा, ये पैसा कहाँ से आएगा, इस पैसे का उपयोग किस मद में होगा, क्या सब्सिडी हटाई जाएगी, क्या लोक कल्याण से जुड़ी योजनाओं से पैसे काटे जाएँगे, इन सब पर तमाम ट्वीट और प्रेस कॉन्फ़्रेंस के बाद भी कोई क्लैरिटी नहीं है।

अगर अभी की सरकार की बात करें तो सरकार प्रति व्यक्ति, प्रति वर्ष, कुल ₹1,06,800 रुपए कई सब्सिडी वाली स्कीम के ज़रिए ख़र्च करती है। फिर, अगर कॉन्ग्रेस का गणित देखें तो यह समझ में आता है कि इन्होंने बस शिगूफ़ा छोड़ा है, जोड़-घटाव न इनके अध्यक्ष के वश की बात है, न पार्टी की।

प्रेस कॉन्फ़्रेंस ही जब की गई तो वहाँ इसकी पूरी रूपरेखा पर बात की जाती, जहाँ यह समझाया जाता कि भारत की वर्तमान आर्थिक स्थिति के हिसाब से, अगर मई में इन्हें सत्ता मिल जाती है, तो ये पैसा कहाँ से लाएँगे, ऐसे परिवारों की पहचान किस आधार पर करेंगे, कौन सी संस्था आँकड़े लाएगी, कौन-से स्कीम खत्म किए जाएँगे, कहाँ टैक्स बढ़ाया जाएगा, फिस्कल डेफिसिट का टार्गेट क्या होगा…

लेकिन जो पार्टी अपनी बातें और भविष्य की रूपरेखा बताने की जगह अपने पाँच साल सत्ता को कोसने, नए घोटाले गढ़ने, सांप्रदायिक आग लगाने, लोगों को ग़लतबयानी से भरमाने, अपने आप को हिन्दुवादी घोषित करने आदि में झोंक रखा हो, वह पार्टी लोगों को समझाने के लिए गणित और विवेक का प्रयोग कैसे करेगी। उनके लिए तो लोगों को इसी तरह की आसमानी बातें करके बहलाने और झुनझुना पकड़ाने के और कुछ बचा भी नहीं है।

इसलिए, जब मालिक पिछत्तीस बार भी कलाकारी करके निकल जाता है, तो भी गुर्गे सैंपत्तीसवीं बार डैमेज कंट्रोल में तो जुटेंगे ही। इसी कलाकारी को डिफ़ेंड करने की प्रक्रिया को कूल डूडों के शब्दकोश में बीसी कहा गया है। 

इस आर्टिकल का वीडिओ यहाँ देखें:

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारतीhttp://www.ajeetbharti.com
सम्पादक (ऑपइंडिया) | लेखक (बकर पुराण, घर वापसी, There Will Be No Love)

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

एंबुलेंस से सप्लाई, गोवा में दीपिका की बॉडी डिटॉक्स: इनसाइडर ने खोल दिए बॉलीवुड ड्रग्स पार्टियों के सारे राज

दीपिका की फिल्म की शूटिंग के वक्त हुई पार्टी में क्या हुआ था? कौन सा बड़ा निर्माता-निर्देशक ड्रग्स पार्टी के लिए अपनी विला देता है? कौन सा स्टार पत्नी के साथ मिल ड्रग्स का धंधा करता है? जानें सब कुछ।

‘तुम्हारी मौत का समय आ गया है’: नुसरत जहां की देवी दुर्गा वाली तस्वीर देख भड़के कट्टरपंथी

देवी दुर्गा के रूप में टीएमसी सांसद अभिनेत्री नुसरत जहां की तस्वीर देख कट्टरपंथी भड़क उठे और उन्हें मौत की धमकी दी।

असली है करण जौहर की पार्टी का वायरल वीडियो, NCB को मिली फोरेंसिक रिपोर्ट में कई खुलासे

आरोप है कि इस पार्टी में शामिल सितारे ड्रग्स के नशे में थे। एनसीबी ने शनिवार को करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन से जुड़े क्षितिज रवि को भी गिरफ्तार किया था।

व्यंग्य: दीपिका के NCB पूछताछ की वीडियो हुई लीक, ऑपइंडिया ने पूरी ट्रांसक्रिप्ट कर दी पब्लिक

"अरे सर! कुछ ले-दे कर सेटल करो न सर। आपको तो पता ही है कि ये सब तो चलता ही है सर!" - दीपिका के साथ चोली-प्लाज्जो पहन कर आए रणवीर ने...

‘गाँधी-नेहरू मातम मनाओ, हिंदू की मैया मर गई’: निम्रा अली ने लाइव टीवी पर उगला जहर

हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलते हुए निम्रा ने उन्हें ‘बकरी’ कह कर संबोधित किया और विभाजन के दौरान हुई हिंदुओं की मौत का मज़ाक भी बनाया।

युद्ध के हालात लेकिन चीन का प्रचार, आँकड़ों से खेल और फेक न्यूज… आखिर PTI पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा प्रसार भारती

ऐसा मुद्दा जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, उस पर निर्णय लेने में देरी करना तर्क पूर्ण नहीं कहा जा सकता। जिस तरह के हालात बने, ऐसे में...

प्रचलित ख़बरें

‘मुझे सोफे पर धकेला, पैंट खोली और… ‘: पुलिस को बताई अनुराग कश्यप की सारी करतूत

अनुराग कश्यप ने कब, क्या और कैसे किया, यह सब कुछ पायल घोष ने पुलिस को दी शिकायत में विस्तार से बताया है।

‘दीपिका के भीतर घुसे रणवीर’: गालियों पर हँसने वाले, यौन अपराध का मजाक बनाने वाले आज ऑफेंड क्यों हो रहे?

दीपिका पादुकोण महिलाओं को पड़ रही गालियों पर ठहाके लगा रही थीं। अनुष्का शर्मा के लिए यह 'गुड ह्यूमर' था। करण जौहर खुलेआम गालियाँ बक रहे थे। तब ऑफेंड नहीं हुए, तो अब क्यों?

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

ड्रग्स स्कैंडल: रकुल प्रीत ने उगले 4 बड़े बॉलीवुड सितारों के नाम, करण जौह​र ने क्षितिज रवि से पल्ला झाड़ा

NCB आज दीपिका पादुकोण, सारा अली खान और श्रद्धा कपूर से पूछताछ करने वाली है। उससे पहले रकुल प्रीत ने क्षितिज का नाम लिया है, जो करण जौहर के करीबी बताए जाते हैं।

आजतक के कैमरे से नहीं बच पाएगी दीपिका: रिपब्लिक को ज्ञान दे राजदीप के इंडिया टुडे पर वही ‘सनसनी’

'आजतक' का एक पत्रकार कहता दिखता है, "हमारे कैमरों से नहीं बच पाएँगी दीपिका पादुकोण"। इसके बाद वह उनके फेस मास्क से लेकर कपड़ों तक पर टिप्पणी करने लगा।

बेहोश कर पति शादाब के गुप्तांग पर डालती थी Harpic, वसीम के साथ मनाती थी रंगरेलियाँ: आरोपित चाँदनी हिरासत में

महिला ने अपने प्रेमी के साथ रंगरेलियाँ मनाने के लिए अपने पति और तीनों बच्चों को बेहोश कर के एक कमरे में डाल दिया था। पति का गुप्तांग जलाया।

एंबुलेंस से सप्लाई, गोवा में दीपिका की बॉडी डिटॉक्स: इनसाइडर ने खोल दिए बॉलीवुड ड्रग्स पार्टियों के सारे राज

दीपिका की फिल्म की शूटिंग के वक्त हुई पार्टी में क्या हुआ था? कौन सा बड़ा निर्माता-निर्देशक ड्रग्स पार्टी के लिए अपनी विला देता है? कौन सा स्टार पत्नी के साथ मिल ड्रग्स का धंधा करता है? जानें सब कुछ।

अर्जेंटीना: सांसद ने ऑनलाइन सत्र में गर्लफ्रेंड का स्तन चूमा, वीडियो वायरल होने पर दिया इस्तीफा

एक वीडियो वायरल होने के बाद अर्जेंटीना के 47 वर्षीय सांसद जुआन एमिलो एमिरी को संसद के निचले सदन से इस्तीफा देना पड़ा है।

‘तुम्हारी मौत का समय आ गया है’: नुसरत जहां की देवी दुर्गा वाली तस्वीर देख भड़के कट्टरपंथी

देवी दुर्गा के रूप में टीएमसी सांसद अभिनेत्री नुसरत जहां की तस्वीर देख कट्टरपंथी भड़क उठे और उन्हें मौत की धमकी दी।

असली है करण जौहर की पार्टी का वायरल वीडियो, NCB को मिली फोरेंसिक रिपोर्ट में कई खुलासे

आरोप है कि इस पार्टी में शामिल सितारे ड्रग्स के नशे में थे। एनसीबी ने शनिवार को करण जौहर की धर्मा प्रोडक्शन से जुड़े क्षितिज रवि को भी गिरफ्तार किया था।

व्यंग्य: दीपिका के NCB पूछताछ की वीडियो हुई लीक, ऑपइंडिया ने पूरी ट्रांसक्रिप्ट कर दी पब्लिक

"अरे सर! कुछ ले-दे कर सेटल करो न सर। आपको तो पता ही है कि ये सब तो चलता ही है सर!" - दीपिका के साथ चोली-प्लाज्जो पहन कर आए रणवीर ने...

डेढ़ साल में ही दूसरी बीवी नेहा से उब गया आसिफ, खुद मारी गोली और नेहा के भाई पर मढ़ दिया मर्डर का दोष

दिल्ली से बदायूँ लाकर आसिफ ने नेहा को गोली मार दी। फिर पुलिस को बताया कि नेहा को उसके भाई ने ही गोली मारी है, क्योंकि वह शादी से खुश नहीं था।

‘फेमिनिस्ट अंडरवियर नहीं पहनती’: केरल में यूट्यूबर पर महिला ‘एक्टिविस्ट्स’ ने मोटर ऑयल डाला

केरल में यूट्यूबर विजय पी नायर पर महिला 'एक्टिविस्ट्स' ने हमला किया। उनके चेहरे पर मोटर ऑयल डाल दिया और थप्पड़ मारे।

वो घर पर मौज कर रहा है और मुझसे हो रही पूछताछ: अनुराग कश्यप पर FIR कराने वाली पायल ने मुंबई पुलिस पर उठाए...

फिल्मकार अनुराग कश्यप के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाने वाली अभिनेत्री पायल घोष ने मुंबई पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

‘गाँधी-नेहरू मातम मनाओ, हिंदू की मैया मर गई’: निम्रा अली ने लाइव टीवी पर उगला जहर

हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलते हुए निम्रा ने उन्हें ‘बकरी’ कह कर संबोधित किया और विभाजन के दौरान हुई हिंदुओं की मौत का मज़ाक भी बनाया।

‘मैं राजनीति को नहीं समझता, मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ’ – बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडे नीतीश की पार्टी में शामिल

“मैं राजनीति को नहीं समझता। मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ, जिन्होंने अपना समय समाज के निचले तबके के लिए काम करने में बिताया है।”

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,050FollowersFollow
325,000SubscribersSubscribe
Advertisements