Monday, April 19, 2021
Home बड़ी ख़बर रागा का रा-फेल राग: नशे-सी चढ़ गई ओए...

रागा का रा-फेल राग: नशे-सी चढ़ गई ओए…

अब बच गया राफेल और राहुल की पुरानी स्क्रिप्ट के वो पन्ने जिन्हें जीन्स की पिछली जेब में लेकर घूमने से उनकी रीढ़ टूट चुकी है। और जब किसी की रीढ़ टूट चुकी हो तो वो अपने मालिक की कितना ढोएगा, ये समझना बहुत मुश्किल नहीं।

राहुल गाँधी ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस किया। हालाँकि, प्रोपेगेंडा में लिप्त, चोरों के सहारे ‘बड़ी ख़बर’ मैनुफ़ैक्चर करने वाले ‘द हिन्दू’ की साख लगातार गिरती ही जा रही है, लेकिन कॉन्ग्रेस वाले उसकी ख़बर की फ़ोटोकॉपी करके प्रेस कॉन्फ़्रेंस में लहराने से बाज़ नहीं आते। पिछली बार ‘द हिन्दू’ के एन राम ने राफेल को लेकर जो ‘सबूत’ दिए थे, उसे जानबूझकर काट कर पेश किया था ताकि रक्षा मंत्रालय पर सवाल उठे। लेकिन आधे घंटे में पूरी, बिन कटी, तस्वीर आ गई और एन राम का स्तर गिरकर उत्तर भारत के लोकप्रिय अश्लील साहित्य के लेजेंड मस्त राम जितना हो गया।

पिछली ग़लतियों से सीखे बिना, एन राम ने कल राफेल पर ‘नया ख़ुलासा’ किया है। इसमें कोई दो राय नहीं कि इस रिपोर्ट पर भी कुछ निकल कर नहीं आएगा क्योंकि जिस तरह से रिपोर्ट लिखी गई है, उसकी क्लिष्टता से तो यही लगता है कि लिखने वाले ने भ्रमित करने की कोशिश की है। दूसरी बात यह भी है कि जब तक पूरी रिपोर्ट सामने न हो, कुछ हिस्सों को संदर्भ से बाहर निकालकर रखना, देशहित नहीं, डूबते अख़बार को चर्चा में रखने भर का ज़रिया है।

आप यह देखिए कि ऐसी रिपोर्ट कब आती है। राफेल पर रिव्यू पेटिशन पर कल ही सुनवाई होनी थी, और ‘द हिन्दू’ की रिपोर्ट भी उसी दिन आई। उसके बाद क्या हुआ? उसके बाद गिरोह के वकील, प्रशांत भूषण, अख़बार की कतरन को सबूत के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में ले गए, जहाँ सुनवाई का एक बड़ा हिस्सा इस बात पर बर्बाद हुआ कि इस ‘नए सबूत’ को शामिल किया जा सकता है, या नहीं।

आपको लगेगा कि ये सामान्य सी बात है, जबकि ऐसा है नहीं। यही काम इसी गिरोह ने अयोध्या मामले में किया जब वो नया एंगल ले आए कि ‘मस्जिद में नमाज़ पढ़ना इस्लाम का अभिन्न अंग है’, और इस पर खूब समय बर्बाद किया गया। ये मरे हुए घोड़े को ज़िंदा रखने का पुराना तरीक़ा है जिसमें वामपंथी गिरोह को महारत हासिल है। 

कोर्ट के सामने सरकार का पक्ष रखने वाले वकील ने कोर्ट को याद दिलाया कि अगर ये तथाकथित सबूत, जो चोरी से रक्षा मंत्रालय से उड़ाए गए हैं, पब्लिक में आते हैं, तो इसका मतलब भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करना होगा। कारण यह है कि जब दो देश ऐसे समझौते करते हैं तो उनकी कई शर्तें गोपनीय होती हैं, और जब रक्षा मंत्रालय के दस्तावेज चोरी हो रहे हैं, तो कल को राफेल से संबंधित तकनीकी बातें भी पब्लिक में आ सकती हैं, और इससे भविष्य में होने वाले तमाम समझौतों पर असर पड़ेगा। 

‘द हिन्दू’ की टाइमिंग, उनके पास के तथाकथित सबूतों की कतरनें, और उनका प्रयोग एक खास गिरोह द्वारा होना, यह बताता है कि विपक्ष के पास अगर मुद्दा न हो, तो वो किस हद तक जा सकते हैं। एन राम ने अपनी पिछली करतूत के लिए पाठकों से माफ़ी नहीं माँगी है कि आधी तस्वीर क्यों छापी थी। कल को जब ये रिपोर्ट भी वैसी ही साबित होगी, तब भी ये माफ़ी नहीं माँगेंगे क्योंकि इनका काम है आरोप लगाकर गायब हो जाना।

राहुल गाँधी और उनकी पार्टी अब ऐसे ही धंधेबाज़ और अस्तित्व को बचाने के लिए कुछ भी लिखने वाले अख़बारों पर निर्भर है। इसीलिए, उधर रिपोर्ट छपती है, इधर प्रेस कॉन्फ़्रेंस होती है। राहुल गाँधी राफेल पर आज तक 30,000 करोड़ अम्बानी को दे दिए कहते फिर रहे हैं, उधर अम्बानी की कम्पनी दिवालिया हो रही है। अगर मोदी इस तरह का दोस्त है, तो अम्बानी जैसे लोगों को समझना चाहिए कि कैसे दोस्त बनाने चाहिए! 

लेकिन राहुल गाँधी तो राहुल गाँधी हैं, उन्हें सत्य से क्या! जैसे एक नशेड़ी दीन-दुनिया से बेख़बर रहता है, और अचानक से कुछ बोल पड़ता है, या बार-बार एक ही बात बोलता है, वैसे ही राहुल गाँधी भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राफेल में कुछ न पाने के बाद, संसद में निर्मला सीतारमण, अरुण जेटली से लेकर तमाम लोगों द्वारा घंटों चर्चा के बाद भी, इन सब बातों से परे, लगातार एक ही बात रटे जा रहे हैं।

अब उनके ये ‘खुलासे’ इतने बोरिंग हो गए हैं कि न्यूज रूम में ये सोचना पड़ता है कि इस पर अब कैसे लिखा जाए, क्योंकि ये आदमी तो लगातार एक ही बात बोलता है। 

कॉन्ग्रेस की हालत पिछले 14 फ़रवरी के पुलवामा हमलों के बाद ऐसी हो गई है जैसे उनकी पूरी योजना की फ़ाइल किसी ने हाथ से खींच ली हो। प्रियंका की धमाकेदार लॉन्च हुई, रैलियों का प्रोग्राम बना, फिर उसमें राहुल की छवि बेहतर करने के लिए और लोग आए… ये सब चल ही रहा था कि अचानक से स्थिति में बदलाव आया। 

यहाँ कॉन्ग्रेस ने जो लाइन पकड़ी, उससे इन्हें दो तरह से नुकसान हुआ। पहले तो साथ खड़े हुए क्योंकि राजनैतिक दूरदर्शिता यही माँग रही थी। लेकिन दिन भर के बाद ही इनके नेताओं ने उल्टी-सीधी बातें करने में समय लगाना शुरू किया, और जो कैपिटल ये बना रहे थे, वो हाथ से जाता रहा। फिर एयर स्ट्राइक हुए तब तक कॉन्ग्रेस ‘मोदी रैलियाँ कर रहा है’ वाली बात को इतनी बार बोल गई कि उनकी अपनी रैलियों के करने पर भी सवाल उठ जाते।

बहरहाल, हुआ यह कि मोदी ने सेना को अपना काम करने दिया, और खुद अपना काम करते रहे। कॉन्ग्रेस ने एयर स्ट्राइक पर सबूत माँगने से लेकर, अपने नेताओं के मुँह बद करने में नाकामी दिखाई, और स्वयं भी पार्टी के तौर पर ऐसा कुछ नहीं किया कि मोदी या भाजपा को घेर सके, तो इन्होंने जो कोशिश की थी, वो नाकाम हो गई। 

पुलवामा और एयर स्ट्राइक पर सरकार को घेरने की जगह, कॉन्ग्रेस अगर उन चालीस जवानों के घर राहुल-प्रियंका को भेज देती, बीस दिन भी लग जाते, तो अभी तक उनकी स्थिति मजबूत रहती। उनके पास सरकार और मोदी पर ये सवाल पूछने का पूरा हक़ होता कि ‘हम तो परिवारों से मिल रहे हैं, आप रैलियाँ कर रहे हो’। लेकिन कॉन्ग्रेस यहाँ भी मात खा रही है, और अब उन्हें क्षेत्रीय पार्टियों से गठबंधन के नाम पर दो और तीन सीटों का प्रस्ताव मिल रहा है। 

फिर अब बचा क्या? बच गया राफेल और राहुल की पुरानी स्क्रिप्ट के वो पन्ने जिन्हें जीन्स की पिछली जेब में लेकर घूमने से उनकी रीढ़ टूट चुकी है। और जब किसी की रीढ़ टूट चुकी हो तो वो अपने मालिक की कितना ढोएगा, ये समझना बहुत मुश्किल नहीं।

अब राहुल वापस उसी काग़ज़ के टुकड़े से कई काम लेते हैं। दीन-दुनिया से बेख़बरी की दवाई भी उसी काग़ज़ पर रखकर तैयार होती है, स्पीच भी उसी काग़ज़ से पढ़कर देना है, बाद में आँसू भी उसी से पोंछना है। कभी-कभी तो दया आती है इस व्यक्ति पर, लेकिन फिर वो ख़ूनी, लुटेरा पंजा दिखता है भारतीय तिरंगे के तीन रंगों के साथ।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारती
पूर्व सम्पादक (फ़रवरी 2021 तक), ऑपइंडिया हिन्दी

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मनमोहन सिंह का PM मोदी को पत्रः पुराने मुखौटे में कॉन्ग्रेस की कोरोना पॉलिटिक्स को छिपाने की सोनिया-राहुल की नई कवायद

ऐसा लगता है कि कॉन्ग्रेस ने मान लिया है कि सोनिया या राहुल के पत्र गंभीरता नहीं जगा पाते। उसके पास किसी भी तरह के पत्र को विश्वसनीय बनाने का एक ही रास्ता है और वह है मनमोहन सिंह का हस्ताक्षर।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने आज रात से 26 अप्रैल की सुबह तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

मोदी सरकार ने चुपके से हटा दी कोरोना वॉरियर्स को मिलने वाली ₹50 लाख की बीमा: लिबरल मीडिया के दावों में कितना दम

दावा किया जा रहा है कि कोरोना की ड्यूटी के दौरान जान गँवाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 50 लाख की बीमा योजना केंद्र सरकार ने वापस ले ली है।

पंजाब में साल भर से गोदाम में पड़े हैं केंद्र के भेजे 250 वेंटिलेटर, दिल्ली में कोरोना की जगह ‘क्रेडिट’ के लिए लड़ रहे...

एक तरफ राज्य बेड, वेंटिलेंटर और ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं, दूसरी ओर कॉन्ग्रेस शासित पंजाब में वेंटिलेटर गोदाम में बंद करके रखे हुए हैं।

‘F@#k Bhakts!… तुम्हारे पापा और अक्षय कुमार सुंदर सा मंदिर बनवा रहे हैं’: कोरोना पर घृणा की कॉमेडी, जानलेवा दवाई की काटी पर्ची

"Fuck Bhakts! इस परिस्थिति के लिए सीधे वही जिम्मेदार हैं। मैं अब भी देख रहा हूँ कि उनमें से अधिकतर अभी भी उनका (पीएम मोदी) बचाव कर रहे हैं।"

ग्रीन कॉरिडोर बनाकर ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ चलाएगी रेलवे, उद्योगों की आपूर्ति पर रोक: टाटा स्टील जैसी कंपनियाँ भी आईं आगे

ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए रेलवे ने विशेष ट्रेन चलाने का फैसला किया है। कई स्टील कंपनियों ने प्लांट की ऑक्सीजन की आपूर्ति अस्पतालों को शुरू की है।

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

SC के जज रोहिंटन नरीमन ने वेदों पर की अपमानजनक टिप्पणी: वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन की माफी की माँग, दी बहस की चुनौती

स्वामी विज्ञानानंद ने SC के न्यायाधीश रोहिंटन नरीमन द्वारा ऋग्वेद को लेकर की गई टिप्पणियों को तथ्यात्मक रूप से गलत एवं अपमानजनक बताते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणियों से विश्व के 1.2 अरब हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुईं हैं जिसके लिए उन्हें बिना शर्त क्षमा माँगनी चाहिए।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने आज रात से 26 अप्रैल की सुबह तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

ईसाई युवक ने मम्मी-डैडी को कब्रिस्तान में दफनाने से किया इनकार, करवाया हिंदू रिवाज से दाह संस्कार: जानें क्या है वजह

दंपत्ति के बेटे ने सुरक्षा की दृष्टि से हिंदू रीति से अंतिम संस्कार करने का फैसला किया था। उनके पार्थिव देह ताबूत में रखकर दफनाने के बजाए अग्नि में जला देना उसे कोरोना सुरक्षा की दृष्टि से ज्यादा ठीक लगा।

रोजा वाले वकील की तारीफ, रमजान के बाद तारीख: सुप्रीम कोर्ट के जज चंद्रचूड़, पेंडिग है 67 हजार+ केस

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने याचिककर्ता के वकील को राहत देते हुए एसएलपी पर हो रही सुनवाई को स्थगित कर दिया।

जिसने उड़ाया साधु-संतों का मजाक, उस बॉलीवुड डायरेक्टर को पाकिस्तान का FREE टिकट: मिलने के बाद ट्विटर से ‘भागा’

फिल्म निर्माता हंसल मेहता सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस बार विवादों में घिरने के बाद उन्होंने...
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,231FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe