Tuesday, July 14, 2020
Home विचार राजनैतिक मुद्दे 370 का हटना: देश के स्वाभिमान और विकास का सूरज उगना... लेकिन विरोधियों का...

370 का हटना: देश के स्वाभिमान और विकास का सूरज उगना… लेकिन विरोधियों का मुरझाना

अब राज्य में विकास, समता व अधिकार का सूरज निकलेगा तो जनता स्वयं फर्क महसूस करेगी और फिर 70 वर्ष तक उन्हें बुनियादी सुविधाओं, अधिकारों और भागीदारी से वंचित करने वालों से जवाब माँगेगी। यही डर विरोधियों को...

ये भी पढ़ें

Harish Chandra Srivastavahttp://up.bjp.org/state-media/
Spokesperson of Bharatiya Janata Party, Uttar Pradesh

एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संकल्प पूरा हो रहा है। भारत के एकीकरण में जो दृढ़ इच्छाशक्ति लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल ने दिखाई थी, वैसी ही संकल्पबद्धता एवं साहस भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के अभिशाप अनुच्छेद 370 को समाप्त कर प्रदर्शित किया है।

महाराजा हरिसिंह द्वारा 26 अक्टूबर, 1947 को बिना शर्त भारत में रियासत का विलय किया गया था। लेकिन जवाहर लाल नेहरू पर यह आरोप लगते रहे हैं कि वो मजहबी उन्मादियों के नेता शेख अब्दुल्ला के साथ सांठगांठ कर जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग-थलग करने के लिये अनुच्छेद 370 करने का कुचक्र रचने लगे थे।

नेहरू पर षडयंत्र का यह आरोप तब और मजबूत होने लगा, जब भारत की सेना कबाइलियों के वेश में आये पाकिस्तानी सेना के हमलावरों से पूरा कश्मीर का एक—एक इंच वापस लेने के लिये विजयी होती हुई आगे बढ़ रही थी, तभी अचानक उन्होंने अकारण ही एकतरफा युद्ध विराम की घोषणा करके जम्मू-कश्मीर को विवादित बताते हुये स्वयं ही संयुक्त राष्ट्र में जाकर जनमत संग्रह कराने की पहल कराने का प्रस्ताव किया और तत्कालीन उपप्रधानमंत्री व गृह मंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल के राष्ट्रीय एकीकरण की राह एक तरह से बाधा बनते हुए कश्मीर का विषय गृह मंत्रालय से लेकर अपने पास रख लिया।

जब नेहरू ने अचानक 17 अक्टूबर, 1949 को नेहरू ने संसद में अपने कैबिनेट मंत्री गोपालस्वामी अयंगर ने घोषणा करवाई कि वो जम्मू-कश्मीर को अनुच्छेद 370 देना चाहते हैं तो उन पर आरोप गहरा गया। आनन-फानन में बिना पर्याप्त चर्चा के यह अनुच्छेद पारित कर दिया गया।

बाबा साहब अंबेडकर पहले ही अनुच्छेद 370 का विरोध करते हुए इसका प्रारूप तैयार करने से मना कर चुके थे। बाबा साहब ने कहा था कि अनुच्छेद 370 जैसे कानून को तैयार करना और लागू करना देशद्रोह के समान है। किंतु नेहरू नहीं माने और इसका प्रारूप एन गोपालस्वामी अयंगर से तैयार करवाया। हालाँकि नेहरू ने इस धारा को 370 लागू करते समय देश को गुमराह करते हुए कहा कि यह अस्थाई है और जब स्थिति सामान्य होगी तो हट जाएगी, लेकिन जब उन्होंने शेख अब्दुल्ला के साथ मिलकर 1952 में अनैतिक समझौता ‘दिल्ली अग्रीमेंट’ करके अलगाववाद को और ईंधन देने वाली अनुच्छेद 35-ए लागू करने की पृष्ठभूमि तैयार की तो संदेह बढ़ गया कि वो स्वयं ही जम्मू-कश्मीर को शेष भारत से पूर्णतः अलग-थलग करने के षडयंत्रकारी हैं।

भारतीय जनता पार्टी के पूर्ववर्ती संगठन जनसंघ के संस्थापक डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने मुखर विरोध करते हुए कहा कि आर्टिकल 370 व ‘दिल्ली एग्रीमेंट’ से भारत टुकड़ों में बंट रहा है। डॉ मुखर्जी ने जम्मू-कश्मीर को देश की मुख्यधारा से पृथक करने के इस षडयंत्र के विरुद्ध संघर्ष करने का बीड़ा उठाया। उन्होंने इस अनुच्छेद के विरुद्ध भूख हड़ताल की। एक ध्वज, एक विधान और एक प्रधान के नारे के साथ जब वे इसको समाप्त करने की माँग करते हुए आंदोलन के लिए जम्मू-कश्मीर जा रहे थे तो केंद्र की नेहरू और राज्य की शेख अब्दुल्ला की सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और 23 जून 1953 को हिरासत के दौरान ही उनकी रहस्यमय ढंग से हत्या (संदिग्ध मृत्यु) हो गई।

फिर नेहरू ने 1954 में अवैध तरीके एक प्रकार से सांसद व देश की जनता से धोखाधड़ी करते हुए अनुच्छेद 35-ए 11 सितम्बर, 1964 को आर्यसमाज के नेता व सांसद प्रकाशवीर शास्त्री (ओम प्रकाश त्यागी) ने अनुच्छेद 370 को हटाने का एक प्रस्ताव संसद में प्रस्तुत किया।

किंतु तत्कालीन गृहमंत्री गुलजारी लाल नंदा 4 दिसम्बर, 1964 को जवाब में इस विषय को टालते रहे, हालाँकि उन्होंने इतना अवश्य कहा कि इस अनुच्छेद में कमियाँ हैं। तब से न जाने कितनी आँखें जम्मू-कश्मीर पर लगे इस ग्रहण के समाप्त होने का सपना पाले संसार से चली गईं, पर अनुच्छेद 370 का जख्म ठीक होने के बजाय नासूर बनता गया। 70 साल की यह टीस समाप्त किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने। इस धारा को समाप्त करते हुए संसद में अमित शाह ने कहा, ‘यदि 1948 में सेनाओं को छूट दी गई होती तो आज पाक के कब्जे वाला कश्मीर नहीं होता, पूरा कश्मीर ही भारत का अंग होता।

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साहस के कारण अनुच्छेद 370 का कलंक हटा है। साथ ही गृह मंत्री ने स्पष्टता व ढृढ़ता से कहा, ‘मैंने जब भी संसद में जम्मू कश्मीर की बात की है उसमें हमेशा पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर और अक्साई चिन भी शामिल है। नरेंद्र मोदी की सरकार इसे छोड़ने वाली नहीं है। पर नेहरू की ऐतिहासिक भूल को सुधारकर जम्मू-कश्मीर को देश के विकास की मुख्यधारा के साथ एकीकृत करने के इस महान कार्य को कॉन्ग्रेस, पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस सहित अनेक विपक्षी दल सहन नहीं कर पा रहे हैं। देशहित के इतने बड़े कार्य के विरोध के पीछे इन दलों ने जो कारण बताए हैं, वे अविश्वसनीय हैं, भ्रम उत्पन्न करने वाले हैं। विशेषकर स्वयं को राष्ट्रीय पार्टी कहने वाली कॉन्ग्रेस का पाकिस्तान की भाषा बोलना दुर्भाग्यपूर्ण है।

यह प्रश्न उठता है कि जिस विषय पर पूरा देश सरकार के साथ है, उस पर ये दल जनभावना व जनादेश का अपमान करते हुए विरोध करने का दुस्साहस कैसे कर पा रहे हैं? असल में उनके विरोध के कारण कुछ और हैं। इन कारणों में एक तो यह जान पड़ता है कि मजहबी आधार पर जम्मू-कश्मीर में जनांकिकीय असंतुलन बनाकर अलगाववाद व आतंकवाद को प्रश्रय देना, दूसरा कुछ परिवारों का भ्रष्टाचार और तीसरा जम्मू-कश्मीर के लोगों को विकास की धारा से दूर रखना, ताकि वे गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, विकासहीनता के दलदल में पड़े रहकर इन परिवारों के लिये वोटबैंक बने रहें और इनके आगे भीख माँगते हुए इनकी गुलामी करते रहें और इनके भ्रष्टाचार की ओर जनता का ध्यान न जाए।

370 पर चर्चा के समय उत्तर देते हुए लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि वर्ष 2004 से 2019 तक केंद्र सरकार की ओर से इस राज्य को 2 लाख 77 हजार करोड़ रुपए भेजे गए, वर्ष 2011-12 में केंद्र की ओर से देश में जहाँ प्रति व्यक्ति औसत 3683 रुपए भेजे गए वहीं जम्मू-कश्मीर में प्रति व्यक्ति 14255 रुपए गए, किंतु वहाँ की जनता आज भी गरीबी, बदहाली, दुर्दिन में जी रही है।

ये धन कहाँ, किसकी जेब में गया? क्या ये इस बात की पुष्टि नहीं करता है कि विरोधी अनुच्छेद 370 का कवच आतंकवाद और इसके वित्त पोषण एवं कुछ परिवारों के भ्रष्टाचार को संरक्षण देने के लिए चाहते हैं?

बात केवल आर्थिक पक्ष की ही नहीं है। यह अनुच्छेद अमानवीय, लोकतंत्र विरोधी तथा महिला, दलित, आदिवासी और गरीब विरोधी भी थी। इस अनुच्छेद के कारण जम्मू-कश्मीर में बाल विवाह निरोधी कानून लागू नहीं कर सकते थे, जैन व बौद्ध अल्पसंख्यकों के लिये अल्पसंख्यक आयोग नहीं बना सकते थे, अनुसूचित जाति व जनजाति के लिये राजनीतिक आरक्षण नहीं दे सकते थे, बच्चों को शिक्षा का अधिकार लागू नहीं कर सकते थे, भूमि अधिग्रहण अधिनियम लागू नहीं कर सकते थे, राज्य में परिसीमन नहीं कर सकते थे, वाल्मीकि समाज के लाखों सफाईकर्मियों को केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं दे सकते थे, उन्हें नागरिकता तक नहीं दी गई थी, महिलाओं पर परोक्ष रूप से शरीयत लागू करके उनके अधिकार छीन लिए गए थे, राज्य की महिला अपनी इच्छा से राज्य के बाहर विवाह नहीं कर सकती थी।

यह प्रश्न भी समीचीन है कि जब ऐतिहासिक रूप से केंद्रीय धन का अधिकतम भाग जम्मू-कश्मीर को दिया गया, उसके बाद भी यह बुनियादी ढाँचे, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, रोजगार के अवसर आदि जैसे विकास के कार्यों में क्यों नहीं परिलक्षित हुआ है? राज्य देश के अन्य राज्यों की तरह विकसित क्यों नहीं हो पाया?

तुष्टीकरण और वोटबैंक की राजनीति करने वाले दलों के लिए 370 के उन्मूलन का विरोध सैद्धांतिक नहीं, अपितु अवसरवादी और पोल खुलने के भय से उपजा है। क्योंकि वे जानते हैं जम्मू-कश्मीर से इस कलंक के समाप्त होने के बाद अब वहाँ निजी निवेश के द्वार खुल जाएँगे, जिससे वहाँ विकास की संभावना बढ़ेगी। निवेश में वृद्धि से रोजगार सृजन में वृद्धि होगी और राज्य में सामाजिक-आर्थिक बुनियादी ढाँचे में और सुधार होगा।

उद्योगों के विकास के लिये निजी लोगों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों से निवेश आएगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। केंद्र की योजनाओं का सीधा लाभ राज्य की जनता को मिलेगा। अब राज्य में विकास, समता व अधिकार का सूरज निकलेगा तो जनता स्वयं फर्क महसूस करेगी और फिर 70 वर्ष तक उन्हें बुनियादी सुविधाओं, अधिकारों और भागीदारी से वंचित करने वालों से जवाब माँगेगी। यही डर विरोधियों को अनुच्छेद 370 के अभिशाप को हटाने का विरोध करने को मजबूर कर रहा है।

लेखक राजनीतिक व सामाजिक विश्लेषक हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Harish Chandra Srivastavahttp://up.bjp.org/state-media/
Spokesperson of Bharatiya Janata Party, Uttar Pradesh

ख़ास ख़बरें

दलित हॉस्टल की जमीन पर कॉन्ग्रेस का ‘कब्जा’, गाँधी वाली 3478 वर्ग मीटर ED ने की अटैच

बांद्रा ईस्ट इलाके में स्थित ये जमीन साल 1983 में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को मिली थी। जिसे बाद में व्यावसायिक भूमि में तब्दील कर दिया गया। साल 2017 के हिसाब से इसकी कीमत 262 करोड़ रुपए होती है।

सचिन पायलट डिप्टी CM और PCC प्रेसिडेंट पद से बर्खास्त, गहलोत खेमे के विधायकों ने की थी कार्रवाई की माँग

जयपुर के फेयरमोंट होटल में चल रही कॉन्ग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक में उपस्थित 102 विधायकों ने माँग की है कि सचिन पायलट को पार्टी से हटा दिया जाना चाहिए।

रात में प्रियंका गाँधी के 4 कॉल, चिदंबरम भी रहे तैनात: सचिन पायलट नहीं उठा रहे अन्य कॉन्ग्रेसी नेताओं के फोन

प्रियंका गाँधी और चिदंबरम ने कई बार बात की। दूसरी बार कॉन्ग्रेस की बैठक हुई ही इसीलिए क्योंकि सचिन पायलट को पार्टी जाने नहीं देना चाहती है।

6 मारे गए, 4 गिरफ्तार: विकास दुबे के घर से मिले पुलिस से लूटे हथियार, 11 आरोपित अभी भी फरार

एडीजी (लॉ एंड आर्डर) प्रशांत कुमार ने बताया कि विकास दुबे के घर से पुलिस से लूटी गई एके-47 राइफल और 17 कारतूस बरामद किए गए।

‘प्वाइंट ब्लैंक रेंज’ से गोली, पोस्टमॉर्टम के दौरान डॉक्टर भी दंग: PM रिपोर्ट से विकास दुबे की हैवानियत सामने

विकास दुबे के साथ हुए एनकाउंटर के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, CO देवेंद्र मिश्रा को 4 गोली मारी, जिनमें से 1 सिर में, एक छाती में और 2 पेट में लगी।

UP के बाद अब MP में चला बुल्डोजर: बच्चियों संग रेप आरोपित प्यारे मियाँ का मैरिज हॉल ध्वस्त

पत्रकार प्यारे मियाँ फिलहाल फरार है। उस पर 30,000 रुपए की इनामी राशि रखी गई है। साथ ही भोपाल स्थित उसके मैरिज हॉल को ध्वस्त कर दिया गया।

प्रचलित ख़बरें

22 लोगों के लिए नौकरी, सब सीट पर मुस्लिमों की भर्ती: पश्चिम बंगाल या पाकिस्तान का ऑफिस? – Fact Check

22 के 22 सीटों पर जिन लोगों का चयन हुआ है, वो सब मुस्लिम हैं। पश्चिम बंगाल के नाडिया जिले में हुई चयन प्रक्रिया को लेकर सोशल मीडिया में...

कट्टर मुस्लिम किसी के बाप से नहीं डरता: अजान की आवाज कम करने की बात पर फरदीन ने रेप की धमकी दी

ये तस्वीर आशी ने ट्विटर पर 28 जून को शेयर की थी। इसके बाद सुहेल खान ने भी आशी के साथ अभद्रता से बात की थी ।

‘मोदी का चमचा अमिताभ क्यों हुआ अस्पताल में भर्ती?’ – हिंदुओं से नफरत करने वाले प्रोफेसर ने उगला जहर

अशोक स्वैन के ट्विटर से गुजरते हुए मालूम चलता है कि उन्हें केवल हिंदुओं से नफरत नहीं है। बल्कि चीनियों के प्रति भी उनके मन में अपार प्रेम है।

‘पाकिस्तान और बांग्लादेश का राष्ट्रगान याद करो’ – शिक्षिका शैला परवीन ने LKG और UKG के बच्चों को दिया टास्क

व्हाट्सप्प ग्रुप में पाकिस्तान और बांग्लादेश का राष्ट्रगान पोस्ट किया गया। बच्चों के लिए उन मुल्कों के राष्ट्रगान का यूट्यूब वीडियो डाला गया।

टीवी और मिक्सर ग्राइंडर के कचरे से ‘ड्रोन बॉय’ प्रताप एनएम ने बनाए 600 ड्रोन: फैक्ट चेक में खुली पोल

इन्टरनेट यूजर्स ऐसी कहानियाँ साझा कर रहे हैं कि कैसे प्रताप ने दुनिया भर के विभिन्न ड्रोन एक्सपो में कई स्वर्ण पदक जीते हैं, 87 देशों द्वारा उसे आमंत्रित किया गया है, और अब पीएम मोदी के साथ ही डीआरडीपी से उन्हें काम पर रखने के लिए कहा गया है।

‘लॉकडाउन के बाद इंशाअल्लाह आपको पीतल का हिजाब पहनाया जाएगा’: AMU की छात्रा का उत्पीड़न

AMU की एक छात्रा ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि रहबर दानिश और उसके साथी उसका उत्पीड़न कर रहे। उसे धमकी दे रहे।

दलित हॉस्टल की जमीन पर कॉन्ग्रेस का ‘कब्जा’, गाँधी वाली 3478 वर्ग मीटर ED ने की अटैच

बांद्रा ईस्ट इलाके में स्थित ये जमीन साल 1983 में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को मिली थी। जिसे बाद में व्यावसायिक भूमि में तब्दील कर दिया गया। साल 2017 के हिसाब से इसकी कीमत 262 करोड़ रुपए होती है।

सचिन पायलट डिप्टी CM और PCC प्रेसिडेंट पद से बर्खास्त, गहलोत खेमे के विधायकों ने की थी कार्रवाई की माँग

जयपुर के फेयरमोंट होटल में चल रही कॉन्ग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठक में उपस्थित 102 विधायकों ने माँग की है कि सचिन पायलट को पार्टी से हटा दिया जाना चाहिए।

रात में प्रियंका गाँधी के 4 कॉल, चिदंबरम भी रहे तैनात: सचिन पायलट नहीं उठा रहे अन्य कॉन्ग्रेसी नेताओं के फोन

प्रियंका गाँधी और चिदंबरम ने कई बार बात की। दूसरी बार कॉन्ग्रेस की बैठक हुई ही इसीलिए क्योंकि सचिन पायलट को पार्टी जाने नहीं देना चाहती है।

हेट स्पीच मामले में कपिल मिश्रा समेत इन BJP नेताओं को मिली राहत, पुलिस ने कहा- दंगे भड़काने के नहीं मिले कोई सबूत

हलफनामे में कहा गया कि दिल्ली पुलिस इन नेताओं के भाषणों की पड़ताल कर रही हैं। अगर दंगों से जुड़े किसी भी नेक्सस का खुलासा इसके पीछे होता है तो......

छत्रपति शिवाजी का मजाक उड़ाने वाली कॉमेडियन को इम्तियाज शेख उर्फ़ उमेश दादा ने दी रेप की धमकी, गिरफ्तार

मुंबई के नालासोपारा से इम्तियाज शेख को गिरफ़्तार किया गया है, जिसने शिवाजी का अपमान करने वाली अग्रिमा जोशुआ को रेप के लिए धमकाया था।

कब्र से निकाल कर फेंका नवजात बच्ची का शव, बांग्लादेश में अहमदियों को बताया ‘काफिर’

हमदिया मुस्लिम जमात की स्थानीय इकाई अध्यक्ष एसएम इब्राहिम लगातार अलग-अलग मस्जिदों के मौलवियों को इसके लिए जिम्मेदार बता रहे हैं।

6 मारे गए, 4 गिरफ्तार: विकास दुबे के घर से मिले पुलिस से लूटे हथियार, 11 आरोपित अभी भी फरार

एडीजी (लॉ एंड आर्डर) प्रशांत कुमार ने बताया कि विकास दुबे के घर से पुलिस से लूटी गई एके-47 राइफल और 17 कारतूस बरामद किए गए।

आजीवन कारावास वाले कैदी सहित अर्बन नक्सलियों को जेल से छोड़ो, उनको महामारी हो जाएगी: CPI (M)

अपनी माँग में CPI (M) ने अर्बन नक्सलियों को ‘मानवाधिकार कार्यकर्ता’ बताते हुए हर व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गंभीरता से चिंता जताई है।

रफीक ने किया दलित लड़की का रेप, उसके परिवार ने बनाया गर्भपात का दबाव: परेशान हो कर ली खुदकुशी

लखीमपुर खीरी पुलिस का इस संबंध में कहना है कि उन्होंने इस मामले में FIR दर्ज कर ली थी और आरोपित युवक भी 7 जुलाई को गिरफ्तार हो गया था।

‘प्वाइंट ब्लैंक रेंज’ से गोली, पोस्टमॉर्टम के दौरान डॉक्टर भी दंग: PM रिपोर्ट से विकास दुबे की हैवानियत सामने

विकास दुबे के साथ हुए एनकाउंटर के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, CO देवेंद्र मिश्रा को 4 गोली मारी, जिनमें से 1 सिर में, एक छाती में और 2 पेट में लगी।

हमसे जुड़ें

239,243FansLike
63,514FollowersFollow
274,000SubscribersSubscribe