Friday, June 25, 2021
Home विचार सामाजिक मुद्दे राम मंदिर पर फ़ैसले की घड़ी में यह गोधरा दोहराने की साज़िश तो नहीं?...

राम मंदिर पर फ़ैसले की घड़ी में यह गोधरा दोहराने की साज़िश तो नहीं? अनुच्छेद 370 से भड़के हुए हैं कट्टरपंथी

सुब्रह्मण्यन स्वामी की बातें सच हो या नहीं लेकिन उनकी आशंका ज़रूर वाजिब है। क्योंकि जिन ताकतों ने, जिस विचारधारा ने कमलेश तिवारी की हत्या की है वे घात लगाए बैठे हैं। राम मंदिर पर हिंदुओं के हक में फैसला आने पर वे फिर से शिकार पर निकल सकते हैं।

राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है। जहाँ तक सुप्रीम कोर्ट में दोनों पक्षों की बहस की बात है, जिन लोगों ने क़रीब से देखा-सुना है, इतिहास और साक्ष्य हिंदुओं के पक्ष में दिखता है। इसी साल अगस्त की शुरुआत में मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त कर दिया। एनआरसी को लेकर बहस चल रही है। ऐसे में कमलेश तिवारी की हत्या किसी बड़ी साज़िश का हिसस तो नहीं है? सुब्रह्मण्यन स्वामी के एक ट्वीट से भी इस आशंका को बल मिलता है।

वरिष्ठ भाजपा नेता सुब्रह्मण्यन स्वामी ने अपनी ट्वीट में माँग की है कि कमलेश तिवारी हत्याकांड की जाँच एनआईए से कराई जानी चाहिए। स्वामी का अर्थ ये है कि भले ही पुलिस ने इस हत्याकांड में किसी आतंकी संगठन का हाथ होने से इनकार किया हो, लेकिन इसे अंजाम देने वाले ज़रूर आतंकी विचारधारा से प्रेरित हैं। स्वामी आगे लिखते हैं कि कट्टरपंथी मुस्लिम अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद से ही कोई बड़ा दंगा कराने की फ़िराक़ में थे लेकिन वो बुरी तरह विफल रहे। इसीलिए, कमलेश तिवारी की हत्या ऐसे नाजुक समय में किसी बड़ी साज़िश की तरफ इशारा करती है।

स्वामी के इस ट्वीट का विश्लेषण करें तो कई एंगल निकल कर आते हैं। सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे पोस्ट्स का जब हमने अध्ययन किया तो पाया कि कई लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नाराज़गी जता रहे थे और भाजपा की आलोचना कर रहे थे, क्योंकि उनके मुताबिक़ भाजपा सरकार कमलेश तिवारी की सुरक्षा में विफल रही और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रयास नहीं किए गए। क्या इसे एक साज़िश का हिस्सा नहीं मान सकते? कट्टरपंथी इस्लामी ताक़तें ज़रूर चाहती होंगी कि भाजपा के कोर वोटर यानी हिन्दुओं का अपने ही सरकार से मोहभंग हो। और ऐसा करने के लिए किसी हिंदूवादी नेता की हत्या कर दी गई।

कट्टरपंथी इस्लामिक शक्तियों का इरादा यह हो सकता है कि भाजपा के अपने ही वोटर सरकार से भड़क जाएँ क्योंकि कमलेश तिवारी मामले में सरकार जो भी कार्रवाई करेगी, भावनात्मक रूप से इस संवेदनशील मामले से ख़ुद को जुड़ा महसूस कर रहे हिन्दुओं को कम ही लगेगा और वे सरकार की आलोचना करेंगे ही। वोटर पार्टी से नाराज़ होंगे तो भाजपा दबाव महसूस करेगी और कमज़ोर होगी। ऐसे मौक़ों पर छोटी-मोटी घटनाओं को भी बड़ा बना कर पेश किए जाने की मीडिया व जनता के एक वर्ग की परंपरा रही है, जिससे नाराज़गी और बढ़ेगी। राम मंदिर के हक़ में फ़ैसला आने के बाद राम मंदिर निर्माण को लेकर भी अड़ंगा डालने की यह एक कोशिश हो सकती है।

इलाहबाद हाईकोर्ट में राम मंदिर की सुनवाई के दौरान कमलेश तिवारी भी पक्षकार थे। ऐसे में इस हत्याकांड से राम मंदिर को जोड़ना की अतिशयोक्ति नहीं है। पुलिस यह साफ़ कर चुकी है कि इस हत्याकांड को इसीलिए अंजाम दिया गया, क्योंकि हत्यारे 4 साल पहले उनके पैगम्बर मोहम्मद पर की गई टिप्पणी से नाराज़ थे। यह भी गौर करने वाली बात है कि कमलेश तिवारी ने ऐसे ही बयान नहीं दिया था। असल में सपा नेता आज़म ख़ान ने आरएसएस के सभी कार्यकर्ताओं को समलैंगिक बता दिया था, जिसके जवाब में कमलेश तिवारी ने टिप्पणी की थी। कई लोगों का तो यह भी पूछना है कि उसी मामले में अगर कमलेश तिवारी जेल जा सकते हैं तो आज़म ख़ान पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

हर एक्शन का एक रिएक्शन होता है। इस्लामिक कट्टरपंथियों को इस बात की कोई परवाह नहीं होगी अगर दंगे होते हैं और मुस्लिम भी मारे जाते हैं। चूँकि इस हत्याकांड की साज़िश क़रीब 2 महीने से रची जा रही थी, इस सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि कमलेश तिवारी की हत्या के साथ-साथ इसके और भी दूरगामी खतरनाक उद्देश्य हो सकते हैं। यूपी पुलिस के डीजीपी ने कहा है कि अभी और राज़ खुलने बाकी हैं। जाहिर है, पूछताछ में जैसे-जैसे चीजें निकलती जाएँगी, सार्वजनिक रूप से भी लोगों को इस बारे में पता चलता जाएगा। ये भले ही बड़ी साज़िश हो या छोटी, कमलेश तिवारी इसकी बलि चढ़ा चुके हैं।

गोधरा दंगे की तर्ज कर दंगे भड़काने की कोशिश की जा सकती है क्योंकि राम मंदिर मामले में फ़ैसला हिन्दुओं के पक्ष में आता दिख रहा है। अनुच्छेद 370 और एनआरसी से बौखलाए इस्लामिक कट्टरपंथी अभी तक शांत थे या फिर शांत रहने को मजबूर थे, क्योंकि सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पाकिस्तान से घुसपैठ को लगातार नाकाम किया जा रहा था और यूपी में तो अपराधियों के लगातार एनकाउंटर हो रहे थे। हाल ही में ख़बर आई थी कि पाकिस्तान ने हिज़्बुल, लश्कर और जमात को अलग-अलग टास्क सौंपे हैं। आपको याद है कि इसमें से एक टास्क कुछ ख़ास नेताओं को निशाना बनाना भी था?

चूँकि पुलिस इस मामले में किसी आतंकी संगठन का हाथ होने से इनकार कर चुकी है, लेकिन इसकी गारंटी कोई नहीं दे सकता कि ये किसी आतंकी विचारधारा से प्रेरित न रहे हों। केरल से आईएसआईएस में शामिल होने वालों में सभी मुस्लिम हैं। एनआईए ने एक आतंकी साजिश रच रहे युवक को दबोचा, जिसके पास से ज़ाकिर नाइक की सीडी मिली। पैगम्बर मुहम्मद पर टिप्पणी के बाद उन इस्लामिक फेसबुक ग्रुप्स में कमलेश तिवारी के ख़िलाफ़ भड़काऊ चीजें ज़रूर शेयर हुई होंगी, जिन ग्रुप्स में अभी जश्न मनाया जा रहा। व्हाट्सप्प पर मैसेज जानबूझकर सर्कुलेट किए गए होंगे। मुस्लिमों को गुस्सा दिलाया गया होगा, उन्हें भड़काया गया होगा।

सुब्रह्मण्यन स्वामी की बातें सच हो या नहीं लेकिन उनकी आशंका ज़रूर वाजिब है। क्योंकि जिन ताकतों ने, जिस विचारधारा ने कमलेश तिवारी की हत्या की है वे घात लगाए बैठे हैं। राम मंदिर पर हिंदुओं के हक में फैसला आने पर वे फिर से शिकार पर निकल सकते हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
चम्पारण से. हमेशा राइट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया इम्पैक्ट: स्कूल में हिंदू बच्चों से नमाज पर एक्शन में NCPCR, फतेहपुर के DM-SP से रिपोर्ट तलब

ऑपइंडिया ने इस स्कूल में अंग्रेजी की टीचर रहीं कल्पना सिंह के हवाले से पूरे प्रकरण को उजागर किया था।

मुस्लिम प्रोफेसर के संपर्क में आकर MBA पास ऋचा बनी माहीन अली, लौटकर घर नहीं आई: सैलरी से मस्जिद को देती है ₹75000

इस्लाम अपनाने वाली ऋचा अब ट्रेनर बन गई है। अब वह खुद छात्राओं और महिलाओं को धर्मांतरण के लिए प्रेरित कर रही है।

3 महीने-10 बार मालिक, अनिल देशमुख को दिए ₹4 करोड़: रिपोर्ट्स में दावा, ED ने नागपुर-मुंबई के ठिकानों पर मारे छापे

ईडी सूत्रों के हवाले से कहा गया मुंबई के 10 बार मालिकों ने तीन महीने के भीतर अनिल देशमुख को 4 करोड़ रुपए दिए थे।

‘कुरान को UP पुलिस ने नाले में फेंका’ – TheWire ने चलाई फर्जी खबर, बाराबंकी मस्जिद विध्वंस मामले में FIR दर्ज

UP पुलिस ने बाराबंकी अवैध मस्जिद के संबंध में एक वीडियो डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से गलत सूचना का प्रचार करने को लेकर द वायर के खिलाफ...

मोगा हत्याकांड: RSS के 25 स्वयंसेवकों ने बलिदान देकर खालिस्तानी आतंकियों की तोड़ी थी ‘कमर’

25 जून की सुबह मोगा में RSS की शाखा, सामने खालिस्तानी आतंकी... बावजूद कोई भागा नहीं। ध्वज उतारने से इनकार करने पर गोलियाँ खाईं लेकिन...

दिल्ली सरकार ने ऑक्सीजन जरूरत को 4 गुना बढ़ा कर दिखाया… 12 राज्यों में इसके कारण संकट: सुप्रीम कोर्ट पैनल

सुप्रीम कोर्ट की ऑक्सीजन ऑडिट टीम ने दिल्ली के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता को चार गुना से अधिक बढ़ाने के लिए केजरीवाल सरकार को...

प्रचलित ख़बरें

‘सत्यनारायण और भागवत कथा फालतू, हिजड़ों की तरह बजाते हैं ताली’: AAP नेता का वीडियो वायरल

AAP की गुजरात इकाई के नेता गोपाल इटालिया का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वे हिन्दू परंपराओं का अपमान करते दिख रहे हैं।

फतेहपुर के अंग्रेजी मीडियम स्कूल में हिंदू बच्चे पढ़ते थे नमाज: महिला टीचर ने खोली मौलाना उमर गौतम के धर्मांतरण गैंग की पोल

फतेहपुर के नूरुल हुदा इंग्लिश मीडियम स्कूल में मौलाना उमर के गिरोह की सक्रियता का खुलासा वहाँ की ही एक महिला टीचर ने किया है।

‘अपनी मर्जी से मंतोष सहनी के साथ गई, कोई जबरदस्ती नहीं’ – फजीलत खातून ने मधुबनी अपहरण मामले पर लगाया विराम

मधुबनी जिले के बिस्फी की फजीलत खातून के कथित अपहरण मामले में नया मोड़। फजीलत खातून ने खुद ही सामने आकर बताया कि वो मंतोष सहनी के साथ...

TMC के गुंडों ने किया गैंगरेप, कहा- तेरी काली माँ न*गी है, तुझे भी न*गा करेंगे, चाकू से स्तन पर हमला: पीड़ित महिलाओं की...

"उस्मान ने मेरा रेप किया। मैं उससे दया की भीख माँगती रही कि मैं तुम्हारी माँ जैसी हूँ मेरे साथ ऐसा मत करो, लेकिन मेरी चीख-पुकार उसके बहरे कानों तक नहीं पहुँची। वह मेरा बलात्कार करता रहा। उस दिन एक मुस्लिम गुंडे ने एक हिंदू महिला का सम्मान लूट लिया।"

‘हरा$ज*, हरा%$, चू$%’: ‘कुत्ते’ के प्रेम में मेनका गाँधी ने पशु चिकित्सक को दी गालियाँ, ऑडियो वायरल

गाँधी ने कहा, “तुम्हारा बाप क्या करता है? कोई माली है चौकीदार है क्या हैं?” डॉक्टर बताते भी हैं कि उनके पिता एक टीचर हैं। इस पर वो पूछती हैं कि तुम इस धंधे में क्यों आए पैसे कमाने के लिए।

‘हर चोर का मोदी सरनेम क्यों’: सूरत की कोर्ट में पेश हुए राहुल गाँधी, कहा- कटाक्ष किया था, अब याद नहीं

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी सूरत की एक अदालत में पेश हुए। मामला 'सारे मोदी चोर' वाले बयान पर दर्ज आपराधिक मानहानि के मामले से जुड़ा है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
105,845FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe