Tuesday, December 1, 2020
Home विचार सामाजिक मुद्दे तख्ती गैंग, मौलवी क़ुरान पढ़ाने के बहाने जब रेप करता है तो कौन सा...

तख्ती गैंग, मौलवी क़ुरान पढ़ाने के बहाने जब रेप करता है तो कौन सा मज़हब शर्मिंदा होगा?

आज हमें कहना चाहिए कि दीनी तालीम के नाम पर बलात्कार करने वाले एक मौलवी के मजहब का रंग हरा था। सुरक्षित रहने का यही उपाय है कि हम रंगों की पहचान करना सीख सकें, ठीक उसी तरह जिस तरह से तख्ती-गैंग और मेनस्ट्रीम मीडिया ने पहचाना है।

उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की मस्जिद में नमाज पढ़ाने वाले मौलाना ने 9 साल की बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया। यह घटना इतने चुपके से सामने आई है कि मेनस्ट्रीम मीडिया को अपने दफ्तर से विवेकाधीन अवकाश लेना पड़ा। आनन-फानन में छुट्टियाँ घोषित कर कर्मचारियों को घर भेज दिया गया।

हर दूसरी घटना में ‘दलित-हिन्दू-जय श्री राम’ के नारे तलाशने वाले कद्दावर जर्नलिस्ट भी कविता करते नजर आने लगे। इस सबके अलावा एक और बड़े गैंग ने अपने-अपने क्षेत्र में नकार दिए जाने के बाद सामाजिक मुद्दों पर अभिव्यक्ति प्रकट करने की जिम्मेदारी अपनाई थी। लेकिन वो भी आज नदारद ही चल रहा है। इन सबके अंतर्ध्यान होने की बड़ी वजह है। बड़ी वजह यह है कि नौ साल की बच्ची का बलात्कार करने वाला एक मौलवी है, जिसे बच्ची के माँ-बाप ने रोजाना घर पर इसलिए बुलाया था, ताकि वो उनकी बच्ची को ‘दीनी तालीम’ यानी, नमाज पढ़ना और उर्दू सिखा सके।

यह बात सही है कि दुष्कर्म/अपराध करने वालों का कोई मजहब नहीं होता है। अपराध सामाजिक घटनाओं, परिवेश और कुछ विक्षिप्त मानसिक प्रवृत्ति की ही परिणीति होती है। लेकिन हमने देखा है कि एक वर्ग है जो इन विषयों पर ‘अच्छी बातें’ तो खूब करना जाता है, लेकिन वह उसे अपनाने से बचता है। इस तख्ती-गैंग और आदर्श लिबरल-गैंग ने हमारे सामने अनेक उदाहरण पेश किए हैं, जिनसे हमें यह प्रमाण मिलते हैं कि अपराध का भी मजहब होता है।

मौलाना मोहम्मद अफजल नाम का यह बलात्कारी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नमाज पढ़ाने का काम करता है। यदि सोशल मीडिया पर दिन-रात हिन्दुओं के प्रतीकों को अपमानित करने के लिए कमर कस कर बैठे इस आदर्श लिबरल गैंग का ही अनुसरण किया जाए, तो क्या आज हमें नमाज से लेकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के बोर्ड पर कॉन्डोम नहीं लटका देने चाहिए?

हर दूसरी घटना में भगवा और हिन्दू प्रतीकों को घुसेड़ देने वाले लोगों को क्या बलात्कारी मौलाना की हरकत में हरा रंग नजर नहीं आ रहा है? क्या ‘दीनी तालीम’ सीखाने वाले इस मौलवी को अदालत द्वारा सजा के रूप में सार्वजानिक स्थान पर उस तालीम का विरोध करने के लिए बाध्य नहीं करना चाहिए, जिसका सहारा लेकर उसने अपनी विक्षिप्त मानसिकता का शिकार एक नाबालिग को बनाया है?

हर दूसरे झूठे नैरिटिव को अपने मीडिया प्रमुखों के जरिए फैलाकर खुद तख्ती उठाने वाले इस गिरोह को अगर आज 9 साल की बच्ची का बलात्कार करने वाले मौलाना का विरोध करने के लिए तख्तियों की कमी पड़ रही है, तो मैं अपनी सुन्दर हैंडराइटिंग में दर्जन भर या आवश्यकतानुसार उन्हें तख्तियाँ सप्लाई करवाने के लिए तैयार हूँ। वो कैंडल, जिन्हें यह तख्ती गैंग सुविधानुसार छुपा कर रख लेता है, मैं वो भी उपलब्ध करवाने के लिए तैयार हूँ। बशर्ते, वो 9 साल की बच्ची के बलात्कार की घटना को बलात्कार करने वाले मौलवी की धार्मिक पहचान से बढ़कर समझने का हौसला दिखा सकें।

लेकिन हम सब जानते हैं कि उनके लिए यह नामुमकिन है। बात चाहे हस्तमैथुन और ऑर्गेज़्म के जरिए महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाली स्वरा भास्कर की हो या फिर उन्हीं के जैसी काम के अभाव में सोशल मीडिया पर एक्टिविस्ट्स बने फिर रहे अन्य मीडिया गिरोह हों, सब जानते हैं कि उन्हें कब कैंडल बाहर निकालनी है और किन घटनाओं का विरोध करना है।

हालात ये हैं कि मेरे जैसे किसी आम व्यक्ति को यदि किसी अपराध में शामिल आरोपित के बारे में जानना हो, तो मैं सिर्फ इन गिने-चुने दोहरे व्यक्तित्व के धनी लोगों की प्रतिक्रिया देखकर भी जान सकता हूँ। सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का दावा करने वाले ये लोग किस प्रकार से हर दूसरी घटना में मनगढंत तरीके से हिन्दूवादी संगठनों को अपमानित करते आए हैं, इसका उदाहरण हम देखते आए हैं।

यह भी पढ़िए: मदरसे में पढ़ने गई थी 8 साल की बच्ची, मौलवी ने किया बलात्कार

जिस तरह से कठुआ में हुई रेप की घटना के बाद यह मीडिया गिरोह और तख्तीबाज अपने अपने बिलों से बाहर निकलकर एक घटना में ‘मंदिर-हिन्दू-पुजारी’ जैसे शब्दों को गढ़ने का प्रयास कर रहे थे, इस तरह से आज हमें कहना चाहिए कि दीनी तालीम के नाम पर बलात्कार करने वाले एक मौलवी के मजहब का रंग हरा था और जिस तालीम को सिखाने के नाम पर उसने यह घिनौना कृत्य किया है, उसके बारे में ज्यादा कुछ कहने की गुंजाइश बाकी रह ही नहीं जाती है।

यह भी पढ़िए: AMU की मस्जिद में नमाज पढ़ाने वाले मौलाना ने 9 साल की बच्ची को बनाया हवस का शिकार

मेनस्ट्रीम मीडिया अपनी बोई हुई फसल काटने के लिए बाध्य है। उसने बिना सोचे समझे 1,000 में से किसी एक अपराध में हिन्दू या फिर ‘जय श्री राम’ के नारे का बहाना बनाकर अपनी विषैली मानसिकता को शांत करने का प्रयास किया लेकिन समाज अब उसका भुगतान एक लम्बे समय तक करता रहेगा। सवाल भी किए जाएँगे, कोई उनका जवाब देने के लिए बाध्य हो या न हो।

सवाल पूछने के शौक़ीन अब दोतरफा संवाद के इस दौर में सवालों से बौखलाने भी लगे हैं। उनकी भड़ास अब उपहास में तब्दील हो चुकी है। आप उत्पात और उपद्रव की सीमा सोच भी नहीं सकते हैं कि इसी देश-काल-वातावरण में तब क्या हो रहा होता अगर यही घटना किसी दूसरे समुदाय से जुड़ी होती। लेकिन आज कोई उपद्रव, हो-हल्ला नहीं होगा। आज उनके प्राइम टाइम में गोबर से गैस बनाने की विधि सिखाई जानी तय की गई होगी। या हो सकता है कि अम्बानी इस समय देश में कौन-कौन से प्रोजेक्ट चला रहे हैं इस पर भी विश्लेषण देखने को मिल जाए। लेकिन, ‘मौलवी-नमाज-AMU’ ये शब्द आज शब्दकोश से मिटा दिए जाएँगे।

फिलहाल, मौलवी को POCSO Act के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन उस तालीम और उस जगह के बारे में अवश्य सोचते रहिए, जहाँ-जहाँ से ये शख्स गुजरा था। जहाँ-जहाँ 9 साल की बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाने वाला मौलाना मोहम्मद अफजल दीनी तालीम के नाम पर नमाज पढ़ाता और उर्दू सिखाता था। उन सभी संस्थाओं, चाहे वो घर हो या यूनिवर्सिटी हो, सबको शक की नजर से देखना शुरू कर दीजिए। सुरक्षित रहने का यही उपाय है कि हम रंगों की पहचान करना सीख सकें, ठीक उसी तरह जिस तरह से तख्ती-गैंग और मेनस्ट्रीम मीडिया ने पहचाना है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

आशीष नौटियाल
पहाड़ी By Birth, PUN-डित By choice

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

BARC के रॉ डेटा के बिना ही ‘कुछ खास’ को बचाने के लिए जाँच करती रही मुंबई पुलिस: ED ने किए गंभीर खुलासे

जब दो BARC अधिकारियों को तलब किया गया, एक उनके सतर्कता विभाग से और दूसरा IT विभाग से, दोनों ने यह बताया कि मुंबई पुलिस ने BARC से कोई भी रॉ (raw) डेटा नहीं लिया था।

भीम-मीम पहुँच गए किसान आंदोलन में… चंद्रशेखर ‘रावण’ और शाहीन बाग की बिलकिस दादी का भी समर्थन

केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लाए गए कृषि सुधार कानूनों को लेकर जारी किसानों के 'विरोध प्रदर्शन' में धीरे-धीरे वह सभी लोग साथ आ रहे, जो...

‘गलत सूचनाओं के आधार पर की गई टिप्पणी’: ‘किसान आंदोलन’ पर कनाडा के PM ने जताई चिंता तो भारत ने दी नसीहत

जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि स्थिति चिंताजनक है और कनाडा हमेशा शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन का समर्थन करता है और वो इस खबर को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते।

हिंदुओं और PM मोदी से नफरत ने प्रतीक सिन्हा को बनाया प्रोपगेंडाबाज: 2004 की तस्वीर शेयर करके 2016 में उठाए सवाल

फैक्ट चेक के नाम पर प्रतीक सिन्हा दुनिया को क्या परोस रहे हैं, इसका खुलासा @befittigfacts नाम के सक्रिय ट्विटर यूजर ने अपने ट्वीट में किया है।

‘दिल्ली और जालंधर किसके साथ गई थी?’ – सवाल सुनते ही लाइव शो से भागी शेहला रशीद, कहा – ‘मेरा अब्बा लालची है’

'ABP न्यूज़' पर शेहला रशीद अपने पिता अब्दुल शोरा के आरोपों पर सफाई देने आईं, लेकिन कठिन सवालों का जवाब देने के बजाए फोन रख कर भाग खड़ी हुईं।
00:30:50

बिहार के किसान क्यों नहीं करते प्रदर्शन? | Why are Bihar farmers absent in Delhi protests?

शंभू शरण शर्मा बेगूसराय इलाके की भौगोलिक स्थिति की जानकारी विस्तार से देते हुए बताते हैं कि छोटे जोत में भिन्न-भिन्न तरह की फसल पैदा करना उन लोगों की मजबूरी है।

प्रचलित ख़बरें

मेरे घर में चल रहा देश विरोधी काम, बेटी ने लिए ₹3 करोड़: अब्बा ने खोली शेहला रशीद की पोलपट्टी, कहा- मुझे भी दे...

शेहला रशीद के खिलाफ उनके पिता अब्दुल रशीद शोरा ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बेटी के बैंक खातों की जाँच की माँग की है।

13 साल की बच्ची, 65 साल का इमाम: मस्जिद में मजहबी शिक्षा की क्लास, किताब के बहाने टॉयलेट में रेप

13 साल की बच्ची मजहबी क्लास में हिस्सा लेने मस्जिद गई थी, जब इमाम ने उसके साथ टॉयलेट में रेप किया।

‘दिल्ली और जालंधर किसके साथ गई थी?’ – सवाल सुनते ही लाइव शो से भागी शेहला रशीद, कहा – ‘मेरा अब्बा लालची है’

'ABP न्यूज़' पर शेहला रशीद अपने पिता अब्दुल शोरा के आरोपों पर सफाई देने आईं, लेकिन कठिन सवालों का जवाब देने के बजाए फोन रख कर भाग खड़ी हुईं।

‘हिंदू लड़की को गर्भवती करने से 10 बार मदीना जाने का सवाब मिलता है’: कुणाल बन ताहिर ने की शादी, फिर लात मार गर्भ...

“मुझे तुमसे शादी नहीं करनी थी। मेरा मजहब लव जिहाद में विश्वास रखता है, शादी में नहीं। एक हिंदू को गर्भवती करने से हमें दस बार मदीना शरीफ जाने का सवाब मिलता है।”

दिवंगत वाजिद खान की पत्नी ने अंतर-धार्मिक विवाह की अपनी पीड़ा पर लिखा पोस्ट, कहा- धर्मांतरण विरोधी कानून का राष्ट्रीयकरण होना चाहिए

कमलरुख ने खुलासा किया कि कैसे इस्लाम में परिवर्तित होने के उनके प्रतिरोध ने उनके और उनके दिवंगत पति के बीच की खाई को बढ़ा दिया।

‘बीवी सेक्स से मना नहीं कर सकती’: इस्लाम में वैवाहिक रेप और यौन गुलामी जायज, मौलवी शब्बीर का Video वायरल

सोशल मीडिया में कनाडा के इमाम शब्बीर अली का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें इस्लाम का हवाला देते हुए वह वैवाहिक रेप को सही ठहराते हुए देखा जा सकता है।

दिल्ली में आंदोलन के बीच महाराष्ट्र के किसानों ने नए कृषि कानूनों की मदद से ₹10 करोड़ कमाए: जानें कैसे

महाराष्ट्र में किसान उत्पादक कंपनियों (FPCs) की अम्ब्रेला संस्था MahaFPC के अनुसार, चार जिलों में FPCs ने तीन महीने पहले पारित हुए कानूनों के बाद मंडियों के बाहर व्यापार से लगभग 10 करोड़ रुपए कमाए हैं।

बाइडन-हैरिस ने ओबामा के साथ काम करने वाले माजू को बनाया टीम का खास हिस्सा, कई अन्य भारतीयों को भी अहम जिम्मेदारी

वर्गीज ने इन चुनावों में बाइडन-हैरिस के कैंपेन में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर की जिम्मेदारी संभाली थी और वह पूर्व उप राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार भी रह चुके हैं।

‘किसान आंदोलन’ के बीच एक्टिव हुआ Pak, पंजाब के रास्ते आतंकी हमले के लिए चीन ने ISI को दिए ड्रोन्स’: ख़ुफ़िया रिपोर्ट

अब चीन ने पाकिस्तान को अपने ड्रोन्स मुहैया कराने शुरू कर दिए हैं, ताकि उनका इस्तेमाल कर के पंजाब के रास्ते भारत में दहशत फैलाने की सामग्री भेजी जा सके।

BARC के रॉ डेटा के बिना ही ‘कुछ खास’ को बचाने के लिए जाँच करती रही मुंबई पुलिस: ED ने किए गंभीर खुलासे

जब दो BARC अधिकारियों को तलब किया गया, एक उनके सतर्कता विभाग से और दूसरा IT विभाग से, दोनों ने यह बताया कि मुंबई पुलिस ने BARC से कोई भी रॉ (raw) डेटा नहीं लिया था।

भीम-मीम पहुँच गए किसान आंदोलन में… चंद्रशेखर ‘रावण’ और शाहीन बाग की बिलकिस दादी का भी समर्थन

केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लाए गए कृषि सुधार कानूनों को लेकर जारी किसानों के 'विरोध प्रदर्शन' में धीरे-धीरे वह सभी लोग साथ आ रहे, जो...

‘गलत सूचनाओं के आधार पर की गई टिप्पणी’: ‘किसान आंदोलन’ पर कनाडा के PM ने जताई चिंता तो भारत ने दी नसीहत

जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि स्थिति चिंताजनक है और कनाडा हमेशा शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन का समर्थन करता है और वो इस खबर को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते।
00:14:07

कावर झील पक्षी विहार या किसानों के लिए दुर्भाग्य? Kavar lake, Manjhaul, Begusarai

15000 एकड़ में फैली यह झील गोखुर झील है, जिसकी आकृति बरसात के दिनों में बढ़ जाती है जबकि गर्मियों में यह 3000-5000 एकड़ में सिमट कर...

शादी से 1 महीने पहले बताना होगा धर्म और आय का स्रोत: असम में महिला सशक्तिकरण के लिए नया कानून

असम सरकार ने कहा कि ये एकदम से 'लव जिहाद (ग्रूमिंग जिहाद)' के खिलाफ कानून नहीं होगा, ये सभी धर्मों के लिए एक समावेशी कानून होगा।

‘अजान महाआरती जितनी महत्वपूर्ण, प्रतियोगता करवा कर बच्चों को पुरस्कार’ – वीडियो वायरल होने पर पलट गई शिवसेना

अजान प्रतियोगिता में बच्चों को उनके उच्चारण, ध्वनि मॉड्यूलेशन और गायन के आधार पर पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कारों के खर्च का वहन शिवसेना...

हिंदुओं और PM मोदी से नफरत ने प्रतीक सिन्हा को बनाया प्रोपगेंडाबाज: 2004 की तस्वीर शेयर करके 2016 में उठाए सवाल

फैक्ट चेक के नाम पर प्रतीक सिन्हा दुनिया को क्या परोस रहे हैं, इसका खुलासा @befittigfacts नाम के सक्रिय ट्विटर यूजर ने अपने ट्वीट में किया है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,494FollowersFollow
358,000SubscribersSubscribe